MHD-14 · June 2025 · हिन्दी

IGNOU MHD-14 June 2025 Previous Year Question Paper (हिन्दी)

हिन्दी उपन्यास (प्रेमचंद का विशेष अध्ययन) (Hindi Novel - Special Study of Premchand)

Structured previous year question paper for MHD-14, June 2025 session (Hindi medium).

Questions: 6

Verified: 26 Jul 2026

मुद्रित पृष्ठों की संख्या : 5 MHD-14

हिन्दी में स्नातकोत्तर उपाधि (एम. ए. हिन्दी)

सत्रांत परीक्षा

जून, 2025

एम.एच.डी.-14 : हिन्दी उपन्यास-1

(प्रेमचंद का विशेष अध्ययन)

समय : 2 घण्टे अधिकतम अंक : 50

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(i) प्रथम प्रश्न अनिवार्य है।

(ii) शैष में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

Q1.निम्नलिखित गद्यांशों में से किन्‍्हीं दो की सन्दर्भ सहित व्याख्या कीजिए : 2x10=20

(क) हमको अपने संगीत पर गर्व है। जो लोग इटली और फ्रांस के संगीत से परिचित हैं, वे भी भारतीय गान के बाद, रस और आनन्दमय शान्ति के कायल हैं, किन्तु काल की गति! वही संस्था जिसकी जड़ खोदने पर हमारे कुछ सुधारक तुले हुए हैं, इस पवित्र-इस स्वर्गीय धन की अध्यक्षिणी बनी हुई है। क्या आप इस संस्था का सर्वनाश करके अपने पूर्वजों के अमूल्य धन को इस निर्देयता से धूल में मिला देंगे ?

(ख) किसान कुली बनकर कभी अपने भाग्य-विधाता को धन्यवाद नहीं दे सकता, उसी प्रकार जैसे कोई आदमी व्यापार का स्वतंत्र सुख भोगने के बाद नौकरी की पराधीनता को पसन्द नहीं कर सकता। संभव है कि अपनी हीनता उसे कुली बने रहने पर मजबूर करे; पर मुझे विश्वास है कि वह इस दासता से मुक्त होने का अवसर पाते ही तुरन्त अपने घर की राह लेगा और फिर उसी टूटे-फूटे झोंपड़े में अपने बाल-बच्चों के साथ रहकर संतोष के साथ कालक्षेप करेगा।

(ग) उसके मन में एक तरंग उठी कि मैं भी जाकर गानेवालों के साथ गाने लगती। भाँति-भाँति के उदगार उठने लगे-मैं किसी दूसरे देश में जाकर भारत का आर्त्तनाद सुनाती। यहीं खड़ी होकर कह दूँ, मैं अपने को भारत-सेवा के लिए समर्पित करती हूँ। अपने जीवन के उद्देश्य पर एक व्याख्यान देती-हम भाग्य के दुखड़े रोने के लिए, अपनी अवनत दशा पर आँसू बहाने के लिए नहीं बनाए गए हैं।

(घ) रतन ने दृढ़ता से कहा-मुझे उस दशा में भी तुमसे माँगने में संकोच न होगा। मैत्री परिस्थितियों का विचार नहीं करती। अगर यह विचार बना रहे, तो समझ लो मैत्री नहीं है। ऐसी बातें करके तुम मेरा द्वार बंद कर रही हो। मैंने मन में समझा था, तुम्हारे साथ जीवन के दिन काट दूँगी, लेकिन तुम अभी से चेतावनी दिए देती हो। अभागों को प्रेम की भिक्षा भी नहीं मिलती।

Q2.“साहित्य जीवन की आलोचना है।” इस कथन के आलोक में प्रेमचंद के कथा साहित्य का मूल्यांकन कीजिए।

Q3.“प्रेमाश्रम” उपन्यास के आधार पर ज्ञानशंकर की चारित्रिक विशेषताओं पर प्रकाश डालिए।

Q4.“रंगभूमि' का उद्देश्य स्पष्ट कीजिए ।

Q5.“ “गबन! एक चरित्र प्रधान उपन्यास है।” तर्कसंगत विश्लेषण कीजिए।

Q6.निम्नलिखित में से किन्हीं दो पर टिप्पणियाँ लिखिए :

(क) 'गबन' की भाषा

(ख) 'रंगभूमि' में अंग्रेज

(ग) अवध का किसान आन्दोलन और प्रेमचंद

(घ) 'सेवासदन' की औपन्यासिकता