MHD-14 · June 2016 · हिन्दी
IGNOU MHD-14 June 2016 Previous Year Question Paper (हिन्दी)
हिन्दी उपन्यास (प्रेमचंद का विशेष अध्ययन) (Hindi Novel - Special Study of Premchand)
Structured previous year question paper for MHD-14, June 2016 session (Hindi medium).
Questions: 5
Verified: 26 Jul 2026
हिन्दी में स्नातकोत्तर उपाधि (एम.ए. हिन्दी)
—— सत्रांत परीक्षा
bo 446 जून, 2016
एम.एच.डी.-14 : हिन्दी उपन्यास-1 (प्रेमचंद का विशेष अध्ययन)
समय : 2 घण्टे अधिकवम अंक : 50
नोट: ग्रथम अछ अनिवार्य है । शेष में से किन्हीं तीन अरनों के उत्तर
दीजिए /
Q1.निम्नलिखित में से किन्हीं क्ो गद्यांशों की संदर्भ-सहित व्याख्या कीजिए : 2x10=20
(क) मैं कैसी हतभांगिनी हूँ । एक वे स्त्रियाँ हैं, जो आराम से तकिया लगाए सो रही हैं, लौंडियाँ पैर दबाती हैं । एक मैं हूँ कि यहाँ बैठी हुई अपने नसीब को रो रही हूँ । मैं यह सब दुःख क्यों झेलती हूँ ? एक झोंपड़ी में टूटी खाट पर सोती हूँ, सूखी रोटियाँ खाती हूँ । नित्य घुड़कियाँ सुनती हूँ, क्यों ? मर्यादापालन के लिए ही न ? लेकिन संसार मेरे इस मर्यादा-पालन को क्या समझता है ?
(ख) चरित्रोन्नति के लिए भी विविध प्रकार की परिस्थितियाँ अनिवार्य हैं । दरिद्रता को काला नाग क्यों समझें ? चरित्र संगठन के लिए यह सम्पत्ति से कहीं महत्त्वपूर्ण है । यह मनुष्य में दृढ़ता और संकल्प, दया और सहानुभूति के भाव उदय करती है । प्रत्येक अनुभव चरित्र के किसी-न-किसी अंग की पुष्टि करता है, यह प्राकृतिक नियम है ।
(ग) तुम मुझ पर यह मिथ्या दोषारोपण करते हो । मैं जनता के लिए सत्य से मुँह नहीं मोड़ सकता । सत्य मुझे देश और जाति, दोनों से प्रिय है । जब तक मैं समझता था कि प्रजा सत्य-पक्ष पर है, मैं उसकी रक्षा करता था । जब मुझे विदित हुआ कि उसने सत्य से मुँह मोड़ लिया, मैंने भी उससे मुँह मोड़ लिया । मुझे रियासत के अधिकारियों से कोई आंतरिक विरोध नहीं है । मैं वह आदमी नहीं हूँ कि हुक्काम को न्याय पर देखकर भी अनायास उनसे बैर करूँ और न मुझसे यही हो सकता है कि प्रजा को विद्रोह और दुराग्रह पर तत्पर देखकर भी ; उसकी हिमायत करूँ |
(घ) जिससे तुम अपनी बुरी-से-बुरी बात न कह सको, उससे तुम प्रेम नहीं कर सकते । हाँ, उसके साथ विहार कर सकते हो, विलास कर सकते हो । उसी तरह जैसे कोई वेश्या के पास जाता है । वेश्या के पास लोग आनंद उठाने ही जाते हैं, कोई उससे मन की बात कहने नहीं
Q2.प्रेमचन्द की साहित्यिक मान्यताओं की समीक्षा कीजिए ।
Q3.जालपा का चरित्र-चित्रण कीजिए ।
Q4.ंगभूमि' पर गाँधीजी की जीवन-दृष्टि का प्रभाव कहाँ तक दिखाई देता है ? तर्क-सहित उत्तर दीजिए ।
Q5.मध्यवर्गीय मानसिकता की दृष्टि से स्मानाथ के चरित्र का मूल्यांकन कीजिए ।