MHD-14 · December 2019 · हिन्दी

IGNOU MHD-14 December 2019 Previous Year Question Paper (हिन्दी)

हिन्दी उपन्यास (प्रेमचंद का विशेष अध्ययन) (Hindi Novel - Special Study of Premchand)

Structured previous year question paper for MHD-14, December 2019 session (Hindi medium).

Questions: 5

Verified: 26 Jul 2026

हिन्दी में स्नातकोत्तर उपाधि (एम.ए. हिन्दी)

सत्रांत परीक्षा, 2019

एम.एच.डी.-14 : हिन्दी उपन्यास-1

(प्रेमचंद का विशेष अध्ययन)

समय : 2 घण्टे अधिकतम अंक : 50

नोट : पहला और छठा प्रश्न अनिवार्य है। शेष में से किन्हीं दो प्रश्नों

के उत्तर दीजिए।

ee नन नरम सन नस पर न न न ननन+»+

Q1... निम्नलिखित गद्यांशों में से किन्हीं दो की संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए : [2x10=20] _&) इसमें संदेह नहीं कि वह विलास की सामग्रियों पर जान देती थी, लेकिन इन सामग्रियों की प्राप्ति के लिए जिस बेहयाई की जरूरत थी, वह. उसके लिए असहय थी और कभी-कभी एकान्त में वह अपनी वर्तमान दशा की पूर्वावस्था से तुलना किया करती थी। वहाँ यह टीमटाम न थी, किन्तु वह अपने समाज में आदर की दृष्टि से देखी जाती थी। . : वह अपनी पड़ोसिनों के सामने अपनी कुलीनता पर गर्व कर सकती थी, अपनी धार्मिकता और भक्तिभाव का रोब जमा सकती थी।

(3) कुआर की धूप थी, देह से चिनगारियाँ निकलती थीं, पसीने की थारें बहती थीं; किन्तु वह सिर तक न उठाता था। बलराज कभी खेत में आता, कभी पेड़ के नीचे जा बैठता, कभी चिलम पीता। एक ही अग्नि दोनों के हृदय में प्रज््वलित थी, एक ओर सुलगती हुई, दूसरी ओर दहकती हुई। एक ओर वायु के वेग से चंचल, दूसरी ओर निर्बलता से निश्चले।

(ग) हमारा साम्राज्य तभी तक अजेय रह सकता है, जब तक प्रजा पर हमारा आतंक छाया रहे, जब तक वह हमें अपना हितचिन्तक, अपना रक्षक अपना आश्रय समंझती रहे, जब तक हमारे न्याय पर उसका अटल विश्वास हो। जिस दिन प्रजा के दिल से हमारे प्रति विश्वास उठ जाएगा, उसी दिन हमारे साम्राज्य का अंत हो जाएगा। अगर साम्राज्य को रखना ही हमारे जीवन का उद्देश्य है तो व्यक्तिगत भावों और विचारों का यहाँ कोई महत्व नहीं।

(घ) हाँ, यह वास्तव में यात्रा ही थी - अंधेरे से उजाले की, मिथ्या से सत्य की। मन में सोच रही थी, अब यदि ईश्वर की दया हुई और वह फिर लौटकर घर आएं, तो वह इस .._ तरह रहेगी कि थोड़े-से-थोड़े में निर्वाह हो जाय। एक पैसा भी व्यर्थ न खर्च करेगी। अपनी मजदूरी के ऊपर एक कौड़ी भी घर में न आने देगी। आज से उसके नए जीवन ः का आरंभ होगा।

Q2... प्रेमचंद अपने विचारों में प्रगतिशील और मानवधर्मी थे! इस कथन ; को विश्लेषित कीजिए... [10]

Q3... 'सेवासदन! में व्यक्त प्रेमचंद की रचना दृष्टि पर प्रकाश डालिए।

Q4... प्रेमाश्रम” के आधार पर तत्कालीन कृषक-समाज में व्याप्त शोषण के विविध रूपों का विवेचन कीजिए। (ण . 5... जॉनसेवक की घारित्रिक विशेषताओं को उद्घाटित कीजिए। [10]

Q5... निम्नलिखित में से किन्हीं दो पर टिप्पणियाँ लिखिए : [25-10]

(क) प्रेमशंकर का चरित्र

(a) mae अंतर्वस्तु ;

(ग) प्रेमचंद की जीवन-दृष्टि :

(घ) “रंगभूमि' में आदर्शोन्मुख यथार्थवाद