MHD-14 · June 2023 · हिन्दी

IGNOU MHD-14 June 2023 Previous Year Question Paper (हिन्दी)

हिन्दी उपन्यास (प्रेमचंद का विशेष अध्ययन) (Hindi Novel - Special Study of Premchand)

Structured previous year question paper for MHD-14, June 2023 session (Hindi medium).

Questions: 6

Verified: 26 Jul 2026

हिन्दी में स्नातकोत्तर उपाधि ( एम. ए. हिन्दी )

सत्रांत परीक्षा

जून, 2028

एम.एच.डी.-14 : हिन्दी उपन्यास--1

( प्रेमचंद का विशेष अध्ययन )

समय :2 घण्टे अधिकतम अंक : 50

नोट : प्रथम प्रश्न अनिवार्य है। शेष में से किन्हीं तीन

प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

Q1.निम्नलिखित गद्यांशों में से किन्हीं दो की संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए : 2x 10=20

(क) जब जाह्नवी के स्नेह व्यवहार से वह प्रसन्न होते, तो उन्हें सुमम की कथा कहने की बड़ी तीक्र आकांक्षा होती। हृदय सागर में तरंगें उठने लगतीं, लेकिन परिणाम को सोचकर रुक जाते थे। आज [...] (this portion is being re-verified) Acad [...] (this portion is being re-verified) की स्नेहपूर्ण बातों ने उमानाथ को निःशंक कर दिया, पेट में बात रुक न सकी। जैसे किसी नाली में रुकी हुई वस्तु भीतर से पानी का बहाव पाकर बाहर निकल पड़े उन्होंने जाह्वी से सारी कथा बयान कर दी।

(ख) कुआर की धूप थी, देह से चिनगारियाँ निकलती थीं, पसीने की धारें बहती थीं; किन्तु वह सिर तक न उठाता था। बलराज कभो खेत में आता, कभी पेड़ के नीचे जा बैठता, कभी चिलम पीता। एक ही अग्नि दोनों के हृदय में प्रज्ज्लित थी, एक ओर सुलगती हुई, दूसरी ओर दहकती हुई।

(ग) सत्य मुझे देश और जाति, दोनों से प्रिय है। जब तक मैं समझता था कि प्रजा सत्य-पक्ष पर है, मैं उसकी रक्षा करता था। जब मुझे विदित हुआ कि उसने सत्य से मुँह मोड़ लिया, मैंने भी उससे मुँह मोड़ लिया। मुझे रियासत के अधिकारियों से कोई आंतरिक विरोध नहीं है। मैं वह आदमी नहीं हूँ कि हुक्काम के न्याय पर देखकर भी अनायास उनसे बैर करूँ और न मुझसे यही हो सकता है कि प्रजा को विद्रोह और दुराग्रह पर तत्पर देखकर भी उसकी हिमायत करूँ।

(घ) जालपा रुंधे हुए स्वर में बोली-कारण यही है कि अम्माजी इसे खुशी से नहीं दे रही हैं, बहुत संभव है कि इसे भेजते समय वह रोई भी हों और इसमें तो कोई संदेह ही नहीं कि इसे वापस पाकर उन्हें सच्चा आनंद होगा। देने वाले का हृदय देखना चाहिए। पम से यदि वह मुझे एक oem दे दें, तो मैं दोनों हाथों से ले लूँ। जब दिल पर जब्र करके दुनिया की लाज से या किसी के धिककारने से दिया, तो क्‍या दिया। दान भिखारिनियों को दिया जाता है। मैं किसी का दान

Q2.प्रेमचंद के कहानी संबंधी विचारों को विश्लेषित कौजिए।

Q3.“सेवासदन' में निहित समस्याओं का विवेचन कीजिए।10

Q4.“प्रेमाश्रम' के औपन्यासिक शिल्प पर प्रकाश डालिए।

Q5.“रंगभूमि” के आधार पर सूरदास एवं गांधीजी के विचारों की समानताओं एवं असमानताओं पर विचार कीजिए।

Q6.निम्नलिखित में से किन्हीं दा पर टिप्पणियाँ लिखिए :

(क) “गबन' में अभिव्यक्त राष्ट्रोय आंदोलन

(ख) प्रेमचंद पर विचारधाराओं का प्रभाव

(ग) “सेवासदन' में प्रेमचंद की रचनादृष्टि

(a) “प्रेमशंकर' की चारित्रिक विशेषताएँ