MHD-14 · December 2023 · हिन्दी
IGNOU MHD-14 December 2023 Previous Year Question Paper (हिन्दी)
हिन्दी उपन्यास (प्रेमचंद का विशेष अध्ययन) (Hindi Novel - Special Study of Premchand)
Structured previous year question paper for MHD-14, December 2023 session (Hindi medium).
Questions: 6
Verified: 26 Jul 2026
मुद्रित पृष्ठों की संख्या : 4 MHD-14
हिन्दी में स्नातकोत्तर उपाधि ( एम. ए. हिन्दी )
सत्रांत परीक्षा
दिसम्बर, 2023
एम.एच.डी.-14 : हिन्दी उपन्यास-ा
( प्रेमचंद का विशेष अध्ययन )
समय : 2 घण्टे अधिकतम अंक : 50
नोट: प्रश्न क्र. 1 अनिवार्य है। शेष में से किन्हीं तीन
प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
Q1.निम्नलिखित गद्यांशों में से किन््हीं दो की संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए ; 2x10=20
(क)जब हम गृहस्थ-आश्रम में प्रवेश करते हैं, जब हमारे पैरों में धर्म की बेडी पड़ती है, जब हम सांसारिक कर्त्तव्य के सामने अपने सिर को झुका देते हैं, जब जीवन का भार और उनकी चिन्ताएँ हमारे सिर पर पड़ती हैं; तो ऐसे पवित्र संस्कार पर हमको गाम्भीर्य से काम लेना चाहिए। यह कितनी निर्दयता है जिस समय हमारा आत्मीय युवक ऐसा कठिन ब्रत धारण कर रहा हो, उस समय हम आनन्दोत्सव मनाने बैठें। वह इस गुरुतर भार से दबा जाता हो और हम नाच-रंग में मस्त हों।
(ख)बन्धनों के दिन अब नहीं रहे, यह अबाध, उदार, विराट उन्नति का समय हे। त्याग और बहिष्कार उस समय के लिए उपयुक्त था, जब लोग संसार को असार, स्वप्नवत् समझते थे। यह सांसारिक उन्नति का काल है। धर्माधर्म का, विचार संकीर्णता का द्योतक है। सांसारिक उन्नति हमारा अभीष्ट है।
(ग) लज्जा अत्यन्त निर्लज्ज होती है। अंतिम काल में भी जब हम समझते हैं कि उसकी उलटी साँसें चल रही हैं, वह सहसा चैतन्य हो जाती है और पहल से भी अधिक कर्त्तव्यशील हो जाती है। हम दुरवस्था में पड़कर किसी मित्र से सहायता की याचना करने को घर से निकलते हं, लेकिन मित्र से आँखें चार होते ही लज्जा हमारे सामने आकर खड़ी हो जाती है और हम इधर-उधर की बातें करके लौट आते हैं।
(घ) मानव-जीवन की सबसे महान् घटना कितनो शांति के साथ घटित हो जाती है। वह विश्व का एक महान अंग, वह महत्वाकांक्षाओं का प्रचंड सागर, वह उद्योग का अनंत भंडार, वह प्रेम और द्वेष, सुख और दु:ख का लीला-क्षेत्र, वह बुद्धि और बल की रंगभूमि न जाने कब और कहाँ लीन हो जाती है, किसी को खबर नहीं होती है। एक हिचकी भी नहीं, एक उच्छवास भी नहीं, एक आह भी नहीं निकलती। सागर की हिलोरों का कहाँ अंत होता हे, कौन बता सकता है।
Q2.प्रेमचन्द की साहित्य विषयक मान्यताओं की समीक्षा कीजिए।
Q3.“सुमन' की चारित्रिक विशिष्टताओं को चित्रित कीजिए।
Q4.“प्रेमाश्रम/ के औपन्यासिक शिल्प का विश्लेषण कीजिए।
Q5.“गबन' उपन्यास में प्रेमचंद का रचनात्मक उद्दश्य क्या है ? विस्तार से लिखिए।
Q6.निम्नलिखित में से किन्हीं दो पर टिप्पणियाँ लिखिए :
(क) 'सेवासदन' : युगीन भारतीय सामाजिक-सांस्कृतिक परिदृश्य
(ख) प्रेमाश्रम के रचनाकाल में खेतिहार समाज की स्थिति और गति
(ग) "सूरदास' की चारित्रिक विशेषताएँ
(घ) प्रेमचंद के बाल साहित्य