MHD-14 · December 2024 · हिन्दी
IGNOU MHD-14 December 2024 Previous Year Question Paper (हिन्दी)
हिन्दी उपन्यास (प्रेमचंद का विशेष अध्ययन) (Hindi Novel - Special Study of Premchand)
Structured previous year question paper for MHD-14, December 2024 session (Hindi medium).
Questions: 6 · Sections: 1
Verified: 26 Jul 2026
हिन्दी में स्नातकोत्तर उपाधि ( एम. ए. हिन्दी )
(एम.एच.डी. )
सत्रांत परीक्षा
दिसम्बर, 2024
एम.एच.डी.-14 : हिन्दी उपन्यास-1 ( प्रेमचंद का विशेष
अध्ययन )
समय : 2 घण्टे अधिकतम अंक : 50
qe: van प्रश्न अनिवार्य है। शेष ग्रश्नों में से किन््हीं
वीन को उत्तर दीजिए।
Q1.निम्नलिखित गद्यांशों में से किन््हीं दो की संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए : 2210520
(क) ईश्वर वह दिन कब लायेगा कि हमारी जाति में स्त्रियों का आदर होगा। स्त्री मैले-कुचैले, 'फटे-पुराने वस्त्र पहनकर आभूषणविहीन होकर, आधे पेट सूखी रोटी खाकर, झोंपडे में रहकर, मेहनत-मजदूरी कर, सब कष्टों को सहते हुए आनन्द से जीवन व्यतीत कर सकती है। केवल घर में उसका आदर होना चाहिए, उससे प्रेम होना चाहिए। आदर या प्रेमविहीन महिला महलों में भी सुख से नहीं रह सकती, पर मैं अज्ञान, अविधा के अंधकार में पड़ा हुआ था।
(ख) आज प्रारब्ध ने उन्हें परास्त कर दिया। अब तक उन्होंने सदैव प्रारब्ध पर विजय पायी थी। आज पासा पलट गया और ऐसा पलटा कि सँभलने की कोई आशा न थी। अभी एक क्षण पहले उनका
भाग्य-भवन जगमगाते हुए दीपकों से प्रदीप्त हो
रहा था, पर वायु के एक झोंके ने उन दीपकों
को बुझा दिया। अब उनके चारों तरफ गहरा,
घना, भयावह अंधेरा था जहाँ कुछ न सूझता था।
(ग) संसार में कौन है, जो कहे कि मैं गंगाजल हूँ।
जब बड़े-बड़े साधू-संन्यासी माया-मोह में फँसे
हुए हैं, तो हमारी तुम्हारी क्या बात है ? हमारी
बड़ी भूल यही है कि खेल को खेल की तरह
नहीं खेलते। खेल में धाँधली करके कोई जीत ही
जाए, तो क्या हाथ आएगा ? खेलना तो इस तरह
चाहिए कि निगाह जीत पर रहे; पर हार से
घबराए नहीं, ईमान को न छोडे। जीतकर इतना न
इतराए कि अब कभी हार होगी ही नहीं। यह
हार-जीत तो जिंदगानी के साथ है।
(घ) प्रेम अपने उच्चतर स्थान पर पहुँचकर देवत्व से
मिल जाता है। जालपा को अब कोई शंका नहीं
है, इस प्रेम को पाकर वह जन्म-जन्मांतरों तक
सौभाग्यवती बनी रहेगी। इस प्रेम ने उसे वियोग,
परिस्थिति और मृत्यु के भय से मुक्त कर दिया।
उसे अभय प्रदान कर दिया। इस प्रेम के सामने
अब संसार और उसका अखंड वैभव तुच्छ है।
Q2.प्रेमचंद की जीवन दृष्टि पर प्रकाश डालिए।
Q3.प्रेमचंद की कहानी-कला को स्पष्ट कीजिए।
Q4.“सेवासदन' उपन्यास के आधार पर सुमन का चरित्र-चित्रण कीजिए।
Q5.“गबन' उपन्यास पर नवजागरण के प्रभाव को रेखांकित कीजिए॥
Q6.निम्नलिखित में से किन्हीं दो पर टिप्पणियाँ लिखिए :
(क) “रंगभूमि' में आदर्शोन्मुख यथार्थवाद
(ख) ज्ञानशंकर की जीवन-दृष्टि
(ग) “सेवासदन' का वस्तु-संगठन
(घ) प्रेमचंद के यथार्थवाद संबंधी विचार