MHD-14 · December 2021 · हिन्दी
IGNOU MHD-14 December 2021 Previous Year Question Paper (हिन्दी)
हिन्दी उपन्यास (प्रेमचंद का विशेष अध्ययन) (Hindi Novel - Special Study of Premchand)
Structured previous year question paper for MHD-14, December 2021 session (Hindi medium).
Questions: 6
Verified: 26 Jul 2026
हिन्दी में स्नातकोत्तर उपाधि (एम.ए. हिन्दी)
सत्रांत परीक्षा
दिसम्बर, 2021
एम.एच .डी.-14 : हिन्दी उपन्यास-1 (प्रेमचंद का विशेष अध्ययन)
समय : 2 घण्टे अधिकतम अंक : 50
qe: पहला और छठा ग्रशन अनिवार्य है / शेष ग्रसनों में से किन्हीं
दो उ्श्नों के उत्तर दीजिए /
Q1.निम्नलिखित गद्यांशों में से किन्हीं क्षो की संदर्भ-सहित व्याख्या कीजिए : 2x10=20
(क) आप लोगों ने तो अपनी आत्मा ही को बेच दिया है । आपकी अंग्रेज़ी शिक्षा ने आपको ऐसा पद दलित किया है कि जब तक यूरोप का कोई विद्वान किसी विषय के गुण-दोष प्रकट न करे, तब तक आप उस विषय की ओर से उदासीन रहते हैं । आप उपनिषदों का आदर इसलिए नहीं करते कि वह स्वयं आदरणीय है, बल्कि इसलिए करते हैं कि ब्लावेट्स्की और मैक्समूलर ने उनका आदर किया है । आप में अपनी बुद्धि से काम लेने की शक्ति का लोप हो गया है । अभी तक आप तांत्रिक विद्या की बात भी न पूछते थे । अब जो यूरोपीय विद्वानों ने उसका रहस्य खोलना शुरू किया, तो आपको अब ततन्त्रों में गुण दिखाई देते हैं ।
(ख) किसान कुली बनकर कभी अपने भाग्य-विधाता को धन्यवाद नहीं दे सकता, उसी प्रकार जैसे कोई आदमी व्यापार का स्वतंत्र सुख भोगने के बाद नौकरी की पराधीनता को पसन्द नहीं कर सकता । सम्भव है कि अपनी दीनता उसे कुली बने रहने पर मजबूर करे, पर मुझे विश्वास है कि वह इस दासता से मुक्त होने का अवसर पाते ही तुरन्त अपने घर की राह लेगा और फिर उसी टूटे-फूटे झोपड़े में अपने बाल-बच्चों के साथ रहकर संतोष के साथ कालक्षेप करेगा ।
(ग) यह विचार उन लोगों के लिए हैं जिनके प्रेम वासनाओं से युक्त होते हैं । प्रेम और वासना में उतना ही अन्तर है, जितना कंचन और काँच में । प्रेम की सीमा भक्ति से मिलती है, और उनमें केवल मात्रा का भेद है । भक्ति में सम्मान और प्रेम में सेवाभाव का आधिक्य होता है । प्रेम के लिए धर्म की विभिन्नता कोई बंधन नहीं है । ऐसी बाधाएँ उस मनोभाव के लिए हैं जिसका अंत विवाह है उस प्रेम के लिए नहीं जिसका अंत बलिदान है ।
(घ) यह समझ लीजिए कि जिस देश में स्त्रियों को जितनी अधिक स्वाधीनता है, वह देश उतना ही सभ्य है । स्त्रियों को कैद में, परदे में, या पुरुषों से कोसों दूर रखने का तात्पर्य यही निकलता है कि आपके यहाँ जनता इतनी आचार भ्रष्ट है कि स्त्रियों का अपमान करने में जरा भी संकोच नहीं करती ।
Q2.प्रेमचन्द पर उनकी समकालीन आलोचना का विवरण देते हुए उसका मूल्यांकन कीजिए ।
Q3.ओऔपन्यासिक तत्त्वों के आधार पर सिवासदन की समीक्षा कीजिए ।
Q4.प्रेमाश्रम' की पात्र योजना पर प्रकाश डालिए ।
Q5.गबन में राष्ट्रीय आन्दोलन के स्वरूप पर प्रकाश डालिए |
Q6.निम्नलिखित में से किन्हीं ढ्ो पर टिप्पणियाँ लिखिए: 96-70
(क) जालपा का चरित्र
(ख) आदर्शोन्मुखी यथार्थवाद
(ग) प्रेमाश्रम में किसान-जीवन
(घ) सूरदास का व्यक्तित्व