MHD-14 · June 2019 · हिन्दी
IGNOU MHD-14 June 2019 Previous Year Question Paper (हिन्दी)
हिन्दी उपन्यास (प्रेमचंद का विशेष अध्ययन) (Hindi Novel - Special Study of Premchand)
Structured previous year question paper for MHD-14, June 2019 session (Hindi medium).
Questions: 6
Verified: 26 Jul 2026
हिन्दी में स्नातकोत्तर उपाधि (एम.ए. हिन्दी)
. सन्रांत परीक्षा, 2019
एम.एच.डी .-14 : हिन्दी उपन्यास-[
(प्रेमचंद का विशेष अध्ययन)
समय : 2 घण्टे अधिकतम अंक : 50
नोट : प्रश्न संख्या 1व 6 अनिवार्य हैं। शेष में से किन्हीं दो प्रश्नों के
उत्तर दीजिए।
Q1... निम्नलिखित में से किन्हीं दो गद्यांशों की संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए : [2210520]
(क) संसार का कोई साहित्य इतना दरिद्र न होगा। उस पर तुर्रा ‘ यह है कि जिन महानुभावों ने दो-एक अंग्रेजी-ग्रन्थों के अनुवाद मराठी और बांग्ला अनुवादों की सहायता से कर लिये, वे अपने को धुरन््धर साहितज्ञ समझने लगे हैं। लेकिन वे अपने को हिन्दी का कालिदास समझते हैं। एक महाशय ने “मिल के दो ग्रन्थों का अनुवाद किया है और वह भी स्वतंत्र नहीं, बल्कि गुजराती, मराठी आदि अनुवादों के सहारे; पर वह अपने मन में ऐसे सन्तुष्ट हैं; मानो उन्होंने हिन्दी साहित्य का उद्धार कर दिया। (@) निस्संदेह आप कई हजार कुलियों को काम में लगा देंगे, पर यह मजदूर अधिकांश किसान ही होंगे और मैं किसानों को कुली बनाने का कट्टर विरोधी हूँ। मैं नहीं चाहता कि वे लोभ के वश अपने बाल-बच्चों को छोड़कर कम्पनी की छावनियों में जाकर रहें और अपना आचरण श्रष्ट करें। अपने गाँव में उनकी एक विशेष स्थिति होती है। उनमें आत्म-प्रतिष्ठा का भाव जाग्रत रहता है।
(ग) यह बाजी तुम्हारे हाथ रही, मुझसे खेलते नहीं बना। तुम मजे हुए खिलाड़ी हो, दम नहीं उखड़ता, खिलाड़ियों को मिलाकर खेलते हो और तुम्हारा उत्साह भी खूब है। हमारा दम उखड़ जाता है, हॉफने लगते हैं और खिलाड़ियों को मिलाकर नहीं खेलते, आपस में झगड़ते हैं, गाली-गलौज, मार-पीट करते हैं। कोई किसी की नहीं मानता। तुम खेल a Agr a, हम अनाड़ी हैं। (ध) अरे तुम क्या देस का उद्धार करोगे। पहले अपना उद्धार तो कर लो। गरीबों को लूटकर बिलायत का घर भरना तुम्हारा काम है। इसीलिए तुम्हारा इस देश में जनम हुआ है। हाँ, रोए जाव, बिलायती सराबें उड़ाओ, बिलायती मोटरें दौड़ाओ, बिलायती मुरब्बे और अचार चक्खों, - बिलायती बरतनों में खाओ, बिलायती दवाइयां पियो, पर इस देस के नाम पर रोए जाव। मुदा इस रोने से कुछ न
Q2.प्रेमचंद के साहित्य संबंधी विचारों का विश्लेषण कीजिए। [10
Q3... औपन्यासिक शिल्प की दृष्टि से 'सेवासदन” का मूल्यांकन कीजिए।[10]
Q4... रंगभूमि' की मूल समस्या पर प्रकाश डालिए। [10]
Q5... “बन! में प्रेमचंद ने तत्कालीन मध्यवर्ग को जीवन की व्यापकता में चित्रित किया है।” इस कथन के आलोक में उपन्यास का विश्लेषण कीजिए। [10]
Q6.निम्नलिखित में से किन्हीं दो पर टिप्पणियाँ लिखिए : [2x5=10] ह
(क) प्रेमचंद की जीवन-दृष्टि ह
(ख) प्रेमशंकर का चरित्र
(ग) 'सेवासदन” की अंतर्वस्तु
(घ) “बन! में राष्ट्रीय आंदोलन