MHD-14 · December 2025 · हिन्दी
IGNOU MHD-14 December 2025 Previous Year Question Paper (हिन्दी)
हिन्दी उपन्यास (प्रेमचंद का विशेष अध्ययन) (Hindi Novel - Special Study of Premchand)
Structured previous year question paper for MHD-14, December 2025 session (Hindi medium).
Questions: 6
Verified: 26 Jul 2026
मुद्रित पृष्ठों की संख्या : 5 MHD-14
हिन्दी में स्नातकोत्तर उपाधि (एम. ए. हिन्दी)
सत्रांत परीक्षा
दिसम्बर, 2025
एम.एच.डी.-14 : हिन्दी उपन्यास-1
(प्रेमचंद का विशेष अध्ययन)
समय : 2 घण्टे अधिकतम अंक : 50
नोट:
(6) प्रथम प्रश्न अनिवार्य है।
(४४) शेष में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
Q1.निम्नलिखित गच्यांशों में से किन्हीं दो की सन्दर्भ सहित व्याख्या कीजिए : 2x10=20
(क) इसमें संदेह नहीं कि वह विलास की सामग्रियों पर ज्ञान देती थी, लेकिन इन सामग्रियों की प्राप्ति के लिए जिस बेहयाई की जरूरत थी, वह उसके लिए असह्य थी और कभी-कभी ward में वह अपनी वर्तमान दशा की पूर्वावस्था से तुलना किया करती थी। वहाँ यह टीमटाम न थी, किन्तु वह अपने समाज में आदर की दृष्टि से देखी जाती थी। वह अपनी पड़ोसिनों के सामने अपनी कुलीनता पर गर्व कर सकती थी, अपनी धार्मिकता और भक्तिभाव का रोब जमा सकती थी।
(ख) ज्ञान पुराने जमाने में लोगों के विचार ऐसे रहे हों, पर नया युग इसे नहीं मानता। वह स्त्री को संपूर्णतः स्वाधीन ठहराता है। वह मनसा, वाचा, कर्मणा किसी के अधीन नहीं है। परमात्मा से आत्मा का जो घनिष्ठ संबंध है उसके सामने मानवकृत संबंध की कोई हस्ती नहीं हो सकती। पश्चिम के देशों में आये दिन धार्मिक मतभेद के कारण तलाक होते हैं।
(ग) दिहात के किसान अपना काम छोड़कर मजूरी के लालच से दौड़ेंगे, यहाँ बुरी-बुरी बातें सीखेंगे और अपने बुरे आचरण अपने गाँव में फैलाएँगे। दिहातों की लड़कियाँ, बहुएँ मजूरी करने आयेंगी और पैसे के लोभ में अपना धरम बिगाड़ेंगी। यही रौनक शहरों में है। यही रौनक यहाँ हो जायेगी। भगवान न करे यहाँ वह रौनक हो। सरकार मुझे इस कुकरम और अधरम से बचाए। यह सारा पाप मेरे सिर पड़ेगा।
(घ) अगर तुम्हारे पुरुष ने कोई तरीका नहीं छोड़ा तो तुम अकेली रहो, चाहे परिवार में, एक ही बात है। तुम अपमान और मजदूरी से नहीं बच सकती। अगर तुम्हारे पुरुष ने कुछ छोड़ा है तो अकेली रहकर तुम उसे भोग सकती हो, परिवार में रहकर तुम्हें उससे हाथ धोना पड़ेगा। परिवार तुम्हारे लिए फूलों की सेज नहीं, काँटों की सय्या है, तुम्हारा पार लगाने वाली नौका नहीं, तुम्हें निगल जाने वाला जंतु।
Q2.प्रेमचंद के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालिए।
Q3.प्रेमचंद के उपन्यासों की संरचना एवं भाषा पर तर्कसंगत विचार प्रस्तुत कीजिए ।
Q4.“प्रेमाश्रम” के आधार पर ज्ञानशंकर की चारित्रिक विशेषताओं को रेखांकित कीजिए।
Q5.“रंगभूमि' उपन्यास के उद्देश्य पर प्रकाश डालिए।
Q6.निम्नलिखित में से किन्हीं दो पर टिप्पणियाँ लिखिए :
(क) 'गबन' का रचनात्मक उद्देश्य
(ख) प्रेमचंद के नाटक
(ग) "सेवासदन' में विवाह-संस्था
(घ) “रंगभूमि' में सूरदास का स्थान एवं महत्व