MHD-14 · December 2010 · हिन्दी

IGNOU MHD-14 December 2010 Previous Year Question Paper (हिन्दी)

हिन्दी उपन्यास (प्रेमचंद का विशेष अध्ययन) (Hindi Novel - Special Study of Premchand)

Structured previous year question paper for MHD-14, December 2010 session (Hindi medium).

Questions: 6

Verified: 26 Jul 2026

is हिन्दी में स्नातकोत्तर उपाधि ( एम.एच-डी. )

x सत्रांत परीक्षा :

° दिसंबर, 2010

एम.एच.डी.-14 : हिन्दी उपन्यास-1

समय ८ 2 घण्टे अधिकतम अंक : 50

नोट: पहला ओऔरछठा प्रश्न अनिवार्य है। शेष में सेकिन्हीं दो प्रश्नों के..."

उत्तर दीजिए।

अन्‍न्‍ननननन न ननननन लत नन नमन नमन न नननननननननलननननननननननन नमन नन नमन»

Q1.निम्नलिखित में से किन्हीं दो गद्यांशों की संदर्भ-सहित व्याख्या कीजिए : 2x10=20

(क) यह भी तुम्हारी भूल है। तुम यहाँ चाहे और किसी के गुलाम न हो, पर अपनी इन्द्रियों कौ गुलाम तो हो? इन्द्रियों की गुलामी उस पराधीनता से कहीं दुःखदायिनी होती है। यहाँ तुम्हें न सुख मिलेगा, न आदर हाँ, कुछ . दिनों भोग-विलास कर लोगी, पर अन्त में इससे भी हाथ धोना पड़ेगा। सोचो तो, थोड़े दिनों तक इन्द्रियों को सुख देने के लिए तुम अपनी आत्मा और समाज पर कितना बड़ा अन्याय कर रही हो?

(ख) मेरी धारणा है कि मुझे किसानों की गर्दन पर अपना जुआ * रखने का कोई अधिकार नहीं है। यह मेरी नैतिक दुर्बलता और भीरुता होगी, अगर मैं अपने सिद्धांत को भोग- लिप्सा पर बलिदान कर दूँ। अपनी ही दृष्टि में पतित- होकर कौन जीना पसन्द करेगा ? मैं आप सब सज्जनों के सम्मुख उन अधिकारों और स्वत्वों का त्याग करता हूँ जो प्रथा, नियम और समाज-व्यवस्था ने मुझे दिये हैं। मैं अपनी प्रजा को अपने अधिकारों के बन्धन से मुक्त करता हूँ।

(ग) वास्तव में क्षमा मानवीय भावों में सर्वोपरि है। दया का स्थान इतना ऊँचा नहीं। दया वह दाना है, जो पोली धरती पर उगता है। इसके प्रतिकूल क्षमा वह दाना है, जो काँटों में उगता है। दया वह धारा है, जो समतल भूमि पर बहती है, क्षमा कंकड़ों और चट्टानों में बहनेवाली धारा है। दया का मार्ग सीधा और सरल है। क्षमा का मार्ग टेढ़ा और कठिन है।

(घ) आधी रात तक वह इन चीज़ों को उठा-उठाकर अलग रखती रही, मानो किसी यात्रा की तैयारी कर रही हो। हाँ, यह वास्तव में यात्रा ही थी - अँधेरे से उजाले की, मिथ्या से सत्य की। मन में सोच रही थी, अब यदि ईश्वर की दया हुई और वह फिर लौटकर घर आए, तो वह इस तरह रहेगी कि थोड़े-से-थोड़े में निर्वाह हो जाए। एक पैसा भी व्यर्थ न खर्च करेगी। अपनी मजदूरी के ऊपर एक कौड़ी भी घर में न आने देगी। आज से नये जीवन का आरंभ होगा।

Q2.प्रेमचंद के आलोचकों के विचारों का मूल्यांकन कीजिए।

Q3.“सेवासदन' में सुमन के चरित्र की विशेषताओं पर प्रकाश डालिए।

Q4.“प्रेमाश्रम” में व्यक्त किसान जीवन की समस्याओं का परिचय 10 दीजिए।

Q5.“गबन” में व्यक्त मध्यवर्गीय समाज की समस्याओं पर प्रकाश 10 डालिए।

Q6.निम्नलिखित में से किन्हीं दो पर टिप्पणियाँ लिखिए:.._ 5%2510 (०) प्रेमचंद की नारी दृष्टि

(0) - 'सेवासदन!' में चित्रित विवाह-संस्था (०0 “प्रेमाश्रम” के आदर्शवादी चरित्र (०) “रंगभूमि' में विनय और सोफ़िया के सम्बन्ध