MHD-4 · June 2020 · हिन्दी
IGNOU MHD-4 June 2020 Previous Year Question Paper (हिन्दी)
नाटक और अन्य गद्य विधाएँ (Drama and Other Prose Forms)
Structured previous year question paper for MHD-4, June 2020 session (Hindi medium).
Questions: 10
Verified: 26 Jul 2026
हिन्दी में स्नातकोत्तर उपाधि ( एम. ए. हिन्दी )
सत्रांत परीक्षा...
, जून, 2020 . ,
एम. एच, डी.-4 : नाटक और अन्य गद्य विधाएँ
समय ; 3 घण्टे अधिकवम अंक : 100
We: @ प्रथम प्रश्न अनिवार्य है। '
(0) शेष प्रश्नों में से किन्हीं चार के उत्तर दीजिए। ,
BT. ०
Q1.निम्नलिखित में से किन्हीं ठीन की सन्दर्भ सहित व्याख्या कीजिए ; 3x 12 = 36
(क) ऐसा जीवन तो विडम्बना है, जिसके लिए रात-दिन लड़ना पड़े। आकाश में जब शीतल शुप्र * शरद-शशि का विलास हो, तब भी दांत-पर-दांत रखे मुद्ठियों को बाँधे-लाल आँखों से एक दूसरे को घूर करें! बसंत के मनोहर प्रभात में, निभृत कगारों में चुपचाप बहने वाली. सरिताओं का स्रोत गरम रक्त बहाकर लाल कर दिया जाय! ‘ नहीं-नहीं चक्र! मेरी समझ में मानव-जीवन का . यही उद्देश्य नहीं है। . .
(3) .अगर मैं कुछ खास लोगों से सम्बन्ध बनाकर रखना चाहती हूँ तो अपने लिए नहीं, तुम लोगों के लिए। पर तुम लोग इससे छोटे होते हो, तो मैं हि छोड दूँगी कोशिश। हाँ, इतना कहकर कि मैं अकेले देम इस घर की जिम्मेदारियाँ नहीं उठाती.., . रह संकती और एक आदमी है जो घर का सारा चैसां डुबोकर सालों से हाथ पर हाथ धरे बैठा है।
(ग) यह आत्महत्या होगी प्रतिध्वनित इस पूरी संस्कृति में... oo दर्शन में, धर्म में, कलाओं में शासन-व्यवस्था में आत्मघात होगा बस अन्तिम लक्ष्य मानव का।
(घ) ये जो ठिंगने-से लेकिन शानदार दरख्त गर्मी की भयंकर मार खा-खाकर और भूख-प्यास की निरन्तर चोट सह-सहकर भी जी रहे हैं, इन्हें क्या कहूँ? सिर्फ जी ही नहीं रहे हैं, हँस भी रहे हैं। बेहया हैं क्या? या मस्तमौला हैं? कभी-कभी जो लोग ऊपर से बेहया दिखते हैं, उनकी जड़ें काफी गहरी पैठी रहती हैं। ये भी पाषाण की छाती फाड़कर न जाने किस अतल Te से अपना ‘tha खींच लाते हैं। ह (डः) इस विचित्र सम्मेलन का कार्यक्रम भी वैसा ही अनोखा था। कोई भजन सुनाता, कोई ऐराणिक कथाएँ कहता। कभी किवदन्तियों के नये भाज्य , होते, कभी लोकचर्चा पर मौखिक टीकाएँ रची . जातीं। कबीर कौ रहस्यमय उलटबाँसियों से लेकर अच्छा बैल खरीदने के व्यावहारिक नियम तक | . सब में उन ग्रामीणों की अच्छी गति थी, इसी से उनकी inf न एक-रस जान पड़ती थी, न | निरर्थक।
Q2.“स्कंदगुप्त' के आधार पर प्रसाद की इतिहास दृष्टि का विवेचन कीजिए। ;
Q3.“अंधायुग' की प्रासंगिकता पर विचार कीजिए।
Q4.एकांकी की दृष्टि से “तांबे के कीडे' की विशेषता बताइए।
Q5.'धोखा' निबन्ध के vier पर विचार कीजिए।
Q6.व्यंग्य निबन्ध की विशेषताओं की दृष्टि से "तीसरे wi के श्रद्धेय' का मूल्यांकन कीजिए।
Q7.हिन्दी जीवमी साहित्य में 'कलम का सिपाही' की समीक्षा कौजिए।
Q8.मोहन राकेश के नाटक सम्बन्धी विचारों की पड़ताल कीजिए।
Q9.'क्या भूलूँ क्या याद” करूँ” के शिल्प पर विचार कीजिए। .
Q10.निम्नलिखित में से [...] (this portion is being re-verified) पर टिप्पणियाँ लिखिए : 8 < 2 5 16
(ख) “संस्कृति और जातीयता'
(ग) “औरत!” का प्रतिपाद्य / (थ) भारतेन्दु की नाट्य सम्बन्धी दृष्टि