MHD-4 · June 2010 · हिन्दी
IGNOU MHD-4 June 2010 Previous Year Question Paper (हिन्दी)
नाटक और अन्य गद्य विधाएँ (Drama and Other Prose Forms)
Structured previous year question paper for MHD-4, June 2010 session (Hindi medium).
Questions: 11
Verified: 26 Jul 2026
._ हिन्दी में स्नातकोत्तर उपाधि ( एम.एच.डी. )
त्य सत्रांत परीक्षा
पं जून, 2010
SO weds : नाटक एवं अन्य गद्य विधाएँ
समय :3 घण्टे. * अधिकतम अंक : 100
नोट: पहला प्रश्न अनिवार्य है। शेष किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
Q1... किर््हीं तीन की संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए: .. ऊदध2536 (०) भारत समग्र विश्व का है, और संपूर्ण बसुन्धरा इसके प्रेम-पाश में आबद्ध है। अनादि काल से ज्ञान की, मानवता की, ज्योति वह विकीर्ण कर रहा है। वसुन्धरा का हृदय-भारत-किस मूर्ख को प्यारा नहीं है? तुम देखते नहीं कि विश्व का सबसे ऊँचा श्रृंग इसके सिरहाने, और सब से गम्भीर तथा विशाल समुद्र इसके चरणों के नीचे है? एंक-से-एक सुन्दर दृश्य प्रकृति ने अपने इस घर में चित्रित कर रखा है। भारत के कल्याण के लिए मेरा सर्वस्व॒ अर्पित है।
(0) इसलिए कि किसी तरह इस घर का कुछ बन सके। कि मेरे अकेली के ऊपर बहुत बोझ है इस घर का। जिसे कोई और भी मेरे साथ ढोने वाला हो सके। अगर मैं कुछ खास लोगों के साथ संबंध बना कर रखना चाहती हूँ तो अपने लिए नहीं तुम लोगों के लिए। पर तुम लोग इससे छोटे होते हो तो मै छोड़ दूँगी कोशिश। हाँ इतना कह कर कि मैं अकेले दम इस घर की जिम्मेदारियाँ नहीं उठाती रह सकती और एक आदमी है जो घर का सारा पैसा डुबो कर सालों से हाथ पर हाथ धरे बैठा है। दूसरा अपनी कोशिश से कुछ करना तो दूर, मेरे .सिर फोड़ने से भी किसी ठिकाने लगना अपना अपमान समझता है। ऐसे में मुझ से भी नहीं निभ सकता। जब और किसी को यहाँ दर्द नहीं किसी चीज का, तो अकेली मैं ही क्यों अपने को चीथती रहूँ रात-दिन ? मैं भी क्यों न सुर्खरू हो कर बैठ रहूँ अपनी जगह? उससे तो तुम में से कोई छोटा नहीं होगा। “मरण नहीं है ओ व्याध! मात्र रूपांतरण है वह सबका दायित्व लिया मैं ने अपने ऊपर अपना दायित्व सौंप जाता हूँ मैं सब को अब तक मानव भविष्य को मैं जिलाता था लेकिन इस अंधेयुग में मेरा एक अंश निष्क्रिय रहेगा, आत्मघाती रहेगा और विगलित रहेगा संजय, युमुत्सु, अश्वत्थामा की भाँति (०) प्रेम का प्रभाव एकांत भी होता है और लोक-जीवन के नाना क्षेत्रों में भी दिखाई पड़ता है। एकांत प्रभाव उस अंतर्मुख प्रेम में देखा जाता है जो प्रेमी को लोक के कर्मक्षेत्र से खींचकर केवल दो प्राणियों के एक छोटे से संसार में बंद कर देता है। उसका उठना-बैठना चलना-फिरना, मरना-जीना, सब उसी घेरे के भीतर होता है। वह उस घेरे के बाहर कोई प्रभाव उत्पन्न करने के उद्देश्य से कुछ भी नहीं करता। उसमें जो साहस, धीरता, दृढ़ता, कष्टसहिष्णुता आदि दिखाई देती है वह प्रेम-मार्ग के बीच प्रेमोन््माद के रूप में, लोक के बीच कर्त्तव्य के रूप में नहीं। सारांश यह कि इस प्रकार के प्रेम का क्षेत्र सामाजिक और पारिवारिक जीवन से विच्छिन्न (०) मैं ने उनसे अधिक सहृदय व्यक्ति कम देखे हैं। यदि यह वृद्ध यहाँ न हो कर हमारे बीच में होता, तो कैसा होता, यह ५ प्रश्न भी मेरे मन में अनेक बार उठ चुका है, पर जीवन के अध्ययन ने मुझे बता दिया है कि इन दोनों समाजों का अंतर मिटा सकना सहज नहीं। उनका बाह्य जीवन दीन है और हमारा अंतर्जीवन रिक्त। उस समाज में विकृतियाँ व्यक्तिगत हैं, पर सद्भाव सामूहिक रहते हैं। इसके विपरीत हमारी दुर्बलताएँ समष्टिगत हैं, पर शक्ति वैयक्तिक मिलेगी।
Q2.भारतेन्दु के नाटक संबंधी दृष्टिकोण की प्रमुख विशेषताएँ क्या. 16 हैं? उनका यह दृष्टिकोण “अंधेर नगरी” नाटक में किस तरह व्यक्त हुआ है, बताइए।
Q3.“स्कंदगुप्त' नाटक को ध्यान में रखते हुए प्रसाद की नाट्य कला 16 पर विचार कीजिए।
Q4... हिन्दी नाट्य परंपरा में ' आधे-अधुरे' का स्थान निर्धारित कीजिए।.
Q5.रंग-प्रस्तुतियों के संदर्भ में 'अंधा युग' के रंग-शिल्प की समीक्षा
Q6.क्या “तांबे के कीड़े' को एक सफल एकांकी कहा जा सकता 16 है? तर्क संगत ऊत्तर दीजिए।
Q7... नुक्कड नाटक की विशेषताओं के संदर्भ में 'औरत" का विवेचन
Q8.ललित निबंध की दृष्टि से 'कुटज' को समीक्षा कीजिए।
Q9.“तीसरे दर्जे का श्रद्धेय' में बुद्धिजीवियों पर व्यंग्य के माध्यम से 16 लेखक क्या कहना चाहता है?
Q10.यात्रा वृत्तांत की विशिष्टता बताते हुए इस विधा में राहुल 16 सांकृत्यायन के योगदान का मूल्यांकन कीजिए।
Q11.किन्हीं दो पर टिप्पणी लिखिए : 8x2=16 (०) प्रताप नारायण मिश्र (०0 रिपोर्ताज (०) साहित्य विधा के रूप में साक्षात्कार