MHD-10 · December 2025 · हिन्दी

IGNOU MHD-10 December 2025 Previous Year Question Paper (हिन्दी)

प्रेमचंद की कहानियाँ (Premchand's Stories)

Structured previous year question paper for MHD-10, December 2025 session (Hindi medium).

Questions: 7

Verified: 26 Jul 2026

मुद्रित पृष्ठों की संख्या : 5 MHD-10

हिंदी में स्नातकोत्तर उपाधि (एम. ए. हिंदी)

सत्रांत परीक्षा

दिसम्बर, 2025

एम.एच.डी.-10 : प्रेमचद की कहानियाँ

समय : 2 घण्टे अधिकतम अंक : 50

नोट:

(0) प्रथम प्रश्न अनिवार्य है।

(४४) शेष में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

Q1.निम्नलिखित गद्यांशों में से किन्हीं दो की संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए : 2x10=20

(क) मेहमान उठ चुके थे। पत्तलों पर खाना ज्यों-का-त्यों पड़ा हुआ था। चारों लड़के आँगन में लज्जित खड़े थे। एक दूसरे को इलजाम दे रहा था। बड़ी बहू अपनी देवरानियों पर बिगड़ रही थी। देवरानियाँ सारा दोष कुमुद के सर डालती थीं। कुमुद खड़ी रो रही थी। उसी वक्‍त फूलमती झल्लाई हुई आकर बोली - मुँह में कालिख लगी कि नहीं ? या अभी कुछ कसर बाकी है? डूब मरो सब-के-सब जाकर चुल्लू भर पानी में । शहर में कहीं मुँह दिखाने लायक भी नहीं रहे।

(ख) भाई साहब ने मुझे गले से लगा लिया और बोले - मैं कनकौए उड़ाने की बात नहीं करता। मेरा भी जी ललचाता है; लेकिन करूँ क्‍या, खुद बेराह चलूँ, तो तुम्हारी रक्षा कैसे करूँ ? यह कर्तव्य भी तो मेरे सिर है। संयोग से उसी वक्‍त एक कटा हुआ कनकौआ हमारे ऊपर से गुजरा। उसकी डोर लटक रही थी। लड़कों का एक गोल पीछे-पीछे दौड़ा चला आता था। भाई साहब लम्बे हैं ही! उछलकर उसकी डोर पकड़ ली और बेतहाशा होस्टल की तरफ दौड़े। मैं पीछे-पीछे दौड़ रहा था।

(ग) रूपमणि ने आज तक इस मन्दबुद्धि युवक पर दया की थी। इस समय उसकी श्रद्धा का पात्र बन गया। त्याग में हृदय को खींचने की जो शक्ति है, उसने रूपमणि को इतने वेग से खींचा कि परिस्थितियों का अन्तर मिट-सा गया। विशम्भर में जितने दोष थे, वे सभी अलंकार बन-बनकर चमक उठे। उसके हृदय की विशालता में वह किसी पक्षी की भाँति उड़-उड़कर आश्रय खोजने लगी।

(घ) दोनों दिन-भर जोते जाते, डण्डे खाते, अड़ते। शाम को थान पर बाँध दिये जाते और रात को वही बालिका उन्हें दो रोटियाँ खिला जाती। प्रेम के इस प्रसाद की यह बरकत थी कि दो-दो गाल सूखा भूसा खाकर भी दोनों दुर्बल न होते थे, मगर दोनों की आँखों में , रोम-रोम में विद्रोह भरा हुआ था।

Q2.“सवा सेर गेहूँ” का प्रतिपाद्य लिखिए।

Q3.समर-यात्रा' कहानी के आधार पर नोहरी का चरित्र-चित्रण कीजिए।

Q4.“गुल्ली-डण्डा' कहानी की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालिए।

Q5.प्रेमचंद के स्त्री सम्बन्धी दृष्टिकोण पर प्रकाश डालिए।

Q6.प्रेमचंद की कहानी-कला को स्पष्ट कीजिए।

Q7.निम्नलिखित में से किन्हीं दो पर टिप्पणियाँ लिखिए :

(क) तलाक का प्रश्न और प्रेमचंद

(ख) दलित विमर्श और प्रेमचंद की कहानियाँ

(ग) ‘Fee’: स्वाधीनता ओनन्‍्दोलन की कथा- प्रस्तुति

(घ) “नमक का दारोगा! कहानी का आधुनिक संदर्भ