MHD-10 · December 2024 · हिन्दी
IGNOU MHD-10 December 2024 Previous Year Question Paper (हिन्दी)
प्रेमचंद की कहानियाँ (Premchand's Stories)
Structured previous year question paper for MHD-10, December 2024 session (Hindi medium).
Questions: 7
Verified: 26 Jul 2026
मुद्रित पृष्ठों की संख्या : 5 MHD-10
हिन्दी में स्नातकोत्तर उपाधि ( एम. ए. हिन्दी )
सत्रांत परीक्षा
दिसम्बर, 2024
एम.एच.डी.-10 : प्रेमचन्द की कहानियाँ
समय / 2 घण्टे अधिकतम अक : 50
नोट : प्रथम प्रश्न अनिवार्य है। शेष में से किन्हीं व्रीन
अरशनों को उत्तर वीजिए।
Q1.निम्नलिखित गद्यांशों में से किन्हीं दो की सन्दर्भ सहित व्याख्या कीजिए : 1022-20
(क) आज चालीस वर्षों से घर के प्रत्येक मामले में फूलमती की बात सर्वमान्य थी। उसने सौ कहा तो सौ खर्च किये गये, एक कहा तो एक ! किसी ने मीन-मेख न की। यहाँ तक कि पं. अयोध्यानाथ भी उसकी इच्छा के विरुद्ध कुछ न करते थे; पर आज उसकी आँखों के सामने प्रत्यक्ष रूप से उसके हुकम की उपेक्षा की जा रही है। इसे वह क्योंकर स्वीकार कर सकती!
(ख) आनन्द ने अपनी विजय पर फूलकर कहा-ैंने तो तुमसे पहले ही कह दिया, इस वक्त उसके सिर पर भूत सवार है, उस पर किसी के समझाने का असर न होगा। जब सालभर जेल में चक्की पीस लेंगे और वहाँ से तपेदिक लेकर निकलेंगे, या पुलिस के डण्डों से सिर और हाथ-पाँव तुड॒वा लेंगे, तो बुद्धि ठिकाने आवेगी। अभी तो जय-जयकार और तालियों के स्वप्न देख रहे
(1) क्रिया के पश्चातू प्रतिक्रिया नेसर्गिक नियम है। शंकर साल भर एक तपस्या करने पर भी जब ऋण से मुक्त होने में सफल न हो सका तो उसका संयम निराशा के रूप में परिणत हो गया। उसने समझ लिया कि जब इतना कष्ट सहने पर भी साल भर में साठ रुपये से अधिक न जमा कर सका, तो अब और कौन-सा उपाय हे जिसके द्वारा इसके दूने रुपये जमा हों। जब सिर पर ऋण का बोझ ही लादना है तो क्या मन भर का और क्या सवा मन का।
(घ) दुःखी सोचने लगा, बाबा ने यह गाँठ कहाँ रख छोड़ी थी कि फाडे नहीं फटती। कहीं दरार तक तो नहीं पड़ती। मैं कब तक इसे चीरता रहूँगा। अभी घर पर सौ काम पड़े हैं। काज-परोजन का घर हे, एक-न-एक चीज घटी ही रहती है; पर इन्हें इसकी क्या चिन्ता। चलो जब तक भूसा ही उठा लाऊँ। कह दूँगा, बाबा, आज तो लकड़ी नहीं 'फटी कल आकर फाड़ दूँगा।
Q2.किसान समस्या के सन्दर्भ में प्रेमचन्द की कहानियों का विश्लेषण कीजिए॥
Q3.‘fade’ कहानी के शिल्प-विधान पर प्रकाश डालिए।
Q4.“समरजयात्रा' का प्रतिपाद्य स्पष्ट कीजिए।
Q5.“गुल्ली-डंडा' कहानी की समीक्षा कीजिए।
Q6.“जुलूस” कहानी की मूल संवेदना पर प्रकाश डालिए।
Q7.निम्नलिखित में से किन्हीं दो पर टिप्पणियाँ लिखिए :
(क) औपनिवेशिक शासन व्यवस्था और प्रेमचन्द
(ख) जाति उन्मूलन और प्रेमचन्द की कहानियाँ
(ग) “सुजान भगत” की भाषा और शिल्प
(घ) स्त्री शिक्षा का प्रश्न और प्रेमचन्द