BHDC-103 · June 2025 · हिन्दी

IGNOU BHDC-103 June 2025 Previous Year Question Paper (हिन्दी)

BHDC-103

Structured previous year question paper for BHDC-103, June 2025 session (Hindi medium).

Questions: 9

Verified: 10 Aug 2026

मुद्रित पृष्ठों की संख्या : 5 BHDC-103

बी. ए. (ऑनर्स) हिंदी

सत्रांत परीक्षा

जून, 2025

बी.एच.डी.सी.-103 : आदिकालीन एवं

मध्यकालीन हिंदी कविता

समय :3 घण्टे अधिकतम अंक ; 100

नोट: कुल पाँच प्रश्नों के उत्तर दीजिए। पहला प्रश्न अनिवार्य

Q1.निम्नलिखित काव्यांशों में से किन्हीं तीन की संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए : 12x3=36

(क) प्रेम-प्रेम सब कोठ कहत, प्रेम न जानत कोइ। जो जन जाने प्रेम तौ, परै जगत क्यौं रोइ। या छवि पै रसखानि अब वारौ कोटि मनोज। जाकी उपमा कविन नहिं पाइ रहे कहुँ खोज ॥

(ख) हम न मैं BRE Gare, हम कूँ मिल्या जिवावन हारा। अब न मरौं मरनै मन मानां, तेई मुए जिन राम न जाना॥ साकत मरै सन्त जन जीवै, भरि-भरि राम रसाइन पीवै। हरि मरिहँ तो हमहूँ मरिहें, हरि न मरे हम काहेका मरिहैं। कहै कबीर मन मनहि मिलावा, अमर भये सुख सागर पावा ॥

(ग) अँखियाँ हरि दर्शन की प्यासी। देखियो चाहत कमल नैन को, निसदिन रहेत उदासी। आए उधो फिरी गए आँगन, दारी गए गर फाँसी। केसर तिलक मोतीयन की माला, बृन्दावन को वासी। काहू के मन की कोवु न जाने, लोगन के मन हासी। सूरदास प्रभु तुम्हरे दरस बिन, लेहो करवट कासी ॥

(घ) सिंघल दीप कथा अब गावौ। ओ सौ पदुमिनि बरनि सुनावौ। बरन क दरपन भौँति बिसेखा। जेहि जस रूप सो तैसेइ देखा॥ धनि सो दीप जहँ दीपक नारी। सो सौ पदुमिनि दइअ अवतारी। सात दीप बरनहिं सब लोगू। एकौ दीप न ओहि सरि जोगू॥ दिया दीप नहिं तस उजियारा। सरॉ दीप सरि होइ न पारा॥ जंबू दीप कहां तस नाहीं। पूज न लंक दीप परिछाहीं ॥ दीप कुसस्थल आरन परा। दीप महुस्थल मानुस हरा॥ सब संसार परथमैं आए सातौं दीप। एकौं दीप न उत्तिम सिंहल दीप समीप॥ (डः) रहिमन धागा प्रेम का मत तोड़ो चटकाय। टूटे ते फिर ना जुरै, जुरै गाँठ परि जाय॥ जो रहीम उत्तम प्रकृति का करि सकत कुसंग। चंदन विष व्यापत नहीं, लपटे रहत भुजंग॥

Q2.अमीर खुसरो की भाषागत विशिष्टताओं पर प्रकाश डालिए।

Q3.कबीर की सामाजिक चेतना के प्रमुख पक्षों का उल्लेख कीजिए।

Q4.“सूफी' शब्द का अर्थ स्पष्ट करते हुए इस साधना पद्धति पर प्रकाश डालिए।

Q5.तुलसीदास के रामराज्य संबंधी विचारों का उल्लेख कीजिए।

Q6.रहीम का जीवन विरुद्धों के सामंजस्य का उदाहरण है। सिद्ध कीजिए।

Q7.“मीराबाई की भक्ति अनुभवजन्य है।” इस कथन पर अपना विचार प्रकट कौजिए।

Q8.बिहारी की श्रृंगार-भावना की विशिष्टताओं का सोदाहरण उल्लेख कीजिए।

Q9.निम्नलिखित में से किन्हीं दो पर टिप्पणियाँ लिखिए :

(6) नजीर का धार्मिक दृष्टिकोण (४) बिहारी की बहुज्ञता

(iii) FARE की काव्य-भाषा

(iv) Tan की कृष्णलीला