BHDC-103 · December 2020 · हिन्दी
IGNOU BHDC-103 December 2020 Previous Year Question Paper (हिन्दी)
BHDC-103
Structured previous year question paper for BHDC-103, December 2020 session (Hindi medium).
Questions: 9
Verified: 10 Aug 2026
मुद्रित पृष्ठों की संख्या : 4 BHDC-103
बी. ए. ( ऑनर्स ) हिन्दी (बी. ए. एच. डी. एच. )
सत्रांत परीक्षा
दिसम्बर, 2020
बी.एच.डी.सी.-103 : आदिकालीन एवं
मध्यकालीन हिन्दी कविता
समय : 3 घण्टे अधिकवम अक : 100
We: कुल प्राँच wea को उत्तर दीजिए। पहला प्रश्न
अनिवार्य है।
Q1.निम्नलिखित काव्यांशों में से किन््हीं तीन की सन्दर्भ सहित व्याख्या कीजिए ; 12x3=36
(क) छाप-तिलक तज दीन्ही रे, तोसे नैना मिला के। प्रेम बटी का मदवा पिलाके मतवारी कर दीन्ही रे, मोसे नेना मिला के। खुसरों निजाम पै बलि-बलि जहए, मोहे सुहागन कीन्ही रे, मोसे नेना मिला के।
(ख) सुधामुखि के बिहि निरमलि बाला। अपरुब रूप मनोभवमंगल त्रिभुवन विजयी माला॥ सुन्दर बदन चारु अरु लोचन काजर-रंजित भेला। कनक-कमल माझे काल भुजंगिनि श्रीयुत खंजन खेला॥ नाभि बिबर सएं लोम-लतावलि भुजगि निसास-पियासा नासा खगपति-चंचु भरम-मय कुच-गिरि-संधि निवासा॥
(ग) पानि भरइ आवहिं पनिहारी। रूप सुरूप पदुमिनी नारीं॥ पदुम गंध तेन्ह अंग बसाहीं। भँवर लागि तेन्ह संग फिराहीं॥ लंक सिंधिनी सारँग नेनी। हँसगामिनी कोकिल बैनी॥ आँवहिं झुंड सो पाँतिहि पाँती। गवन सोहाइ सो भाँतिहि भाँती॥ केस मेघावरि सिर ता पाई। चमकहिं दसन बीजु की नाई॥
(घ) धूत कहौ, अवधूत कहौ, राजपूतु कहो, जोलहा कहौ कोऊ। काहूकी बेटीसों, बेटा न ब्याहब, काहूकी जाति बिगार न सोऊ। तुलसी सरनाम गुलामु है रामको, जाको, रुचे सो कहै कछु ओऊ। माँगि के खेंबो, मसीतको सोइबो, लैबोको एकु न दैबेको दोऊ॥ (ड) कपड़े किसी के लाल हैं रोटी के वास्ते। लम्बे किसी के बाल हैं रोटी के वास्ते॥ बाँधे कोई रुमाल है रोटी के वास्ते॥ सब कष्फ और कमाल हैं रोटी के वास्ते॥ जितने हैं रूप सब यह दिखाती हैं रोटियाँ।
Q2.अमीर खुसरो के काव्य में वर्णित लोक जीवन के स्वरूप पर प्रकाश डालिए।
Q3.“विद्यापति के काव्य में भक्ति, श्रृगागा और लोक जीवन की त्रिवेणी प्रवाहित होती है। इस कथन पर विचार कीजिए॥
Q4.कबीर की सामाजिक चेतना को रेखांकित कीजिए।
Q5.सूरदास की भक्ति-भावना पर प्रकाश डालिए॥
Q6.मीराबाई के काव्य में उपस्थित स्त्री-चेतना को चिन्हित कीजिए॥
Q7.एक कवि के रूप में घनानंद का मूल्यांकन कीजिए।
Q8.रीतिकाल की पृष्ठभूमि पर विचार करते हुए बिहारी के काव्य-सौन्दर्य की चर्चा कीजिए।
Q9.निम्नलिखित में से किन्हीं दो पर टिप्पणियाँ लिखिए :
(क) तुलसीदास का लोकमंगल
(ख) जायसी का महत्व
(ग) रसखान का प्रेमदर्शन
(घ) नजीर अकबराबादी के काव्य में प्रकृति