BHDC-103 · December 2024 · हिन्दी
IGNOU BHDC-103 December 2024 Previous Year Question Paper (हिन्दी)
BHDC-103
Structured previous year question paper for BHDC-103, December 2024 session (Hindi medium).
Questions: 8
Verified: 10 Aug 2026
मुद्रित पृष्ठों की संख्या : 5 BHDC-103
सत्रांत परीक्षा
दिसम्बर, 2024
बी.एच.डी.सी.-103 : आदिकालीन एवं मध्यकालीन
हिंदी कविता
समय / 3 घण्टे अधिकवम अक : 100
नोट : कुल प्राँच प्रश्नों को उत्तः दीजिए। पहला प्रश्न
अनिवार्य है।
Q1.निम्नलिखित काव्यांशों में से किन्हीं तीन की संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए : 3x12=36
(क) मानुष हों तौ वहीं रसखानि बसों ब्रज गोकुल गाँव के ग्वारन। जो पसु हों तो कहा बसु मेरो चरौं नित नंद की धेनु मँँझारन। पुरंदर धारन। जो खग हों तो बसेरों करों मिल कालिंदी-कूल कदम्ब की डारन॥
(ख) हरि जननी मैं बालक तेरा, काहे न अवगुन बकसहु मेरा। सुत अपराध करत हे केते, जननी के चित रहें न तेते। कर गहि केस करे जो घाता, तऊ न हेत उतारै माता। कहै कबीर इक बुद्धि विचारी, बालक दुखी दुखी महतारी॥
(ग) काहे को रोकत मारग सूधौ ? सुनहु मधुप ! निर्गुन-कंटक तें राजपंथ क्यों रुधो ? के तुम सिख पठाए कुब्जा, कै कही स्यामधन जू धौं ? वेद पुरान सुमृति सब ढूँढों जुवबतिन जोग कहूँ थौं ? ताको कहा परेखौ कीजै, जानत छाँछन दूधौ। सूर मूर अक्रूर गए लै ब्याज निबेरत ऊधौ॥
(घ) रहिमन पानी राखिए बिन पानी सब सून। पानी गएन ऊबरे मोती मानस चून॥ जो रहीम उत्तम प्रकृति का करि सकत कूसंग। चंदन विष व्यापत नहीं, लपटे रहत भुजंग॥ (S) पायो जी मैंने रामरतन धन पायो। वस्तु अमोलक दी म्हारे सतगुरु किरपा करि अपनायो। जनम जनम की पूँजी पाई, जग में सबै खोवायो। खरचे नहिं कोई चोर न लेवै, दिन-दिन बढ़त सवायो। सत की नाव खेवाहिया सतगुरु, भवसागर तर आयो। मीरा के प्रभु गिरधर नागर, हरख-हरख जस गायो॥
Q2.अमीर खुसरो के काव्य में अभिव्यक्त लोकपक्ष की विविधता का सोदाहरण परिचय दीजिए।
Q3.निर्गुण के अर्थ को स्पष्ट करते हुए कबीर की निर्गुण भक्ति पर प्रकाश डालिए।
Q4.जायसी की भक्त में प्रेम के महत्व की विवेचना कीजिए॥
Q5.सूरदास के वात्सल्य वर्णन की विशिष्टताओं पर प्रकाश डालिए।
Q6.“रहीम लोकजीवन के पारखी थे।” इस कथन की समीक्षा कीजिए।
Q7.मीराबाई की भक्ति की विशेषता बताते हुए उनके काव्य में निहित स्त्री चेतना के स्वर को उद्घाटित कीजिए।
Q8.निम्नलिखित में से किन्हीं दो पर टिप्पणियाँ लिखिए : 2x8=16
(क) बिहारी की काव्यभाषा
(ख) घनानंद की प्रेमदृष्टि
(ग) रसखान का कृष्णप्रेम
(a) नजीर की कविताओं में अभिव्यक्त लोकजीवन