BHDC-103 · December 2025 · हिन्दी

IGNOU BHDC-103 December 2025 Previous Year Question Paper (हिन्दी)

BHDC-103

Structured previous year question paper for BHDC-103, December 2025 session (Hindi medium).

Questions: 9

Verified: 10 Aug 2026

मुद्रित पृष्ठों की संख्या : 5 BHDC-103

बी. ए. (ऑनर्स) हिंदी

सत्रांत परीक्षा

दिसम्बर, 2025

बी.एच.डी.सी.-103 : आदिकालीन एवं

मध्यकालीन हिंदी कविता

समय : 3 घण्टे अधिकतम अंक : 100

नोट: कुल पाँच प्रश्नों के उत्तर दीजिए। पहला प्रश्न अनिवार्य

Q1.निम्नलिखित काव्यांशों में से किन्हीं तीन की संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए : 3x12=36 लखि बाबुल मोरे ! हम तो बाबुल तोरे बागों की कोयल कुहुकत घर-घर जाऊँ, लखि बाबुल मोरे हम तो बाबुल तोरे खेतों की चिड़ियाँ चुग्गा चुगत उड़ि जाऊँ, लखि बाबुल मोरे।

(ख) संतो भाई आई ग्यांन की आँधी रे। भ्रम की टाटी सभे उड़ानीं माया रहै न बाँधी रे। दुचिते की दोइ थूँनि गिरांनी मोह बलेंडा टूटा। त्रिसनां छाँनि परी घर ऊपरि दुरमति भांडा फूटा। आँधी पाछँ जो जल बरसे तिहिं तेरा जन भीना। 'कहै कबीर मनि भया प्रगासा उदै भानु जब चीनां।

(ग) ईसन के ईस, महाराजन के महाराज, देवनके देव, देव ! प्रानहु के प्रान हौ। कालहू के काल, महाभूतन के महाभूत, कर्महू के करम, निदान के निदान हौ। निगम को अगम सुगम तुलसीहू-सेको, एते मान सीलसिंधु, करुनानिधान हौ। महिमा अपार, काहू बोलको न वारापार, बड़ी साहबी में नाथ ! बड़े सावधान हौ।।

(A) FT Sead, टूटत कुटुम, जुरत चतुर-चित प्रीति। 'परति गाँठि दुरजन-हियै, दई, नई, यह रीति।। नहिं परागु, नहिं मधुर मधु, नहिं बिकासु इहिं काल। अली, कली ही सो बंध्यो, आगे कौन हवाल।। (S) Bey a तो वहीं रसखानि बसौं ब्रज गोकुल गाँवन के ग्वारन। जो पसु हों तो कहा बसु मेरो चरौ नित नन्द की धेनु मँँझारन। 'पाहन हों तो वही गिरि को जो धर्‌यौ कर छत्र पुरन्दर धारन। जे खग हैं बसेरो करी मिल कालिददी-कूल-कदम्ब की डारन।।

Q2.“मीराबाई की भक्ति अनुभवजन्य है।” इस कथन पर अपना विचार प्रकट कीजिए।

Q3.कृष्ण भक्त कवि के रूप में रसखान के कवि-कर्म पर विचार कीजिए।

Q4.जायसी की भक्ति-भावना को रेखांकित कीजिए।

Q5.सूरदास की भक्त में श्रृंगार की उपस्थिति को रेखांकित कीजिए।

Q6.अमीर खुसरो के काव्य में वर्णित लोकजीवन पर प्रकाश डालिए।

Q7.कबीर की सामाजिक चेतना पर प्रकाश डालिए।

Q8.रहीम के काव्य-सौंदर्य पर प्रकाश डालिए।

Q9.निम्नलिखित में से किन्हीं दो पर टिप्पणियाँ लिखिए ;

(क) विद्यापति के काव्य में भक्ति

(ख) तुलसीदास के काव्य में लोकमंगल

(ग) नजीर अकबरावादी के काव्य में प्रकृति

(घ) घनानंद के काव्य में प्रेम