BHDC-103 · December 2023 · हिन्दी
IGNOU BHDC-103 December 2023 Previous Year Question Paper (हिन्दी)
BHDC-103
Structured previous year question paper for BHDC-103, December 2023 session (Hindi medium).
Questions: 10
Verified: 10 Aug 2026
मुद्रित पृष्ठों की संख्या : 4 BHDC-103
सत्रांत परीक्षा
दिसम्बर, 2023
बी.एच.डी.सी.-103 : आदिकालीन एवं मध्यकालीन
हिंदी कविता
समय : 3 घण्टे अधिकतम अंक ; 100
नोट : कुल पाँच प्रश्नों के उत्तर दीजिए। पहला प्रश्न
अनिवार्य है।
Q1.निम्नलिखित काव्यांशों में से किन्हीं तीन की संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए : 12x3=36
(क) देख देख राधा रूप अपार। अपरूब के बिहि आनि मिला ओल। खिति-तरु लाबनि सार॥ अंगहि अंग अनंग मुरछायत हेरए पड़ए अधीर। मनमथ कोटि-मथन करु जे जन से हेरि महि-मधि गीर
(ख) कबीर कूता राम का, मुतिया मेरा नाउँ। गलै राम की जेवड़ी, जित खैंचे तित जाऊँ॥
(ग) काहे को रोकत मारग सूधो ? सनहु मधुप! निर्गुन-कंटक ते राजपंथ क्यों रूँधों ? के तुम सिखे पठाए कुब्जा, के कही श्याम धन जूधौ॥ वेद पुरान सुमृति सब ढूँढ़ो जुबतिन जोग कहूँथों ? ताको कहा परेखो कीजै जानत छाछे न दूधौ। सूर मूर अक्रूर गए लै ब्याज निबरत ऊधो।
(घ) एक साधे सब wa, सब साधे सब जाय। रहिमन भूलहि सींचिबो, फूलहिं फलहिं अघाय॥ क्षमा बड़ेन को चाहिए, छोटेन को उत्पात। का रहिमन हरि को घट्यो, जो भग मारी लात॥ (डः) तजि तीरथ हरि राधिका, तन दुति करि अनुराग। जिहि ब्रज केलि निकुंज-मग, पग, पग होत प्रयाग॥ बतरस लालच लाल की, मुरली धरी लुकाय। सौंह करे भौंहनि हँसे, देन कहे नटि जाय॥
Q2.अमीर खुसरो की हिन्दी की प्रमुख रचनाओं का परिचय दीजिए।
Q3.“किसी तरह की अलौकिकता विद्यापति के प्रेम को छूती तक नहीं।” इस कथन की समीक्षा कीजिए
Q4.निर्गुण के अर्थ को स्पष्ट करते हुए कबीर की निर्गुण भक्ति पर प्रकाश डालिए।
Q5.जायसी की भक्त में प्रेम के महत्व को विवेचना कीजिए।
Q6.सूरदास के वात्सल्य वर्णन की विशिष्टताओं पर प्रकाश डालिए।
Q7.तुलसीदास के निर्गुण-सगुण भक्ति संबंधी मत पर प्रकाश डालिए।
Q8.“रहीम का जीवन विरुद्धों के सामंजस्य का उदाहरण है।' सिद्ध कीजिए।
Q9.“कृष्ण भक्ति में रसखान कवि का उल्लेखनीय स्थान है।' इस कथन की समीक्षा कीजिए।
Q10.निम्नलिखित में से किन्हीं वो पर टिप्पणियाँ लिखिए : 8x2=16
(क) विद्यापति की प्रेम व्यंजना
(ख) मीरा की भक्ति
(ग) घनानंद के काव्य में प्रेम