BHDC-103 · June 2022 · हिन्दी

IGNOU BHDC-103 June 2022 Previous Year Question Paper (हिन्दी)

BHDC-103

Structured previous year question paper for BHDC-103, June 2022 session (Hindi medium).

Questions: 9

Verified: 10 Aug 2026

मुद्रित पृष्ठों की संख्या : 4 BHDC-103

बी. ए. ( आनर्स ) हिन्दी (बी. ए. एच. डी. एच. )

सत्रांत परीक्षा

जून, 2022

बी.एच.डी.सी.-108 : आदिकालीन एवं मध्यकालीन

हिन्दी कविता

समय : 3 घण्टे अधिकतम अंक ; 100

नोट : कुल पाँच प्रश्नों के उत्तर दीजिए। प्रथम प्रश्न

अनिवार्य है।

Q1.निम्नलिखित काव्यांशों में से किन्हीं तीन की सन्दर्भ सहित व्याख्या कीजिए : 3x12=36

(क)संत न छाँड़े संतई, जो कोटिक मिलहिं असंत। मलय भुयंगम बेढ़िओ, तऊ सीतलता न तजंत॥ कबीर काता राम का, मुतिया मेरा नाउँ।

(ख) किलकत कान्ह घुटुरुवनि आवत। मनिमय कनक नंद के आँगन, बिंब पकरिबैं धावत। कबहूँ निरखि हरि आपु छाँह कौं, कर सौं पकरन चाहत। किलकि हँसत राजत द्वै दतियाँ, पुनि-पुनि तिहिं अवगाहत। कनक-भूमि पर कर-पग-छाया, यह उपमा इक राजति। करि-करि प्रतिपद प्रतिमनि बसुधा, कमल बैठकी साजति। बाल-दसा-सुख निरखि जसोदा, पुनि-पुनि नंद बुलावति। अँचरा तर लै ढाँकि, सूर के प्रभु कौं दूध पियावति।

(ग) सगुनहि अगुनहि नहिं कछु Fen गावहिं मुनि पुरान बुध बेदा॥ अगुन अरूप अलख अज जाई। भगत प्रेम बस सगुन सो होई॥ जो गुन रहित सगुन सोई कैसे। जलु हिम उपल बिलग नहिं जैसे॥ जासु नाम भ्रम तिमिर पतंगा। तेहि किमि कहिअ बिमोह प्रसंगा॥

(घ) रहिमन पानी राखिए, बिनु पानी सब सून। पानी गए न ऊबरै, मोती मानुष चून॥ रहिमन बिपदा हू भली, जो थोरे दिन होय। हित अनहित या जगत में, जानि परत सब कोय॥ (ड॒) प्रेम-प्रेम सब कोठ कहत, प्रेम न जानत कोइ। जो जन जाने प्रेम तो, परै जगत क्यों रोइ॥ काम क्रोध मद मोह भय, लोभ द्रोह मात्सर्य। इन सबहीं तें प्रेम है, परे कहत मुनिवर्य॥

Q2.एक कवि के रूप में अमीर खुसरो का मूल्यांकन कीजिए।

Q3.“कबीर का काव्य” विषय पर एक निबन्ध लिखिए।

Q4.जायसी के काव्य में वर्णित लोक जीवन के विभिन्‍न पक्षों का उल्लेख कीजिए॥

Q5.सूरदास की भक्त में श्रृंगार की उपस्थिति को रेखांकित कीजिए।

Q6.तुलसीदास की भक्ति के स्वरूप का विवेचन कीजिए।

Q7.बिहारी की श्रृंगार भावना पर प्रकाश डालिए।

Q8.“घनानंद प्रेम के सर्वकालिक महान कवि हैं।” इस कथन की समीक्षा कीजिए।

Q9.निम्नलिखित में से किन्हीं दो पर टिप्पणियाँ लिखिए :

(क)विद्यापति के काव्य में श्रृंगार

(ख) मीराबाई

(ग) रसखान

(घ) शहर-आशोब