BHDC-103 · December 2022 · हिन्दी
IGNOU BHDC-103 December 2022 Previous Year Question Paper (हिन्दी)
BHDC-103
Structured previous year question paper for BHDC-103, December 2022 session (Hindi medium).
Questions: 9
Verified: 10 Aug 2026
बी.ए. (ऑनर्स) हिन्दी (34प्ता0प्त)
सत्रांत परीक्षा
दिसम्बर, 2022
बी.एच.डी.सी.-103 : आदिकालीन एवं
मध्यकालीन हिन्दी कविता
समय : 3 घण्टे अधिकतम अंक : 100
नोट: किन््हीं पाँच उरश्नों के उत्त दीजिए / पहला ग्रशन अनिवार्य है /
Q1.निम्नलिखित काव्यांशों में से किन्हीं तीन की संदर्भ-सहित व्याख्या कीजिए : 3x12=36
(क) गोरी सोबे सेज पर मुख पर डारे केस । चल खुसरो घर आपने रैन भई चहुँ देश ।। खुसरों रैन सोहाग की, जागी पी के संग । तन मेरो मन पीऊ को दोऊ भए एक रंग ॥। देख मैं अपने हाल को रोऊं, जार-ओ-जार । वे गुनवन्ता बहुत है, हम हैं औगुन हार ।। चकवा चकवी दो जने इन मारे न कोय । ईह मारे करतार कै रैन बिछोही होय ।॥
(ख) के पतिआ लए जाएत रे मोरा पियतम पास । हिय नहि सहए असह दुख रे भेल साओन मास ॥ एकसरि भवन पिया बिनु रे मोरा रहलो न जाय । सखि अनकर दुख दारुन रे जग के पतिआय मोर मन हरि हरि लए गेल रे अपनों मन गेल गोकुल तजि मधुपुर बस रे कत अपजस लेल ॥
(ग) अखियाँ हरि दरसन की प्यासी । देख्यौ चाहति कमलनैन कौं, निसि दिन रहतिं उदासी ।। आए ऊधौ फिरि गए आँगन, डारि गए गर फाँसी । केसरि तिलक मोतिनि की माला, बूंदावन के बासी ।। काहू के मन की कोउ जानत, लोगनि के मन हाँसी । सूरदास प्रभु तुम्हे दरस कौं, करवत लैहौं कासी ।।
(घ) रामकथा सुंदर कर तारी | संसय बिहग उड़ावनिहारी ।। रामकथा कलि बिटप कुठारी । सादर सुनु गिरिराजकुमारी ।। राम नाम गुन चरित सुहाए | जनम करम अगनित श्रुति गाए ॥। जथा अनंत राम भगवाना । तथा कथा करीति गुन नाना ॥। (ड) मोर किरीट नवीन लसै मकराकृत कुण्डल लोल की डोरनि । ज्यों रसखान घने घन में दमकै बिबि दामिनि चाप के छोरनि । मारि है जीव तो जीव बलाय बिलोक बजाय लौंनन की कोरनि । कौन सुभाय सौं आवत स्याम बजावत बैनु नचावत मौरनि ।।
Q2.कबीर के काव्य का महत्त्व स्पष्ट कीजिए ।
Q3.जायसी की भक्ति भावना पर विचार कीजिए ।
Q4.सूरदास के वात्सल्य वर्णन पर प्रकाश डालिए ।
Q5.तुलसीदास के काव्य के विभिन्न पक्षों की चर्चा कीजिए ।
Q6.रहीम के रचना संसार पर प्रकाश डालिए ।
Q7.मीराबाई की भक्ति भावना को रेखांकित कीजिए ।
Q8.घनानंद के काव्य में उपस्थित प्रेम और भक्ति के स्वरूप का मूल्यांकन कीजिए ।
Q9.निम्नलिखित में से किन्हीं को पर टिप्पणियाँ लिखिए: 2948-16
(क) नज़ीर के काव्य में उत्सवधर्मिता
(ख) जायसी के काव्य में लोक
(ग) विद्यापति की भक्ति-भावना
(घ) रसखान की भक्ति