MHD-4 · June 2023 · हिन्दी
IGNOU MHD-4 June 2023 Previous Year Question Paper (हिन्दी)
नाटक और अन्य गद्य विधाएँ (Drama and Other Prose Forms)
Structured previous year question paper for MHD-4, June 2023 session (Hindi medium).
Questions: 10
Verified: 26 Jul 2026
हिन्दी में स्नातकोत्तर उपाधि (एम. ए. हिन्दी )
सत्रांत परीक्षा
जून, 2028
एम.एच.डी.-4 : नाटक और अन्य गद्य विधाएँ
समय : 3 घण्टे अधिकतम अंक ; 100
नोट : प्रथम प्रश्न अनिवार्य है। शेष में से किन्हीं चार
प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
Q1.निम्नलिखित में से किन्हीं तीन की सन्दर्भ सहित व्याख्या कीजिए ; 3x 12=36
(क) सभी धर्म, समय और देश की स्थिति के अनुसार विवृत होते रहे हैं और होंगे। हम लोगों को हठधमिंता से उन आगंतुक क्रमिक पूर्णता प्राप्त करने वाले ज्ञानों से मुँह न फेरना चाहिए। हम लोग एक ही मूल धर्म की दो शाखाएँ हैं। आओ, हम दानों विचार के फूलों से दुःखदग्ध मानवों का कठोर पथ कोमल करें।
(ख) पृथ्वी पर रसमय वनस्पति नहीं होगी शिशु होंगे पैदा विकलांग और काष्ठग्रस्त सारी मनुष्य जाति बौनी हो जाएगी जो कुछ भी ज्ञान संचित किया है मनुष्य ने सतयुग में, त्रेता में, द्वापर में सदा-सदा के लिए होगा विलीन वह गेहू की बालों में सर्प फुफकारेंगे नदियों में बह-बहकर आयेगी पिघली आग।
(ग) धोखा खाने वाला मूर्ख और धोखा देने वाला ठग क्यों कहलाता है ? जब सब कुछ धोखा ही धोखा है, और धोखे से अलग रहना ईश्वर की भी सामर्थ्य से भी दूर है, तथा धोखे ही के कारण संसार का चर्खा पिनन-पिन्न चला जाता है, नहीं तो ढिच्चर-ढिच्चर होने लगे, बरंच रही न जाय जा फिर इस शब्द का स्मरण वा श्रवण करते ही आपकी नाक-भौंह क्यों सुकुड जाती
(घ) इस देश में अनेक भाषाएँ हैं, अनेक जातियाँ हैं, इन जातियों की अपनी-अपनी संस्कृति है। इन सभी जातियों की संस्कृतियों के सामान्य तत्वों का, उनके समुच्चय का नाम भारतीय संस्कृति है। भारत की जातियों से भिन्न भारतीय संस्कृति की सत्ता कहीं नहीं है। (७) सांप्रदायिकता सदैव संस्कृति की दुहाई दिया करती है। उसे अपने असली रूप में निकलते शायद लज्जा आती है, इसलिए वह उस गधे की भाँति जो सिंह की खाल ओढकर जंगल के जानवरों पर रोब जमाता फिरता था, संस्कृति का खोल चढ़ाकर आती है। हिंदू अपनी संस्कृति को कयामत तक सुरक्षित रखना चाहता है, मुसलमान अपनी संस्कृति को।
Q2.“अंधेर नगरी' नाटक में निहित व्यंग्य की सोदाहरण समीक्षा कीजिए।
Q3.“आधे-अधूरे' नाटक के प्रतिपाद्य का विवेचन
Q4.“नुक्कड' नाटक के रूप में 'औरत' नाटक के महत्व और प्रासंगिकता पर प्रकाश डालिए॥
Q5.रामचंद्र शुक्ल के मनोविज्ञान संबंधी निबंधों को ध्यान म॑ रखकर “लोभ और प्रीति” की विशेषताएँ बताइए। .
Q6.व्यंग्य निबंध के रूप में “तीसरे दजें का aga’ का आलोचनात्मक विवेचन कौजिए।
Q7.“क्या भूलूँ क्या याद करूँ के रचनाशिल्प पर विचार
Q8.रंगमंच और अभिनेयता की दृष्टि से 'स्कदगुप्त' या *अंधायुग” की समीक्षा कौजिए।
Q9.श्रीकांत वर्मा द्वारा लिये गये 'ऑक्टेवियो पॉज' के साक्षात्कार में उठाये गये प्रमुख मुद्दों का उल्लेख
Q10.निम्नलिखित में से किन्हीं दो पर टिप्पणियाँ लिखिए :
(क) स्वातन्त्रयोत्तर हिंदी नाटक
(ख) महादेवी वर्मा के रेखाचित्र
(ग) “बसंत का अग्रदूत" की भाषा
(a) “कुटज' की अंतर्वस्तु