MHD-4 · June 2013 · हिन्दी
IGNOU MHD-4 June 2013 Previous Year Question Paper (हिन्दी)
नाटक और अन्य गद्य विधाएँ (Drama and Other Prose Forms)
Structured previous year question paper for MHD-4, June 2013 session (Hindi medium).
Questions: 10
Verified: 26 Jul 2026
co हिन्दी में स्नातकोत्तर उपाधि ( एम.ए. हिन्दी )
oO सत्रांत परीक्षा
oO जून, 2013
एम.एच.डी.-4 _: नाटक और अन्य गद्य विधाएँ
समय ; 3 घण्टे अधिकतम अंक : 100
नोट ; पहला प्रश्न अनिवार्य है। शेष किन्हीं चार प्रश्नों के उत्त दीजिए।
Q1.किन्हीं तीन की संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए : 12x3=36
(क) सभी धर्म, समय और देश की स्थिति के अनुसार विवृत्त होते रहे हैं और होंगे। हम लोगों को हठधर्मिता से उन आगंतुक क्रमिक पूर्णता प्राप्त करने वाले ज्ञानों से मुँह न फेरना चाहिए। हम लोग एक ही मूल धर्म की दो शाखाएँ हैं। आओ, हम दोनों विचार के फूलों से दुख-दग्ध मानवों का कठोरपन्न कोमल करें।
(ख) इसलिए कि आज वह अपने को बिल्कुल बेसहारा समझता है। उसके मन में यह विश्वास बिठा दिया है तुमने कि सब कुछ होने पर भी उसके लिए जिंदगी में तुम्हारे सिवा कोई चारा, कोई उपाय नहीं। और ऐसा इसलिए नहीं किया तुमने कि जिंदगी में और कुछ हासिल न हो, तो कम-से-कम यह नामुराद मोहरा तो हाथ में बना ही रहे।
(ग) यह अजब युद्ध है नहीं किसी की भी जय अंधों से शोभित था युग का सिंहासन दोनों ही पक्षों में जीता अंधापन भय का अंधापन ममता का अंधापन अधिकारों का अंधापन जीत गया जो कुछ सुंदर था, शुभ था, कोमलतम था वह हार गया द्वापर युग बीत गया।
(घ) हिंदी, बंगला, मराठी, पंजाबी, काश्मीरी आदि भाषाओं में भक्ति-आंदोलन मनुष्य-मात्र की समानता घोषित करने वाला एक व्यापक और शक्तिशाली आंदोलन था। यह आंदोलन वर्णों और मतमतांतरों में बंटे हुए सामंती समाज की व्यवस्था के विरुद्ध था, और इस व्यवस्था के कमजोर होने से वह उत्पन्न हुआ था। गरीब किसानों, कारीगरों, सौदागरों आदि की सक्रिय सहानुभूति से उसका प्रसार हुआ था। प्राचीन रूढ़िवाद जहाँ धार्मिक कर्मकांड को महत्त्व देता था, वहाँ यह आंदोलन प्रेम को भक्ति और मुक्ति का आधार मानता था। (ड) श्यामा चाहती कि मैं सदैव कविता में डूबा रहूँ। कविता में मेरा भविष्य शायद ही उसने देखा होगा, पर इतना तो उसने अनुभव ही किया होगा कि काव्य सृजन में ही मेरा मन कुछ शांति, कुछ मुक्ति पाता है, जो अन्यथा उद्दिग्न, उद्भ्रांत अथवा अशांत रहता है। शायद अब भी मन: शक्तियों का पूर्ण केंद्रीकरण, तन््मयता, तल्लीनता, परिपूर्ण आत्म-विस्मरण में काव्य-सृजन के ही क्षणों में जानता हूँ-जिसे अब मैं 'समाधि' कहने लगा हूँ।
Q2."अंधेर नगरी ' एक राजनीतिक व्यंग्य नाटक का सफल उदाहरण 16 Sl" इस कथन की समीक्षा कीजिए।
Q3."स्कन्दगुप्त' नाटक में व्यक्त राष्ट्रवादी विचारों का आलोचनात्मक 16 मूल्यांकन कीजिए।
Q4... "आधे-अधूरे' नाटक रंगमंचीय दृष्टि से सफल है।” इस 16 कथन की विवेचना कीजिए।
Q5.“अंधायुग' नाटक की नाट्यगत विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।
Q6.‘ges’ faa के आधार पर द्विवेदी जी के ललित निबंधों की 16 विशेषताएँ बताइए ।
Q7.“तीसरे दर्जे का श्रद्धेय” व्यगंय निबंध का उत्कृष्ट उदाहरण 16 है।" इस कथन की समीक्षा करते हुए अपना मत प्रस्तुत कीजिए ।
Q8.“कलन का सिपाही' के आधार पर जीवनी विधा के महत्त्व पर 16 प्रकाश डालिए।
Q9... “नुक्कड़ नाटक' की विशेषताओं के आधार पर “औरत' का 16 मूल्यांकन कोजिए।
Q10.निम्नलिखित में से किन्हीं दो पर टिप्पणी लिखिए : 8x2=16
(क) “किन्नर देश की ओर' का प्रतिपाद्य
(a) “अदम्य जीवन! और रिपोर्ताज
(a) संस्मरण विधा