MHD-4 · June 2012 · हिन्दी

IGNOU MHD-4 June 2012 Previous Year Question Paper (हिन्दी)

नाटक और अन्य गद्य विधाएँ (Drama and Other Prose Forms)

Structured previous year question paper for MHD-4, June 2012 session (Hindi medium).

Questions: 10

Verified: 26 Jul 2026

3 हिन्दी में स्नातकोत्तर उपाधि ( एम.एच.डी. )

8 सत्रांत परीक्षा

जून, 2012

एम.एच.डी.-4 : नाटक एवं अन्य गद्य विधाएँ

समय : 3 घण्टे अधिकवम अंक : 100

ale: पहला प्रश्व अनिवार्य है। शेष किन्हीं चार प्रश्नों के उत्त दीजिए।

Q1.किन्‍्हीं तीन की संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए : 3x12=36

(क) भारत समग्र विश्व का है, और संपूर्ण वसुन्धरा इसके प्रेम पाश में आबद्ध है। अनादिकाल से ज्ञान कौ, मानवता की ज्योति वह विकीर्ण कर रहा है। वसुन्धरा का हृदय- भारत-किस मूर्ख को प्यारा नहीं है? तुम देखते नहीं कि विश्व का सबसे ऊँचा श्रृंग इसके सिरहाने, और गंभीर तथा विशाल समुद्र इसके चरणों के नीचे है? एक-से- एक सुन्दर दृश्य प्रकृति ने अपने इस घर में चित्रित कर रखा है। भारत के कल्याण के लिए मेरा सर्वस्व अर्पित

(ख) मैं यहाँ थी, तो मुझे कई बार लगता था कि मैं घर में नहीं चिड़ियाघर के एक पिंजरे में रहती हूँ जहाँ आप शायद सोच भी नहीं सकते कि क्या-क्या होता रहा है यहाँ। डैडी का चीखते हुए ममा के कपड़े तार-तार कर देना उनके मुँह पर पट्टी बाँध कर उन्हें बंद कमरे में पीटना खींचते हुए गुसलखाने में कमोड पर ले जा कर (सिहरकर) मैं तो बयान भी नहीं कर सकती - कि कितने-कितने भयानक दृश्य देखें हैं इस घर में मैंने। कोई भी बाहर का आदमी उस सबको देखता- जानता, तो यही कहता कि क्‍यों नहीं बहुत पहले ही ये

(ग) धर्म, नीति, मर्यादा, यह सब हैं केवल आडम्बर मात्र, मैंने यह बार-बार देखा था। निर्णय के क्षण में विवेक और व्यर्थ सिद्ध होते आए हैं सदा हम सब के मन में कहीं एक अंध गहवर है। बर्बर पशु, अंधा पशु वास वहीं करता है, स्वामी जो हमारे विवेक का, नैतिकता, मर्यादा, अनासक्ति, कृष्णार्पण यह सब हैं अंधी प्रवृत्तियों की पोशा्के जिनमें कटे कपड़ों की आँखे सिली रहती हैं। मुझको इस झूठे आडम्बर से नफरत थी इसलिए स्वेच्छा से मैंने इन आँखों पर पट्टी चढ़ा रखी थी।

(घ) रसखान तो किसी की "लकुटी अरु कामरिया" पर तीनों पुरों का राजसिंहासन तक त्यागने को तैयार थे पर देश प्रेम की दुहाई देने वालों में से कितने अपने किसी थके माँदे भाई के फटे पुराने कपड़ों और धूल भरे पैरों पर रींझ कर, या कम से कम न खीज a tami किए कमरे की फर्श भी मैली होने देंगे ? मोटे आदमियों तुम जरा सा दुबले हो जाते-अपने अंदेशे से ही सही तो, न जाने कितनी ठटरियों पर माँस चढ़ जाता। (ड) इसका मुख्य कारण यह है कि ये ब्रिटेन और अमेरिका को ही पश्चिम, बल्कि काफी हद तक संसार मान कर चलते हैं। और अमेरिका और इंग्लैंड उनकी प्रेरणाओं के केन्द्र बन गए हैं जब कि यह बात मुझे अजीब लगती है कि भारतीय समाज, जिसकी परम्पराएँ क्लासिक परपराएँ हैं, ब्रिटेन और अमेरिका के साहित्य के साथ अपना रिश्ता कैसे कायम कर सकता है, जिसकी परम्पराएँ एंटी-क्लासिक हैं। इंग्लैंड ने अपने सबसे बड़े जीनियस शेक्सपियर के रूप में भी इक्सेण्ट्रिक पैदा किया, दाँते जैसा क्लैसिस्ट नहीं। अंग्रेजी साहित्य में मिल्टन है, मगर सर्वान्तीज नहीं। यह सही है कि भारत में भी खजुराहो जैसी धुरी से खिसक कर एक अलग ही दुनिया में निकल आई अपूर्व कलाएँ हैं। लेकिन भारतीय साहित्य की परम्पराएँ केन्द्रीय हैं और मेरा निश्चित मत है कि अमेरिका और इंगलैंड का उत्केन्द्रित साहित्य उसका आदर्श नहीं हो सकता।

Q2.भारतेन्दु की नाट्य-दृष्टि की समीक्षा कीजिए।

Q3.“स्कंदगुप्त” नाटक को ध्यान में रखते हुए प्रसाद की नाट्यकला 16 की रंगमंचीय दृष्टि से आलोचना कीजिए।

Q4.हिंदी नाटक और रंगमंच को मोहन राकेश के अवदान पर प्रकाश 16 डालिए।

Q5.काव्य-नाटक के रूप में अंधायुग का मूल्यांकन कीजिए।

Q6.भाषा और शैली की दृष्टि से 'धोखा' का सोदाहरण विवेचन 16 कीजिए।

Q7.“कुटज' निबंध के माध्यम से लेखक क्या कहना चाहता है? 16 सोदाहरण उल्लेख कीजिए।

Q8.व्यंग्य निबंध की विशेषताओं की दृष्टि से परसाई जी के निबंध 16 “तीसरे दर्जे का श्रद्धेय' का विवेचन कीजिए।

Q9.निराला की वेदना किन बिन्दुओं पर छायावादी वेदनानुभूति से 16 अलग है? “वसंत [...] (this portion is being re-verified) ’ PERO के आधार पर स्पष्ट कीजिए।

Q10.निम्नलिखित में से किन्हीं दो पर टिप्पणी लिखिए : 8x2=16

(क) नुक्कड़ नाटक

(ख) बच्चन की आत्मकथा

(ग)- “संस्कृति और जातीयता' शीर्षक निबंध

(घ) ठकुरी बाबा