MHD-4 · December 2018 · हिन्दी

IGNOU MHD-4 December 2018 Previous Year Question Paper (हिन्दी)

नाटक और अन्य गद्य विधाएँ (Drama and Other Prose Forms)

Structured previous year question paper for MHD-4, December 2018 session (Hindi medium).

Questions: 9

Verified: 26 Jul 2026

हिन्दी में स्नातकोत्तर उपाधि (एम.ए. हिन्दी)

सत्रांत परीक्षा

Orses. दिसम्बर, 2018

एम.एच.डी.-4 : नाटक और अन्य गद्य विधाएँ

समय : 8 घण्टे अधिकक्म अंक : 100

me: प्रथम ग्रश अनिवार्य है । शेष ग्रस्नों में से किन्हीं चार रनों के

उत्त दीजिए / ‘

Q1.निम्नलिखित में से किन्हीं तीन की सन्दर्भ-सहित व्याख्या कीजिए : 3x12=36

(क) समष्टि में भी व्यष्टि रहती है । व्यक्तियों से ही जाति बनती है । विश्व-प्रेम, सर्वभूत-हित-कामना परम धर्म है, परंतु इसका अर्थ यह नहीं हो सकता कि अपने पर प्रेम . न हो, इस अपने ने क्‍या अन्याय किया है जो इसका बहिष्कार हो ?

(ख) अपनी ज़िंदगी चौपट करने का ज़िम्मेदार मैं हूँ । तुम्हारी ज़िंदगी चौपट करने का ज़िम्मेदार मैं हूँ । इन सबकी ... ज़िंदगियाँ चौपट करने का ज़िम्मेदार मैं हूँ । फिर भी मैं इस घर से चिपका हूँ क्योंकि अंदर से मैं आराम-तलब हूँ, घर-घुसरा हूँ, मेरी हड्डियों में ज़ंग लगा है ।

(ग) मैं दो बड़े पहियों के बीच लगा हुआ एक छोटा निरर्थक शोभा-चक्र हूँ जो बड़े पहियों के साथ घूमता है पर रथ को आगे नहीं बढ़ाता और न धरती ही छू पाता है ! और जिसके जीवन का सबसे बड़ा दुर्भाग्य यह है कि वह धुरी से उतर भी नहीं सकता !

(घ) याज्ञवल्क्य ने जो बात धक्कामार ढंग से कह दी थी वह अंतिम नहीं थी । वे “आत्मनः का अर्थ कुछ और बड़ा करना चाहते थे । व्यक्ति की आत्मा! केवल व्यक्ति तक सीमित नहीं है, वह व्यापक है । अपने में सब और सबमें आप - इस प्रकार की एक समष्टि-बुद्धि जब तक नहीं आती तब तक पूर्ण सुख का आनंद भी नहीं मिलता । (ड) ठकुरी बाबा को देने में एक विशेष प्रकार की आनंदानुभूति होती है, इसी से वे स्वयं पूछ-पूछकर इस विनिमय व्यापार को शिथिल होने नहीं देते | वे भावुक और विश्वासी जीव हैं । चिकारा हाथ में लेते ही उनके लिए संसार का अर्थ बदल जाता है । उनकी उदारता, सहज सौहार्द, सरल भावुकता आदि गुण ग्रामीण जीवन के लक्षण होने पर भी अब वहाँ सुलभ नहीं रहे । वास्तव में गाँव का जीवन इतना उत्पीड़ित और दुर्वह होता जा रहा है कि उसमें मनुष्यता को विकास के लिए अवकाश मिलना कठिन है ।

Q2.राजनीतिक प्रहसन के रूप में “अंधेर नगरी! नाटक की विवेचना कीजिए |

Q3.स्कंदगुप्त' की ऐतिहासिकता और वर्तमान प्रासंगिकता पर प्रकाश डालिए ।

Q4.आधे-अधूरे' नाटक की नायिका की चरित्रगत विशेषताओं का ; उल्लेख कीजिए |

Q5.नाट्य-शिल्प की दृष्टि से अंधायुग' की विवेचन कीजिए ।.

Q6.लोभ और प्रीति! निबंध की शैलीगत विशेषताओं का सोदाहरण उल्लेख कीजिए | 16 प. व्यंग्य निबंध की दृष्टि से परसाई जी के निबंधों की समीक्षा कीजिए |

Q7.gees नाटक-विधा की दृष्टि से “औरत” का विवेचन कीजिए ।

Q8.संस्कृति और जातीयता! निबंध में व्यक्त विचारों का मूल्यांकन कीजिए ।

Q9.निम्नलिखित में से किन्हीं ढ्ो पर टिप्पणियाँ लिखिए: 2x8=16

(क) एब्सर्ड नाटक और ाँबे के कीड़े”

(ख) “बसंत के अग्रदूत' का भाषिक सौंदर्य

(ग) राहुल जी का यात्रा-वृत्तांत

(घ) “कलम का सिपाही के प्रेमचंद