MHD-4 · December 2016 · हिन्दी
IGNOU MHD-4 December 2016 Previous Year Question Paper (हिन्दी)
नाटक और अन्य गद्य विधाएँ (Drama and Other Prose Forms)
Structured previous year question paper for MHD-4, December 2016 session (Hindi medium).
Questions: 9
Verified: 26 Jul 2026
हिन्दी में स्नातकोत्तर उपाधि (एम.ए. हिन्दी)
सत्रांत परीक्षा
O2144 दिसम्बर, 2016
एम .एच.डी.-4 : नाटक और अन्य गद्य विधाएँ
समय : 3 घण्टे अधिकतम अंक : 700
we: ग्रथम अल अनिवार्य है ।/ शेष किन्हीं चार उरनों के उत्तर
दीजिए /
Q1.निम्नलिखित में से किन्हीं तीन की सन्दर्भ-सहित व्याख्या कीजिए : 3x12=36
(क) जात ले जात, टके सेर जात । एक टका दो, हम अभी अपनी जात बेचते हैं । टके के वास्ते ब्राह्मण से धोबी हो जाएँ और धोबी को ब्राह्मण कर दें, टके के वास्ते जैसी कहो वैसी व्यवस्था दें । टके के वास्ते झूठ को सच करें । टके के वास्ते ब्राह्मण से मुसलमान, टके के वास्ते हिंदू से क्रिस्तान | टके के वास्ते धर्म और प्रतिष्ठा दोनों बेचें, टके के वास्ते झूठी गवाही दें । टके के वास्ते पाप को पुण्य मानें, टके के वास्ते नीचे को भी पितामह बनावें । वेद धर्म कुल-मरजादा सचाई-बड़ाई सब टके सेर । :
(ख) किसलिए ? त्रस्त प्रजा की रक्षा के लिए, सतीत्व के सम्मान के लिए, देवता-ब्राह्णण और गौ की मर्यादा में विश्वास के लिए, आतंक से प्रकृति को आश्वासन देने के लिए - आपको अपने अधिकार का उपयोग करना होगा । युवराज ! इसीलिए मैंने कहा था कि आप अपने अधिकारों के प्रति उदासीन हैं, जिसकी मुझे बड़ी चिंता है । गुप्त-साम्राज्य के भावी शासक को अपने उत्तरदायित्व का ध्यान नहीं ।
(ग) मुझे उस असलियत की बात करने दीजिए जिसे मैं जानती हूँ 1... एक आदमी है । घर बसाता है । क्यों बसाता है ? एक ज़रूरत पूरी करने के लिए । कौन-सी ज़रूरत ? अपने अंदर के किसी उसको... एक अधूरापन कह लीजिए उसे... उसको भर सकने की । इस तरह उसे अपने लिए... अपने में... पूरा होना होता है । किन्हीं दूसरों को पूरा करते रहने में ही ज़िंदगी नहीं | काटनी होती । पर आपके महेंद्र के लिए ज़िंदगी का मतलब रहा है... जैसे सिर्फ़ दूसरों के ख़ाली खाने भरने की ही एक चीज़ है वह । जो कुछ वे दूसरे उससे चाहते हैं, उम्मीद करते हैं... या जिस तरह वे सोचते हैं उनकी ज़िंदगी में उसका इस्तेमाल हो सकता है ।
(घ) संस्कृति थी यह एक बूढ़े और अंधे की महायुद्ध घोषित किए, जिसके अंधेपन में मर्यादा गलित-अंग वेश्या-सी प्रजाजनों को भी रोगी बनाती फिरी ह उस अंधी संस्कृति, उस रोगी मर्यादा की रक्षा हम करते रहे है सत्रह दिन । (ड) धोखा खाने वाला मूर्ख और धोखा देने वाला ठग क्यों कहलाता है ? जब सब कुछ धोखा ही धोखा है, और धोखे से अलग रहना ईश्वर की भी सामर्थ्य से दूर है, तथा धोखे ही के कारण संसार का चर्खा पिन्न-पिन्न चला जाता है, नहीं तो ढिच्चर-ढिच्चर होने लगे, बरंच रही न जाय तो फिर इस शब्द का स्मरण वा श्रवण करते ही आप की नाक-भौंह क्यों सुकुड़ जाती है ?
Q2.प्रहसन के रूप में 'अंधेर नगरी' का मूल्यांकन कीजिए ।
Q3.स्कंदगुप्त! के आधार पर जयशंकर प्रसाद की नाट्य-दृष्टि का विवेचन कीजिए |
Q4.“आधे अधूरे के नाट्य-शिल्प पर विचार कीजिए ।
Q5.‘ster gr के कथ्य का विश्लेषण कीजिए ।
Q6.एकांकी के तत्त्वों के आधार पर ताँबे के कीड़े' एकांकी का विवेचन कीजिए । 16 पर. 'धोखा' निबंध की भाषा और शिल्प पर प्रकाश डालिए।
Q7.feat ta A ai की विशेषताएँ बताइए ।
Q8.रेखाचित्र के रूप में 5कुरी बाबा' का मूल्यांकन कीजिए ।
Q9.frafafaa 4 a feed at पर टिप्पणियाँ लिखिए: 9585-76
(क) क्या भूलूँ कया याद करूँ” का महत्त्व
(ख) “वसंत का अग्रदूत' का संरचनात्मक वैशिष्ट्य
(ग) कलम का सिपाही
(a) हरिशंकर परसाई के लेखन में व्यंग्य