MHD-10 · December 2022 · हिन्दी

IGNOU MHD-10 December 2022 Previous Year Question Paper (हिन्दी)

प्रेमचंद की कहानियाँ (Premchand's Stories)

Structured previous year question paper for MHD-10, December 2022 session (Hindi medium).

Questions: 7

Verified: 26 Jul 2026

हिन्दी में स्नातकोत्तर उपाधि

सत्रांत परीक्षा

दिसम्बर, 2022

एम.एच.डी.-10 : प्रेमचंद की कहानियाँ

समय : 2 घण्टे अधिकतम अक : 50

नोट : 6) प्रथम प्रश्न अनिवार्य है।

(४) शेष में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर दीजिए

Q1.निम्नलिखित गद्यांशों में से किन्हीं ढ्/ की सन्दर्भ सहित व्याख्या कीजिए : प्रत्येक 10

(क) भोजन तैयार हो गया है। आँगन में पत्तलें पड़ गयीं, मेहमान खाने लगे। स्त्रियों ने गारी-गीत गाना आरंभ कर दिया। मेहमानों के नाई और सेवकगण भी उसी मंडली के पास किन्तु कुछ हटकर भोजन करने बैठे थे, परन्तु सभ्यतानुसार जब तक सब के सब खा चुके कोई उठ नहीं सकता था। दो-एक मेहमान जो कुछ पढ़े-लिखे थे, सेवकों के आहार पर झुँझला रहे थे। वे इस बंधन को व्यर्थ और बे-सिर-पैर की बात समझते थे।

(ख) जब पेट भर गया, दोनों ने आजादी का अनुभव किया, तो मस्त होकर उछलने-कूदने लगे। पहले दोनों ने डकार ली। फिर सींग मिलाये और एक दूसरे को ठेलने लगे। मोती ने हीरा को कई कदम पीछे हटा दिया, यहाँ तक कि वह खाई में गिर गया। जब उसे भी क्रोध आया। सँभलकर उठा और फिर मोती से मिल गया। मोती ने देखा खेल में झगड़ा हुआ चाहता है, तो किनारे हट गया।

(ग) उसने जेब से पत्र निकालकर रूपमणि के सामने रख दिया। इन शब्दों में जो संकेत और व्यंग्य था, उसने एक क्षण तक रूपमणि को उसकी तरफ देखने न दिया। आनन्द के इस निर्दय प्रहार ने उसे आहत-सा कर दिया था; पर एक ही क्षण में विद्रोह की एक चिनगारी-सी उसके अंदर जा घुसी। उसने स्वच्छन्द भाव से पत्र को लेकर पढ़ा। पढ़ा सिर्फ आनन्द के प्रहार का जवाब देने के लिए; पर पढ़ते-पढ़ते उसका चेहरा तेज से कठोर हो गया, गरदन तन गई, आँखों में उत्सर्ग की लाली आ गई।

(घ) अलोपीदीन ने कलमदान से कलम निकाली और उसे वंशीधर के हाथ में देकर बोले, न मुझे fast at चाह है न अनुभव की, न मर्मज्ञता की, न कार्य-कुशलता की। इन गुणों के महत्त्व का परिचय खूब पा चुका हूँ। अब सौभाग्य और सुअवसर ने मुझे वह मोती दे दिया है, जिसके सामने योग्यता और विद्बता की चमक फीकी पड़ जाती है। यह कलम लीजिए, अधिक सोच-विचार न कीजिए, दस्तखत कर दीजिए। परमात्मा से यही प्रार्थना है कि वह आपको सदैव वही नदी के किनारे वाला, बेमुरौवत, sete, कठोर परन्तु धर्मनिष्ठ दारोगा बनाये रखे।

Q2.प्रेमचन्दर की कहानियों के माध्यम से उनकी किसान सम्बन्धी दृष्टि को स्पष्ट कीजिए।

Q3.“घासवाली' कहानी का महत्व प्रतिपादित कीजिए।

Q4.प्रेमचंद के स्त्री सम्बन्धी दृष्टिकोण का मूल्यांकन कीजिए।

Q5.“विध्वंस" कहानी की समीक्षा कीजिए।

Q6.“सवा सेर गेहूँ” कहानी के उद्देश्य पर प्रकाश डालिए।

Q7.निम्नलिखित में से किन्हीं ढ्गें पर टिप्पणियाँ लिखिए :

(क) “बेटों वाली विधवा” कहानी की कथावस्तु

(ख) “मनोवृत्ति' कहानी का देशकाल

(ग) स्वाधीनता और प्रेमचंद

(घ) वृद्धावस्था का मनोविज्ञान और “बूढ़ी काकी'