MHD-10 · December 2020 · हिन्दी
IGNOU MHD-10 December 2020 Previous Year Question Paper (हिन्दी)
प्रेमचंद की कहानियाँ (Premchand's Stories)
Structured previous year question paper for MHD-10, December 2020 session (Hindi medium).
Questions: 7
Verified: 26 Jul 2026
हिन्दी में स्नातकोत्तर उपाधि (एम.ए. हिन्दी)
सत्रांत परीक्षा
फरवरी, 2021
एम.एच .डी.-10 : प्रेमचंद की कहानियाँ
समय : 2 घण्टे अधिकतम अंक : 50
नोट: sora yer अनिवार्य है । शेष में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर
दीजिए /
Q1.निम्नलिखित गद्यांशों में से किन्हीं को की सन्दर्भ-सहित व्याख्या कीजिए : 2x10=20
(क) जरा देर में फूलमती उठकर चली गयी । आज जीबन में पहली बार उसका वात्सल्य-मग्न मातृत्व अभिशाप बनकर उसे धिक्कारने लगा । जिस मातृत्व को उसने जीवन की विभूति समझा था, जिसके चरणों पर वह सदैव अपनी समस्त अभिलाषाओं और कामनाओं को अर्पित करके अपने को धन्य मानती थी, वही मातृत्व आज उसे अम्नि-कुण्ड-सा जान पड़ा, जिसमें उसका जीवन जलकर भस्म हो रहा था ।
(ख) विप्र महाराज साल में दो बार खलिहानी लिया करते थे । शंकर ने दिल में कहा, सवा सेर गेहूँ इन्हे क्या लौटाऊँ, पंसेरी बदले कुछ खलिहानी दे दूँगा, यह भी समझ जाएँगे, मैं भी समझ जाऊँगा । चैत में जब विप्रजी पहुँचे तो उन्हें डेढ़ पंसेरी के लगभग गेहूँ दे दिया और अपने को उऋण समझ उसकी कोई चर्चा न की । विप्रजी ने फिर कभी न माँगा । सरल शंकर को क्या मालूम था कि यह सवा सेर गेहूँ चुकाने के लिए मुझे दूसरा जन्म लेना
(ग) सालाना इम्तहान हुआ | भाई साहब फेल हो गये, मैं पास हो गया और दरजे में प्रथम आया । मेरे और उनके बीच में केवल दो साल का अन्तर रह गया । जी में आया, भाई साहब को आड़े हाथों लूँ-- आपकी यह घोर तपस्या कहाँ गयी ? मुझे देखिए, मजे से खेलता भी रहा और दरजे में अव्वल भी हूँ । लेकिन वह इतने दुखी और उदास थे कि मुझे उनसे दिली हमदर्दी हुई और उनके घाव पर नमक छिड़कने का विचार ही लज्जास्पद जान पड़ा । हाँ, अब मुझे अपने ऊपर कुछ अभिमान हुआ और आत्मसम्मान भी बढ़ा । भाई साहब का वह रौब मुझ पर न रहा ।
(a) नोहरी अभी बैठी हुई थी कि शोर मचा -जत्था आ गया । पश्चिम में गर्द उड़ती हुई नजर आ रही थी, मानों पृथ्वी उन यात्रियों के स्वागत में अपने राज-रत्नों की वर्षा कर रही हो । गाँव के सब स्त्री-पुरुष सब काम छोड़कर उनका अभिवादन करने चले । एक क्षण में तिरंगी पताका हवा में फहराती दिखायी दी, मानों स्वराज्य ऊँचे आसमान पर बैठा हुआ सबको आशीर्वाद दे रहा है ।
Q2.'सुजान भगत कहानी का विश्लेषण करते हुए उसका महत्त्व निर्धारित कीजिए ।
Q3.“ Saat ft कथा संघर्ष बनाम मुक्ति की कथा है ।” तर्कपूर्ण विचार कीजिए ।
Q4.“िध्वंर्सा कहानी का प्रतिपाद्य स्पष्ट कीजिए ।
Q5.ईदगाह” कहानी की मूल संवेदना को स्पष्ट कीजिए ।
Q6.प्रेमचंद के स्त्री-संबंधी दृष्टिकोण पर प्रकाश डालिए ।
Q7.निम्नलिखित में से किन्हीं क्रो पर टिप्पणियाँ लिखिए :.. 96-70
(क) प्रेमचंद की कहानी-कला
(ग) “Gee की संवाद योजना
(घ) प्रेमचंद की राष्ट्रवाद विषयक दृष्टि