BHDE-144 · December 2025 · हिन्दी

IGNOU BHDE-144 December 2025 Previous Year Question Paper (हिन्दी)

BHDE-144

Structured previous year question paper for BHDE-144, December 2025 session (Hindi medium).

Questions: 9

Verified: 10 Aug 2026

मुद्रित पृष्ठों की संख्या : 4 BHDE-144

स्नातक उपाधि कार्यक्रम

सत्रांत परीक्षा

दिसम्बर, 2025

बी.एच.डी.ई.-144 : छायावाद

समय : 3 घण्ट अधिकतम अंक : 100

नोट: कुल पाँच प्रश्नों के उत्तर दीजिए। पहला प्रश्न अनिवार्य है।

Q1.निम्नलिखित काव्यांशों में से किन्हीं तीन की संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए : 3x12=36

(क) दूर-दूर तक विस्तृत था हिम, स्तब्ध उसी के हृदय समान, नीरवता-सी शिला चरण से, टकराता फिरता पवमान। तरुण तपस्वी-सा वह बैठा, साधन करता सुर-श्मसान, नीचे प्रलय सिंधु लहरों का, होता था सकरुण अवसान।

(ख) हँसता है तो केवल तारा एक गुंथा हुआ उन घुँघराले काले बालों से, हृदय-राज्य की रानी का वह करता है अभिषेक । अलसता की-सी लता किंतु कोमलता की वह कली, सखी नीरवता के कन्धे पर डाले बाँह, छाँह-सी अम्बर-पथ से चली।

(ग) सफल आज उसका तप संयम, पिला अहिंसा स्तन्य सुधोपम, हरती जन-मन भय, भव तम भ्रम, जग जननी जीवन विकासिनी !

(घ) सारे शीतल कोमल नूतन, माँग रहे तुझसे ज्वाला कण, विश्व-शलभ सिर धुन कहता “मैं हाय, न जल पाया तुझमें मिल'! सिहर सिहर मेरे दीपक जल! (ड) मानस सागर के तट पर क्यों लोल लहर की घातें, कल-कल ध्वनि से हैं कहती कुछ विस्मृत बीती बातें।

Q2.“छायावाद' के उद्भव और विकास पर प्रकाश डालिए।

Q3.जयशंकर प्रसाद के युग-परिवेश को रेखांकित कीजिए।

Q4.निराला-काव्य की अन्तर्वस्तु की चर्चा कीजिए।

Q5.एक कवि के रूप में पंत के महत्व की विवेचना कीजिए।

Q6.महादेवी वर्मा के काव्य की विशेषताएँ बताइए।

Q7.“चिंता” सर्ग का महत्व प्रतिपादित कीजिए।

Q8.“जुही की कली' कविता का विश्लेषण करते हुए उसका महत्व भी बताइए।

Q9.“नौका विहार” कविता का विवेचन और विश्लेषण कीजिए।