BHDE-144 · December 2023 · हिन्दी

IGNOU BHDE-144 December 2023 Previous Year Question Paper (हिन्दी)

BHDE-144

Structured previous year question paper for BHDE-144, December 2023 session (Hindi medium).

Questions: 9

Verified: 10 Aug 2026

मुद्रित पृष्ठों की संख्या ; 4 BHDE-144

स्नातक उपाधि कार्यक्रम ( सामान्य )

सत्रांत परीक्षा

दिसम्बर, 2023

बी.एच.डी.ई.-144 : छायावाद

समय : 3 घण्टे अधिकतम अंक : 100

नोट : कुल पाँच प्रश्नों के उत्तर दीजिए। प्रथम प्रश्न

अनिवार्य है।

Q1.निम्नलिखित काव्यांशों में से किन्हीं तीन की संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए ; 3x12=36

(क) दूर-दूर तक विस्तृत था हिम, स्तब्ध उसी के हृदय समान, नीरबता-सो शिला चरण से, टकराता फिरता पवमान। तरुण तपस्वी सा वह बैठा, साधन करता सुर-श्मशान, नीचे प्रलय सिंधु लहरों का, होता था सकरुण अवसान।

(ख)मदिरा की वह नदी बहाती आती, थके हुए जीवों को वह सस्नेह, प्याला एक पिलाती। सुलाती उन्हें अंक पर अपने, दिखलाती फिर विस्मृति के वह कितने मीठे सपने।

(ग) कोयल का वह कोमल बोल, मधुकर की वीणा अनमोल, कह, तब तेरे ही प्रिय स्वर से कैसे भर लूँ सजनि, श्रवन ? भूल अभी से इस जग को! ऊषा-सस्मित किसलय-दल, सुधा रश्मि से उतरा जल, ना, अधरामृत ही के मद में कैसे बहला दूँ जीवन ? भूल अभी से इस जग को!

(घ) नयन में जिसके जलद वह तृषित चातक हूँ, शलभ जिसके प्राण में वह निठुर दीपक हूँ, फूल को उर में छिपाये विकल बुलबुल हूँ, एक होकर दूर तन से छाँह वह चल हूँ, दूर तुमसे हूँ अखण्ड सुहागिनी भी हूँ! (ड) कह न ठंढो साँस में अब भूल वह जलती कहानी, आग हो उरर में तभी दूग में सजेगा आज पानी, हार भी तेरी बनेगी माननी जय कौ पताका, राख क्षणिक पतंग की है अमर दीपक की निशानी! है तुझे अंगार-शय्या पर मृदुल कलियाँ बिछाना! जाग तुझको दूर जाना!

Q2.'छायावाद॒ का विकास!” विषय पर एक निबन्ध लिखिए।

Q3.जयशंकर प्रसाद के शिल्प-विधान पर प्रकाश डालिए।16

Q4.“प्रकृति पंत की कविता की प्राणवस्तु हे! इस कथन की समीक्षा कीजिए।

Q5.महादेवी वर्मा के काव्य की प्रमुख विशेषताओं की चर्चा कीजिए।

Q6.निराला-काव्य की अन्तर्वस्तु पर प्रकाश डालिए।

Q7."आँसू' का विश्लेषण और विवेचन कीजिए।

Q8.“भारतमाता' कविता का विश्लेषण करते हुए उसका महत्व भी बताइए।

Q9.“संध्या सुंदरी! कविता का विश्लेषण और विवेचन कीजिए।