BHDE-144 · June 2023 · हिन्दी
IGNOU BHDE-144 June 2023 Previous Year Question Paper (हिन्दी)
BHDE-144
Structured previous year question paper for BHDE-144, June 2023 session (Hindi medium).
Questions: 9
Verified: 10 Aug 2026
कुल मुद्रित पृष्ठों की संख्या :4 BHDE-144
स्नातक उपाधि कार्यक्रम ( सामान्य )/
सत्रांत परीक्षा
जून, 2023
बी.एच.डी.ई-144 : छायावाद
समय : 3 घण्टे अधिकतम अंक : 100
नोट : कुल पाँच प्रश्नों को उत्तर दीजिए। पहला प्रश्न
अनिवार्य है।
Q1.निम्नलिखित काव्यांशों में से किन्हीं तीन की संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए ; 3x12=36
(क)ओ चिंता की पहली रेखा, अरी विश्व-वन की व्याली, ज्वालामुखी wale के भीषण, प्रथम कंप-सी मतवाली। हे अभाव की चपल बालिके, री ललाट की खल-रेखा ! हरी-भरी-सी दौड़-धूप, ओ जल-माया की चल-रेखा !
(ख)वह हँसी बहुत कुछ कहती थी, फिर भी अपने में रहती थी, सबकी सुनती थी, सहती थी, देती थी सबके दाँव, बंधु !
(ग) दैन्य जडित अपलक नत चितवन अधरों में चिर नीरव रोदन, युग-युग के तम से विषण्ण मन, वह अपने घर में प्रवासिनी !
(घ) अचल हिमगिरि के हृदय में आज चाहे कम्प हो ले, या प्रलय के आँसुओं में मौन अलसित व्योम रो ले, आज पी आलोक को डोले तिमिर की घोर छाया, जागकर विद्युत शिखाओं में निठुर तूफान बोले ! पर तुझे है नाश-पथ पर चिह्न अपने छोड़ आना ! जाग तुझको दूर जाना ! (ड) नौका से उठतीं जल-हिलोर, हिल पड़ते नभ के ओर-छोर ! विस्फारित नयनों से निश्चल कुछ खोज रहे चल तारक दल ज्योतित कर नभ का अन्तस्तल ; जिनके लघु दीपों को चंचल, अंचल की ओट किये अविरल फिरतीं लहरें लुक-छिप पल-पल !
Q2.“छाया की शक्ति और सीमा' विषय पर एक निबन्ध लिखिए॥
Q3.जयशंकर प्रसाद के शिल्प-विधान की संक्षिप्त चर्चा
Q4.हिन्दी कविता के इतिहास में “निराला' के महत्व को रेखांकित कीजिए।
Q5.पंत की काव्य-चेतना के विकास के विभिन्न पक्षों पर प्रकाश डालिए।
Q6.महादेवी वर्मा का परिचय देते हुए यह स्पष्ट कीजिए कि उनके काव्य में वेदनानुभूति किस प्रकार अभिव्यक्ति हुई है?
Q7.'आँसू' के चयनित अंशों का विवेचन ओर विश्लेषण
Q8.“संध्या सुंदरी' कविता का विश्लेषण करते हुए इसका महत्व भी बताइए।
Q9.जयशंकर प्रसाद के काव्य में अभिव्यक्त राष्ट्रीय चेतना और मानवीयता पर प्रकाश डालिए।