BHDE-144 · December 2022 · हिन्दी

IGNOU BHDE-144 December 2022 Previous Year Question Paper (हिन्दी)

BHDE-144

Structured previous year question paper for BHDE-144, December 2022 session (Hindi medium).

Questions: 9

Verified: 10 Aug 2026

बी.ए. (ऑनर्स) हिन्दी

स्नातक उपाधि कार्यक्रम

बी.ए.जी. & बी.ए.एच.डी.एच.

सत्रांत परीक्षा

दिसम्बर, 2022

बी.एच.डी.ई.-144 : छायावाद

समय : 3 घण्टे अधिकतम अंक : 100

नोट: किन्‍्हीं पाँच ग्रश्नों के उत्त' दीजिए / प्रथम प्रश्न अनिवार्य है /

Q1.निम्नलिखित काव्यांशों में से किन्हीं तीन की संदर्भ-सहित व्याख्या कीजिए : 3x12=36

(क) जीवन की जटिल समस्या है बढ़ी जटा-सी कैसी; उड़ती है धूल हृदय में किसकी विभूति है ऐसी ? छीनता रे शिशु कौन ? मौन भी क्‍या रहती वह रहते प्राण ? रे अजान ! एक मेषमाता ही रहती है निर्निमिष - दुर्बल वह - छिनती संतान जब जन्म पर अपने अभिशप्त तप्त आँसू बहाती है; - योग्य जन जीता है, पश्चिम की उक्ति नहीं - स्मरण करो बार-बार - जागो फिर एक बार !

(ग) ज्यों-ज्यों लगती है नाव पार उर में आलोकित शत विचार ! इस धारा-सा ही जग का क्रम, शाश्वत इस जीवन का उद्गम, शाश्वत है गति, शाश्वत संगम ! शाश्वत नभ का नीला विकास, शाश्वत शशि का यह रजत हास, शाश्वत लघु लहरों का विलास !

(घ) सारे शीतल कोमल नूतन, माँग रहे तुझसे ज्वाला कण विश्व-शलभ सिर धुन कहता मैं हाय, न जल पाया तुझमें मिल' ! सिहर सिहर मेरे दीपक जल ! (ड) नाश भी हूँ मैं अनन्त विकास का क्रम भी, त्याग का दिन भी चरम आसक्ति का तम भी तार भी आघात भी झंकार की गति भी पात्र भी मधु भी मधुप भी मधुर विस्मृति भी अधर भी हूँ और स्मित की चाँदनी भी हूँ ।

Q2.छायावाद की अत्तर्वस्तु को रेखांकित कीजिए ।

Q3.प्रसाद की सौन्दर्य चेतना पर प्रकाश डालिए ।

Q4.निराला काव्य के रचना विधान की विशेषताओं का संक्षिप्त परिचय दीजिए ।

Q5.पंत का काव्य परिचय देते हुए यह स्पष्ट कीजिए कि उनके काव्य में नारी के प्रति नवीन दृष्टि किस प्रकार अभिव्यक्त हुई है।

Q6.महादेवी वर्मा की सौन्दर्यानुभूति की चर्चा करते हुए उनकी मूल्य चेतना को रेखांकित कीजिए ।

Q7.चिंता सर्ग' का विश्लेषण और विवेचन कीजिए ।

Q8.जाग तुझको दूर जाना कविता का विश्लेषण करते हुए उसका महत्त्व भी बताइए ।

Q9.प्रसाद के भाषा-सौन्दर्य पर अपने विचार व्यक्त कीजिए ।