BHDE-144 · December 2024 · हिन्दी

IGNOU BHDE-144 December 2024 Previous Year Question Paper (हिन्दी)

BHDE-144

Structured previous year question paper for BHDE-144, December 2024 session (Hindi medium).

Questions: 9

Verified: 10 Aug 2026

स्नातक उपाधि कार्यक्रम ( सामान्य/ऑनर्स ) हिन्दी

सत्रांत परीक्षा

दिसम्बर, 2024

बी.एच.डी.ई.-144 : छायावाद

समय : 3 घण्टे अधिकतम अंक : 100

नोट ४ कुल प्राँच प्रश्नों को उत्तर दीजिए। पहला प्रश्न

अनिवार्य है।

Q1.निम्नलिखित काव्यांशों में से किन्हीं तीन की संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए : 3x12=36

(क) क्‍यों व्यथित व्योम-गंगा-सी छिटका कर दोनों छोरें; चेतना तरंगिनी मेरी लेती है मृदुल हिलोरें। जीवन की जटिल समस्या है बढ़ी जटा-सी कैसी; sett है धूल हृदय में किसकी विभूति है ऐसी ? छीनता रे शिशु कौन ? मौन भी क्‍या रहती वह रहते प्राण ? रे अजान ! एक मेषमाता ही रहती है निर्निमेष- दुर्बल वह- छिनती संतान जब जन्म पर अपने अभिशप्त तप्त आँसू बहाती है;- योग्य जन जीता है, पश्चिम की उक्ति नहीं-

(ग) ज्यों-ज्यों लगती है नाव पार उर में आलोकित शत विचार ! इस धारा-सा ही जग का क्रम, शाश्वत इस जीवन का उद्गम, शाश्वत हे गति, शाश्वत संगम !

(A) तू जल-जल जितना होता क्षय, यह समीप आता छलनामय, मधुर मिलन में मिट जाना तू, उसकी उज्ज्वल स्मित में घुल खिल ! मदिरि-मदिर मेरे दीपक जल ! प्रियतम का पथ आलोकित कर ! (ड) विरह का जलजात जीवन विरह का जलजात ! वेदना में जन्म करुणा में मिला आवास अश्रु चुनता दिवस इसका अश्रु चुनती रात ! आँसुओं का कोष उर दूग अश्रु की टकसाल तरल जल-कण से बने घन-सा क्षणिक मृदु गात

Q2.छायावाद की प्रमुख विशेषताओं पर प्रकाश डालिए।

Q3.जयशंकर प्रसाद की सौन्दर्य चेतना का विवेचन कीजिए।

Q4.निराला के रचना विधान को उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।

Q5.एक कवि के रूप में पंत के महत्व को रेखांकित कीजिए।

Q6.महादेवी वर्मा की सूृजनात्मकता का मूल्यांकन कीजिए।

Q7.“चिंता सर्ग! के प्रतिपाद्य का विवेचन कीजिए।

Q8.“जूही की कली' कविता का विश्लेषण करते हुए इसके महत्व की चर्चा कीजिए

Q9.“नौका विहार' कविता का विवेचन करते हुए उसके वैशिष्ट्य को रेखांकित कीजिए।