BHDE-144 · June 2022 · हिन्दी
IGNOU BHDE-144 June 2022 Previous Year Question Paper (हिन्दी)
BHDE-144
Structured previous year question paper for BHDE-144, June 2022 session (Hindi medium).
Questions: 8
Verified: 10 Aug 2026
बी.ए. (ऑनर्स) हिन्दी
स्नातक उपाधि कार्यक्रम
सत्रांत परीक्षा
जून, 2022
बी.एच.डी.ई.-144 : छायावाद
समय : 3 घण्टे अधिकतम अंक : 100
नोट: किन््हीं पाँच ग्रश्नों के उत्त' दीजिए / प्रथम प्रश्न अनिवार्य है /
Q1.निम्नलिखित काव्यांशों में से किन्हीं तीन की संदर्भ-सहित व्याख्या कीजिए : 3x12=36
(क) हिमगिरि के उत्तुंग शिखर पर, बैठ शिला की शीतल Bie, एक पुरुष, भीगे नयनों से, देख रहा था प्रलय प्रवाह ! नीचे जल था, ऊपर हिम था, एक तरल था एक सघन, एक तत्त्व की ही प्रधानता, कहो उसे जड़ या चेतन ।
(ख) मानस सागर के तट पर क्यों लोल लहर की घातें ; कल कल ध्वनि से हैं कहती कुछ विस्मृत बीती बातें ।
(1) मदिरा की वह नदी बहाती आती, थके हुए जीवों को वह सस्नेह, प्याला एक पिलाती | सुलाती उन्हें अंक पर अपने, 'दिखलाती फिर विस्मृति के वह कितने मीठे सपने । तोड़ प्रकृति से भी माया, बाले ! तेरे बाल जाल में कैसे उलझा दूँ - लोचन ? भूल अभी से इस जग को, 'तज कर तरल तरंगों को, इन्द्रधनुष के रंगों को, तेरे भरू भ्रगों से कैसे बिंधवा दूँ निज मृग-सा मन ? (ड) सौरभ फैला विपुल धूप बन, मृदुल मोम सा घुल रे मृदु तनय दे प्रकाश का सिन्धु अपरिमित, तेरे जीवन का अणु गल-गल ! पुलक-पुलक मेरे दीपक जल !
Q2.छायावाद की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए उसके प्रारंभ को रेखांकित कीजिए ।
Q3.छायावाद के महत्त्व की चर्चा कीजिए ।
Q4.प्रसाद काव्य के प्रमुख स्वरों का परिचय दीजिए ।
Q5.निराला काव्य की अभ्तर्वस्तु पर प्रकाश डालिए ।
Q6.पंत के काव्य शिल्प का विश्लेषण कीजिए । 16 पर. महादेवी वर्मा के रचना विधान की विशेषताओं की चर्चा कीजिए ।
Q7.जागो फिर एक बार कविता का विश्लेषण करते हुए उसका महत्त्व भी बताइए |
Q8.'भारतमाता' कविता का विश्लेषण और विवेचन कीजिए |