BHDC-109 · December 2025 · हिन्दी
IGNOU BHDC-109 December 2025 Previous Year Question Paper (हिन्दी)
BHDC-109
Structured previous year question paper for BHDC-109, December 2025 session (Hindi medium).
Questions: 8
Verified: 10 Aug 2026
मुद्रित पृष्ठों की संख्या : 5 BHDC-109
बी. ए. (ऑनर्स) हिंदी
सत्रांत परीक्षा
दिसम्बर, 2025
बी.एच.डी.सी.-109 : हिदी उपन्यास
समय :3 घण्टे अधिकतम अंक : 100
नोट: प्रथम प्रश्न अनिवार्य है। शेष में से किन्हीं चार प्रश्नों के
उत्तर दीजिए।
Q1.निम्नलिखित गद्यांशों में से किन्हीं तीन की संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए : 3x12=36
(क) क्या जीवन में इससे बड़ी विपत्ति की कल्पना की जा सकती है ? क्या संसार में इससे घोरतर नीचता की कल्पना हो सकती है ? आज तक किसी पिता ने अपने पुत्र पर इतना निर्दय कलंक न लगाया होगा! जिसके चरित्र की सभी प्रशंसा करते थे, जो अन्य युवकों के लिए आदर्श समझा जाता था, जिसने कभी अपवित्र विचारों को अपने पास नहीं भटकने दिया, उसी पर यह घोरतर कलंक !
(ख) नियति का लेख बँधा है। एक भी अक्षर उसका यहाँ से वहाँ न हो सकेगा। वह बदलता नहीं, बदलेगा नहीं। पर विधि का वह अतर्क्य लेख किस विधाता ने बनाया है, उसका उसमें क्या प्रयोजन है-यह भी कभी पूछकर जानने की इच्छा की जा सकती है, या नहीं। शायद नहीं।
(ग) मनुष्य अपनी सामर्थ्य के अनुसार ही आगे बढ़ता है। फिर हर एक की प्रकृति में थोड़ा-बहुत अंतर भी होता ही है। तुम कवि हो, बेलाग बात कहना तुम्हारी प्रकृति में है। किन्तु तुम्हें यह भी देखना चाहिए कि आलोच्य व्यक्ति अपनी सामर्थ्य-भर सत्य को अपने जीवन में निभा रहा है या नहीं।
(घ) मैं हाथ देखकर बतला सकती हूँ। ज्योतिषी जो बात नहीं बतला सकते, यह हम लोग बतला सकते हैं। जो मंत्र-जंत्र कोई नहीं जानता है, वह हम जानते हैं। जंगल की जिन जड़ी-बूटियों को राजधानियों के बड़े-बड़े वैद्य नहीं जानते उनको हम लोग पहिचानते हैं। (ड) वह जानती थी कि ये कोने जब होते हैं तो कितने पैने होते हैं। कैसे इनसे सब कुछ कटता चलता है, विश्वास, सदभावना, अपनत्व ! सारी की सारी जिन्दगी बूँट जाती है खंडों में, टुकड़ों में कि इसके बाद एक पूरी जिन्दगी जीना नहीं, वह अब और उस सबसे गुजरना भी नहीं चाहती।
Q2.प्रेमचंद-पूर्व हिंदी उपन्यासों पर प्रकाश डालिए।
Q3.“निर्मला' उपन्यास की कथावस्तु की विशेषताओं की चर्चा कीजिए।
Q4.मृणाल की चारित्रिक विशेषताओं पर प्रकाश डालिए।
Q5.“मानस का हंस” उपन्यास की संरचना और शिल्प की विवेचना कीजिए।
Q6.“मृगनयनी' उपन्यास के परिवेशगत वैशिष्ट्य पर प्रकाश डालिए।
Q7.“आपका बंटी' उपन्यास के उद्देश्य का मूल्यांकन कीजिए।
Q8.निम्नलिखित विषयों में से किन्हीं दो पर संक्षिप्त टिप्पणियाँ लिखिए : 2285-16
(क) कथावस्तु के विकास की पद्धतियाँ
(ख) “त्याग-पत्र' की संवाद-योजना
(ग) “मानस का हंस' उपन्यास के शीर्षक की उपयुक्तता
(घ) उपन्यासकार मन्नू भण्डारी