BHDC-109 · June 2025 · हिन्दी

IGNOU BHDC-109 June 2025 Previous Year Question Paper (हिन्दी)

BHDC-109

Structured previous year question paper for BHDC-109, June 2025 session (Hindi medium).

Questions: 8

Verified: 10 Aug 2026

बी. ए. (ऑनर्स) हिंदी

सत्रांत परीक्षा

जून, 2025

बी.एच.डी.सी.-109 : हिंदी उपन्यास

समय : 3 घण्टे अधिकतम अंक : 100

नोट; प्रथम प्रश्न अनिवार्य है। शेष में से किन्हीं चार प्रश्नों को

उत्तर दीजिए।

Q1.निम्नलिखित गच्यांशों में से किन्हीं तीन की संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए : 3x12=36

(क) जीवन, तुमसे ज्यादा असार भी दुनिया में कोई वस्तु है ? क्या वह उस दीपक की भाँति ही क्षणभंगुर नहीं है, जो हवा के एक झोंके से बुझ जाता है! पानी के बुलबुले को देखते हो, लेकिन उसे टूटते भी कुछ देर लगती है, जीवन में उतना सार भी नहीं। साँस का भरोसा ही कया और इसी नश्वरता पर हम अभिलाषाओं के कितने विशाल भवन बनाते हैं। नहीं जानते, नीचे जाने वाली साँस ऊपर आएगी या नहीं, पर सोचते इतनी दूर की हैं, मानो हम अमर हैं।

(ख) जिन्दगी है, चलती जाती है। कौन किसके लिए थमता है! मरते हुए मर जाते हैं, लेकिन जिनको जीना है वे तो मुर्दों को लेकर वक्‍त से पहले मर नहीं सकते। गिरते के साथ कोई गिरता है ? यह तो चक्कर है। गिरता गिरे, उसे उठाने की सोचने में तुम लगे कि पिछड़े। इससे चले चलो। पर इस चला चली के चक्कर में अकस्मात्‌ मुझे और भी पता लगा।

(ग) श्रद्धा और विश्वास ऐसी संजीवन बूटी है कि जो एक बार घोलकर पी लेता है वह चाहने पर मृत्यु को भी पीछे धकेल देता है। फिर भी देखते हो मैं कितना सतर्क हूँ, मैंने केवल उन्हीं बालकों और युवाओं को लिया है जो कसरत करते हैं। जब तक रक्‍त शुद्ध है तब तक कोई रोग छू नहीं सकता।

(घ) तपस्या बड़ी वस्तु है परन्तु सुनता हूँ कि तपस्या करने वाले भय और अहंकार के कारण आत्म-दमन में लीन हो जाते हैं और इस आत्म-दमन को परम पद समझकर दूसरों को आतंकित करने लगते हैं। जब ऐसे लोगों को इस लोक में गौरव नहीं मिल पाता है तब उस लोक में उतने अधिक गौरव के पाने की आशा पर उनको अचम्भा होने लगता है और पागल से हो जाते हैं। (ड) मन को मारना भी तपस्या करना हो सकता है क्या ? मन तो आजकल वह भी कितना मारता है अपना, तो क्या वह भी तपस्या कर रहा है ? एक अजीब-सी पुलक उसके मन में जागी। एक अजीब-सा आत्म-विश्वास! कौन खुश होगा उसकी तपस्या

Q2.प्रेमचंदोत्तर हिन्दी उपन्यासों का परिचय दीजिए।

Q3.“निर्मला' उपन्यास के परिवेशगत वैशिष्ट्य की चर्चा कीजिए।

Q4.“त्यागपत्र' उपन्यास की संवाद-योजना की विवेचना कीजिए।

Q5.“मानस का हंस' उपन्यास के चरित्र संयोजन में उपन्यासकार की दृष्टि पर प्रकाश डालिए।

Q6.“मृगनयनी ' उपन्यास के प्रतिपाद्य पर प्रकाश डालिए।

Q7.“आपका बंटी' उपन्यास की भाषागत विशेषताओं पर प्रकाश डालिए।

Q8.निम्नलिखित विषयों में से किन्हीं दो पर संक्षिप्त टिप्पणियाँ लिखिए : 8x2=16

(क) उपन्यास के प्रकार

(ख) उपन्यासकार जैनेन्द्र कुमार

(ग) “मृगनयनी ' का चरित्र-चित्रण

(घ) “आपका बंटी ' उपन्यास की अन्तर्वस्तु