BHDC-109 · December 2023 · हिन्दी

IGNOU BHDC-109 December 2023 Previous Year Question Paper (हिन्दी)

BHDC-109

Structured previous year question paper for BHDC-109, December 2023 session (Hindi medium).

Questions: 8

Verified: 10 Aug 2026

मुद्रित पृष्ठों की संख्या : 6 BHDC-109

सत्रांत परीक्षा

दिसम्बर, 2028

बी.एच.डी.सी.-109 : हिन्दी उपन्यास

समय : 3 घण्टे अधिकतम अंक ; 100

नोट : प्रथम प्रश्न अनिवार्य है। शेष में से किन्हीं चार

प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

Q1.निम्नलिखित गद्यांशों में से किन्हीं तीन की संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए : 12x3=36

(क) निर्मला बड़ी मधुर-भाषिणी स्त्री थी, पर अब उसकी गणना कर्कशाओं में की जा सकती थी। दिन भर उसके मुख से जली-कटी बातें निकला करती थीं। उसके शब्दों की कोमलता न जाने क्‍या हो गई। भावों में माधुर्य का कहीं नाम नहीं! भूँगी बहुत दिनों से इस घर में नौकर थी। स्वभाव की सहनशील थी, पर यह आठों पहर की बकबक उससे भी न सही गई। एक दिन उसने भी घर की राह ली। यहाँ तक कि जिस बच्ची को प्राणों से भी अधिक प्यार करती थी, उसकी सूरत से भी घृणा हो गई।

(ख) जिन्दगी है, चलती जाती है। कौन किसक लिए थमता है! मरते हुए मर जाते हैं, लेकिन जिनको जीना है वे तो मुर्दों को लेकर वक्‍त से पहले मर नहीं सकते। गिरते के साथ कोई गिरता है ? यह तो चक्कर है। गिरता गिरे, उसे उठाने की सोचने में तुम लगे कि पिछडे। इससे चले चलो। पर इस चलाचली के चक्कर में अकस्मात्‌ मुझे और भी पता लगा। वह यह कि अब बुआ उस जगह नहीं है, वहाँ से (अमुक) नगर चली आई है।

(ग) सीताराम की गुहार बाबा क कानों में से ऐसे पड़ी जैसे कोई अंधा बंद गली में चलते-चलते दीवार से टकराकर अपना सिर चुटीला कर ले। मन को पछतावा हुआ, 'हे प्रभु, तुम्हारी यह माया ऐसी है कि जन्म भर जप-तप साधन करते-करते पच मरो तब भी इससे पार पाना उस समय तक महा कठिन है जब तक कि तुम्हारे ही पूर्ण कृपा न हो। सुनता हूँ, विचारता हूँ, समझता भी हूँ यहाँ तक कि अब तो दूसरों को विस्तार से समझा भी लेता हूँ पर मौके पर यह सारा किया-धरा चौपट हो

(घ) राजा मानसिंह ने पुनर्वास के लिए आई हुई जनता को किले के भीतर अस्थायी निवास दे दिया और कुओं को स्वच्छ करने का काम तेजी से साथ आरम्भ कर दिया। कुछ कुओं को साफ कर लिया गया और तली तक कई बार उनका पानी निकाल दिया गया। फिर गंगाजल की बूँदों और मंत्रों के उच्चारण से उनका पानी पीने योग्य बना लिया। इन कुओं के आस-पास के मकानों की जनता किले के बाहर आ गई। परन्तु अभी अनेक काएँ शुद्ध (ड) बुरी तो आजकल हो ही गई हैं ममी। उसे तो बहुत पहले से मालूम था कि ममी के पास अपने को बदलने का जादू है। पर कैसा है और कहाँ है, यह आज तक नहीं जान पाया। ममी के पीछे इधर-उधर काफी ताक-झांक और छानबीन भी की। पर कुछ पता नहीं लगा। पहले वाली ममी होतीं तो सीधे ममी से ही पूछ लेता, पर अब ? इन वाली ममी से कुछ पूछा जा सकता है भला ?

Q2.प्रेमचन्द के रचनागत वैशिष्ट्य पर प्रकाश डालिए।

Q3.जैनेन्द्र के उपन्यासों का परिचय देते हुए उपन्यासों की विशेषताएँ बताइए

Q4.उपन्यास के तत्वों के आधार पर “त्याग-पत्र' का मूल्यांकन कौजिए।

Q5.“मानस का हंस' उपन्यास की भाषाशैली की विशेषताओं पर प्रकाश डालिए।

Q6.“मृगनयनी' उपन्यास के प्रतिपाद्य की विवेचना कीजिए।

Q7.“आपका बंटी' उपन्यास के मुख्य चरित्रों की चारित्रिक विशिष्टताओं का उल्लेख कीजिए।

Q8.निम्नलिखित विषयों में से किन्हीं दो पर टिप्पणियाँ लिखिए : 8x2=16

(क) “परख' उपन्यास

(ख) 'निर्मला' के कथानक की विशेषताएँ

(ग) “मानस का हंस' का सामाजिक परिवेश

(घ) प्रेमचन्द पूर्व हिन्दी उपन्यास