BHDC-109 · December 2024 · हिन्दी

IGNOU BHDC-109 December 2024 Previous Year Question Paper (हिन्दी)

BHDC-109

Structured previous year question paper for BHDC-109, December 2024 session (Hindi medium).

Questions: 8

Verified: 10 Aug 2026

मुद्रित पृष्ठों की संख्या : 5 BHDC-109

सत्रांत परीक्षा

दिसम्बर, 2024

बी.एच.डी.सी.-109 : हिन्दी उपन्यास

समय / 3 घण्टे अधिकवम अक : 100

नोट : प्रथम प्रश्न अनिवार्य है। शेष में से किन्हीं चार

Q1.निम्नलिखित गद्यांशों में से किन्हीं क्ीन की संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए : 12x3=36

(क) निर्मला बड़ी मधुर-भाषिणी स्त्री थी, पर अब उसकी गणना कर्कशाओं में की जा सकती थी । दिनभर उसके मुख से जली-कटी बातें निकला करती थीं। उसके शब्दों की कोमलता न जाने क्‍या हो गई। भावों में माधुर्य का कहीं नाम नहीं ! भूँगी बहुत दिनों से इस घर में नौकर थी। स्वभाव की सहनशील थी, पर यह आठों पहर की बकबक उससे भी न सही गई। एक दिन उसने भी घर की राह ली। यहाँ तक कि जिस बच्ची को प्राणों से भी अधिक प्यार करती थी, उसकी सूरत से भी घृणा हो गई।

(ख)यह तो चक्कर है। गिरता गिरे, उसे उठाने की सोचने में तुम लगे कि पिछडे। इससे चले चलो। पर इस चलाचली के चक्कर में अकस्मात्‌ मुझे और भी पता लगा। वह यह कि अब बुआ उस जगह नहीं है, वहाँ से (अमुक) नगर चली आई है। कोइले की दुकान करने वाला एक बनिया साथ है। वह (अमुक) नगर जहाँ हम रहते थे, उससे दूर नहीं था। बुआ उसी के एक कोने में आ टिकी

(ग) इन पश्चाताप भरे शब्दों की तह में भी मोहिनी का आकर्षण अंगद के पाँव की तरह जमा हुआ था। तुलसी को स्वयं ही लगता था कि उनके ग्लानि और पछतावे के भाव मोहनी के ध्यान के सामने यदि झूठे नहीं तो फीके अवश्य ही हेैं। उहापोह में 'फँसते-फँसते मन यहाँ तक पहुँच गया कि राम का ध्यान करें तो छवि मोहिनी की दिखलाई पड़े-/छिटक, छिटक, कहाँ जा रहा है रे मन ?!

(घ) एक दिशा में उन रजत लहरों के उस पार छोटी-छोटी पहाड़ियों के ऊपर एक ऊँची पहाड़ी सिर उठाकर धूमिल नेत्रों से चाँदनी को भर-सा लेना चाहती थी; ऊँची पहाड़ी का शिखर धुएँ का स्थिर पुंज-सा जान पड़ता था। नदी के इस पार दूसरी दिशा में विशाल वृक्षों की सेज के पीछे एक ऊँचा पहाड़ चन्द्रमा को मानो नीचे उतर आने के लिए आवाहन-सा दे रहा था । (Sat मेजु के एक ओर बैठी हैं और सामने की कुर्सी पर बंटी। बीच में प्लास्टिक के सुंदर डिब्बे में वह शीशी रखी है, जो डॉक्टर साहब लाए थे। जादुई शीशी। डॉक्टर साहब का ममी al Gare... साड़ी पर मलना...फिर तड़ाक याद नहीं, इसके पहले ममी ने कब मारा था, कभी मारा भी था या नहीं एक अजीब-सा डर है जो उसके शरीर और मन को जकड़ता जा रहा था।

Q2.“निर्मला' उपन्यास के आधार पर निर्मला की चारित्रिक विशेषताओं का परिचय दीजिए।

Q3.“त्यागपत्र' उपन्यास के कथानक की विशिष्टताएँ बताइए।

Q4.अमृतलाल नागर के उपन्यासों का परिचय दीजिए।

Q5.“मानस का हंस” उपन्यास के आधार पर रत्नावली की चारित्रिक विशेषताओं का विवेचन कीजिए।

Q6.“मृगनयनी' उपन्यास के प्रतिपाद्य का विश्लेषण कीजिए।

Q7.“आपका बंटी” उपन्यास की संवाद-योजना की विशेषताओं पर प्रकाश डालिए।

Q8.निम्नलिखित विषयों में से किनन्‍्ही दो पर टिप्पणियाँ लिखिए : 8x2=16

(क) उपन्यास का रचनागत वैशिष्ट्य

(ख) निर्मला” उपन्यास के गौण पात्र

(ग) मन्‍्नू भंडारी के उपन्यास

(घ) प्रेमचंद के औपन्यासिक पात्र