BHDC-104 · June 2025 · हिन्दी
IGNOU BHDC-104 June 2025 Previous Year Question Paper (हिन्दी)
BHDC-104
Structured previous year question paper for BHDC-104, June 2025 session (Hindi medium).
Questions: 9
Verified: 10 Aug 2026
मुद्रित पृष्ठों की संख्या : 5 BHDC-104
सत्रांत परीक्षा
जून, 2025
बी.एच.डी.सी.-104 : आधुनिक हिन्दी कविता
(छायावाद तक)
समय : 3 घण्टे अधिकतम अंक : 100
नोट: कुल पाँच प्रश्नों के उत्तर दीजिए। पहला प्रश्न अनिवार्य है।
Q1.निम्नलिखित काव्यांशों में से किन्हीं तीन की संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए : 3x12=36
(क) रहै क्यों एक म्यान असि दोय। जिन नैनन में हरि रस छायो तेहि क्यों भावै कोय। जा तन-मन मैं रति रहे मोहन तहाँ ग्यान का आवै। चाहो जितनी बात प्रबोधो हाँ को जो पति आवै। अमृत खाइ अब देखि इनारुन को मूरख जो भूलै। “हरिचंद' ब्रज ले कटली बन काटौ तो फिरि फूलै।
(ख) तदपि चित्त बना है श्याम का चारु ऐसा। वह निज-सुहदों, से थे स्वयं हार खाते। वह कतिपय जीते खेल को थे जिताते। सफलित करने को बालकों में उमंगें।
(ग) किसलय-कर स्वागत-हेतु हिला करते हैं, मृदु मनोभाव-सम सुमन खिला करते हैं। डाली में नव फल नित्य मिला करते हैं, तृण तृण पर मुक्ता-भार झिला करते हैं। निधि खोले दिखला रही प्रकृति निज माया, मेरी कुटिया में राज-भवन मन भाया।
(4) रे वर्ष के हर्ष! बरस तू, बरस-बरस रसधार। पार ले चल तू मुझको, बहा, दिखा मुझको भी निज गर्जन-गौरव-संसार। उथल-पुथल कर हृदय- मचा हलचल- चल रे चल,- मेरे पागल बादल। (S) अब तरी पतवार लाकर तुम दिखा मत पार देना, आज गर्जन में मुझे बस एक बार पुकार लेना! ज्वार को तरणी बना मैं, इस प्रलय का पार पा लूँ! आज दीपक राग गा लूँ!
Q2.भारतेन्दु के काव्य की प्रमुख प्रवृत्तियों पर प्रकाश डालिए।
Q3.एक कवि के रूप में 'हरिऔध' का मूल्यांकन कीजिए।
Q4.टद्विवेदीयुगीन काव्य-भाषा पर अपने विचार व्यक्त कीजिए।
Q5.मैथिलीशरण गुप्त का महत्व बताते हुए उनकी राष्ट्रीय भावना पर प्रकाश डालिए।
Q6.छायावाद की अन्तर्वस्तु को रेखांकित कीजिए।
Q7.निराला-काव्य के वैशिष्ट्य की चर्चा कीजिए।
Q8.सुमित्रानंदन पंत की काव्य-चेतना के विकास को चिह्नित कीजिए।
Q9.निम्नलिखित में से किन्हीं दो पर टिप्पणियाँ लिखिए :
(क) भारतेन्दु युग की राजनीतिक पृष्ठभूमि
(ख) रामनरेश त्रिपाठी की काव्य-भाषा
(ग) जयशंकर प्रसाद की राष्ट्रीय भावना
(घ) महादेवी वर्मा की स्त्री-दृष्टि