BHDC-104 · June 2022 · हिन्दी
IGNOU BHDC-104 June 2022 Previous Year Question Paper (हिन्दी)
BHDC-104
Structured previous year question paper for BHDC-104, June 2022 session (Hindi medium).
Questions: 9
Verified: 10 Aug 2026
मुद्रित पृष्ठों की संख्या : 4 BHDC-104
बी. ए. ( आनर्स ) हिन्दी (बी. ए. एच. डी. एच. )
सत्रांत परीक्षा
जून, 2022
बी.एच.डी.सी.-104 : आधुनिक हिन्दी कविता
( छायावाद तक )
समय : 3 घण्टे अधिकतम अंक ; 100
नोट : कुल पाँच प्रश्नों के उत्तर दीजिए। प्रथम प्रश्न
अनिवार्य है।
Q1.निम्नलिखित काव्यांशों में से किन्हीं तीन की सन्दर्भ सहित व्याख्या कीजिए : 3x12=36
(क) रहे क्यों एक म्यान असि दोय। जिन नैनन में हरि रस छायो तेहि क्यों भाखे कोय। जा तन-मन मैं रति रहे मोहन तहाँ ग्यान का आवे। चाहो जितनी बात प्रबोधो हाँ को जो पति आवे। अमृत खाइ अब देखि इनारून को मूरख जो भूले। “हरिचंद' ब्रज ले कटली बन काटौ तो फिरि फूलै।
(ख) कहता है कौन कि भाग्य ठगा है मेरा ? वह सुना हुआ भय दूर भगा है मेरा। कुछ करने में अब हाथ लगा है मेरा वन में ही तो गार्हस्थ जगा है मेरा।
(ग) जिस निर्जन में सागर लहरी, अम्बर के कानों में गहरी-- निश्छल प्रेम-कथा कहती हो, aa कोलाहल की अवनी रे। जहाँ साँझ-सी जीवन छाया, ढीले अपनी कोमल काया, नील नयन से ढुलकाती हो,
(घ) कोई न छायादार पेड़ वह जिसके तले बैठी हुई स्वीकार; श्याम तन, भर बँधा यौवन, नत नयन, प्रिय कर्मरत मन, गुरु हथौड़ा हाथ, करती बार-बार प्रहार-- सामने तरु-मालिका अटूटालिका प्राकार। (ड) देख वसुधा का यौवन भार गूँज उठता है जब मधुमास, विधुर उर के-से मृदु उद्गार कुसुम जब खुल पड़ते सोच्छवास, न जाने सौरभ के मिस कौन संदेशा मुझे भेजता मौन।
Q2.भारतेन्दुयुगीन हिन्दी काव्य की विशेषताएँ बताइए।
Q3.द्विवेदीयुगीन काव्य की साहित्यिक प्रवृत्तियों को रेखांकित
Q4.मैथिलीशरण गुप्त के इतिहास बोध पर प्रकाश डालिए।
Q5.हिन्दी कविता के इतिहास में छायावाद के महत्व को रेखांकित कीजिए।
Q6.निराला-काव्य की अन्तर्वस्तु का विवेचन कीजिए।
Q7.महादेवी वर्मा के काव्य-सौन्दर्य की चर्चा कीजिए।
Q8.सुमित्रानंदन पंत के काव्य-शिल्प को सोदाहरण विवेचित
Q9.निम्नलिखित में से किन्हीं दो पर टिप्पणियाँ लिखिए :
(क) प्रतापनारायण मिश्र
(ख) सियारामशरण गुप्त
(ग) रामनरेश त्रिपाठी
(घ) जयशंकर प्रसाद