BHDC-104 · December 2024 · हिन्दी

IGNOU BHDC-104 December 2024 Previous Year Question Paper (हिन्दी)

BHDC-104

Structured previous year question paper for BHDC-104, December 2024 session (Hindi medium).

Questions: 9

Verified: 10 Aug 2026

मुद्रित पृष्ठों की संख्या : 5 BHDC-104

सत्रांत परीक्षा

दिसम्बर, 2024

बी.एच.डी.सी.-104 : आधुनिक हिन्दी कविता

(छायावाद तक)

समय / 3 घण्टे अधिकतय अक / 100

अनिवार्य है।

Q1.निम्नलिखित काव्यांशों में से किन्‍्हीं क्ीन की संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए : 3x12=36

(क) प्रेम में मीन मेष कछू नाहीं। अति ही सरल पंथ यह सूधो छल नहिं जाके माही। हिंसा द्वैष इरखा मल्सर मद स्वारथ की बातै। कबहूँ याके निकट न आवै छल प्रपंच की धातै। सहज सुभाविक रहन प्रेम की प्रीतम सुख सुखकारी। अपनो कोटि कोटि सुख पिय के तिनकहि पर बलिहारी।

(ख) नयन उन्हें हैं निष्ठुर कहते, पर इनसे जो आँसू बहते, सदय हृदय वे कैसे सहते ? गए तरस ही खाते। सखि, वे मुझसे कहकर जाते। दुःखी न हों इस जन के दुःख से उपालम्भ दूँ किस मुख से ? आज अधिक वे भाते।

(ग) जिस निर्जन में सागर लहरी, अम्बर के कानों में गहरी-- निश्छल प्रेम कथा कहती हो तज कोलाहल की अवनी रे। जहाँ साँस-सी जीवन छाया, ढीले अपनी कोमल काया, नील नयन से ढुलकाती हो,

(घ) स्तब्ध ज्योत्सना में जब संसार चकित रहता शिशु-सा नादान, विश्व के पलकों पर सुकुमार विचरते हैं जब स्वप्न अजान, न जाने, नक्षत्रों से कौन निमंत्रण देता मुझको मौन। (ड) अन्य होंगे चरण हारे, और हैं जो लौटते, दे शूल को संकल्प सारे, दुखब्रती निर्माण उन्मद, यह अमरता नापते पद, बाँध देंगे अंक-संसृति से तिमिर में स्वर्ण बेला !

Q2.भारतेन्दुयुगीन हिन्दी काव्य के विकास पर प्रकाश डालिए।

Q3.द्विवेदीयुगीन काव्य की प्रमुख प्रवृत्तियों को रेखांकित कीजिए॥

Q4.मैथिलीशरण गुप्त के काव्य में अभिव्यक्त नारी सम्मान की भावना को स्पष्ट कीजिए।

Q5.रामनरेश त्रिपाठी की काव्यगत विशेषताओं की चर्चा कीजिए॥

Q6.“छायावाद का रचना-विधान' विषय पर एक निबन्ध लिखिए।

Q7.जयशंकर प्रसाद की सौन्दर्य चेतना पर प्रकाश डालिए।

Q8.एक कवि के रूप में महादेवी वर्मा का मूल्यांकन कीजिए।

Q9.निम्नलिखित में से feet af पर टिप्पणियाँ लिखिए : 2x8=16

(क) हरिऔध का महत्व

(ख) निराला की काव्यभाषा

(ग) सुमित्रानंदन पंत

(घ) भारतेन्दु युग की सामाजिक पृष्ठभूमि