BHDC-104 · December 2025 · हिन्दी
IGNOU BHDC-104 December 2025 Previous Year Question Paper (हिन्दी)
BHDC-104
Structured previous year question paper for BHDC-104, December 2025 session (Hindi medium).
Questions: 9
Verified: 10 Aug 2026
मुद्रित पृष्ठों की संख्या : 5 BHDC-104
सन्रांत परीक्षा
दिसम्बर, 2025
बी.एच.डो.सी.-104 : आधुनिक हिन्दी कविता (छायावाद
तक)
समय :३ घण्टे अधिकतम अंक ; 100
नोट: कुल पाँच प्रश्नों के उत्तर दीजिए। पहला प्रश्न अनिवार्य है।
Q1.निम्नलिखित काव्यांशों में से किन्हीं तीन की संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए : 3x12=36 दुखी न हों इस जन के दुःख से, उपालम्भ दूँ मैं किस मुख से ? आज अधिक वे भाते। गये, लौट भी वे आयेंगे, कुछ अपूर्व अनुपम लायेंगे, रोते प्राण उन्हें पायेंगे, पर क्या गाते-गाते ?
(ख) खग-कुल कुल-कुल-सा बोल रहा, किसलय का अंचल डोल रहा, लो यह लतिका भी भर लाई- मधु मुकुल नवल रस गागरी। अधरों में राग अमंद पिये, अलकों में मलयज बंद किये, तू अब तक सोई है आली
(ग) कोई न छायादार पेड़ वह जिसके तले बैठी हुई स्वीकार; श्याम तन, भर बँधा यौवन, नत नयन, प्रिय कर्मरत मन, गुरु हथौड़ा हाथ, करती बार-बार प्रहार- सामने तरु-मालिका अटूटालिका प्राकार।
(घ) प्रथम रश्मि का आना रंगिणी तूने कैसे पहचाना ? कहाँ-कहाँ हे बाल विहंगिनी पाया तूने यह गाना ? सोई थी तू स्व नीड़ में पंखों के सुख में छिपकर, ऊँघ रहे थे, घूम द्वार पर, प्रहरी से जुगनू नाना। (ड) झंझा है दिग्भ्रांत रात की मूर्छा गहरी, आज पुजारी बने, ज्योति का यह लघु प्रहरी, जब तक लौटे दिन की हलचल, तब तक यह जागेगा प्रतिपल, रेखाओं से भर आभा-जल दूत साँझ का इसे प्रभाती तक चलने दो!
Q2.भारतेन्दुयुगीन काव्य की विशेषताएँ बताइए।
Q3.द्विवेदीयुगीन काव्य के अभिव्यंजना-शिल्प पर प्रकाश डालिए।
Q4.मैथिलीशरण गुप्त के इतिहासबोध को रेखांकित कीजिए।
Q5.“प्रिय प्रवास' की अन्तर्वस्तु पर प्रकाश डालिए।
Q6.छायावाद के महत्व Ht Tat BAST |
Q7.जयशंकर प्रसाद के काव्य के प्रमुख स्वरों का संक्षिप्त परिचय दीजिए।
Q8.सुमित्रानंदन पंत के काव्य-शिल्प का विवेचन कीजिए।
Q9.निम्नलिखित में से किन्हीं दो पर टिप्पणियाँ लिखिए :
(क) पंडित बदरीनारायण चौधरी 'प्रेमघन'
(ख) रामनरेश त्रिपाठी
(ग) निराला के काव्य-बिम्ब
(घ) महादेवी वर्मा की वेदनानुभूति