BHDC-104 · December 2020 · हिन्दी
IGNOU BHDC-104 December 2020 Previous Year Question Paper (हिन्दी)
BHDC-104
Structured previous year question paper for BHDC-104, December 2020 session (Hindi medium).
Questions: 9
Verified: 10 Aug 2026
मुद्रित पृष्ठों की संख्या : 4 BHDC-104
बी. ए. ( ऑनर्स ) हिन्दी (बी. ए. एच. डी. एच. )
सत्रांत परीक्षा
दिसम्बर, 2020
बी.एच.डी.सी.-104 : आधुनिक हिन्दी कविता
( छायावाद तक )
समय : 3 घण्टे अधिकवम अक / 100
नोट : ea Wa wea को उत्तर दीजिए। पहला प्रश्न
अनिवार्य हैं।
Q1.निम्नलिखित काव्यांशों में से किन््हीं तीन की सन्दर्भ सहित व्याख्या कीजिए : 12x3=36
(क) तुम्हे तो पतितन ही सों प्रीति। लोकरु बेद विरुद्ध चलाई क्यों यह उलटी रीति। सब विधि जनत हो निश्चय करि तुमसों छिप्यौ न नेक। बेद-पुरान प्रभाव तजन को मेरो यह अविवेक। महा पतित सब धर्म बिवर्जित श्रुतिनिंदक अध-खान। मरजादा ते रहित मनस्वी मानत कहु न प्रभान। जानत भए अजान काहे क्यों रहे तेल दे कान। तुम्हें छोडि जग को नहिं जो मोहि विगर्यो करत बखान।
(ख) बो देती थीं हृदय तल में बीज भावज्ञता का। वे थीं चिन्ता विजित गृह में शांति धारा बहातीं। आटा चींटी विहग गण थे वारि औ-अन्न पाते। देखी जाती सदय उनकी-दृष्टि कौटादि में भी। पत्तों को भी न तरु-वर के वे बृथा तोड़ती थीं। जी से वे थी निरंत रहती भूत-संवर्द्धना में।
(ग) स्वयं सुसज्जित करके क्षण में, प्रियतम को, प्राणों के पण में, क्षात्र-धर्म के नाते। सखि, वे मुझसे कहकर जाते। हुआ न यह भी भाग्य अभागा, किस पर विफल गर्व अब जागा ?
(घ) अमर्त्य वीरपुत्र हो, दृढ़-प्रतिज्ञ सोच लो, प्रशस्त पुण्य पन्थ है--बढ़े चलो, बढ़े चलो। असंख्य कीर्ति-रश्मियाँ, विकीर्ण दिव्य दाह-सी सपूत मातृभूमि के रुको न शूर साहसी। अराति सैन्य सिन्धु में--सुबाड़वाग्नि से जलो। प्रवीर हो जयी बनो-बढ़े चलो, बढ़े चलो॥ (ड) पंथ होने दो अपरिचित पंथ होने दो अपरिचित प्राण रहने दो अकेला! घेर ले छाया अमा बन, आज कज्जल-अश्रुओं में रिमझिम ले यह घिरा घन, और होंगे नयन सूखे, तिल बुझे औ' पलक रुखे, am faa में यहाँ शत विद्युतों में दीप खेला!
Q2.भारतेन्दुयुगीन कविता की भाषा-शैली पर प्रकाश डालिए।
Q3.द्विवेदीयुगीन कविता के स्वरूप को रेखांकित कीजिए।
Q4.छायावाद के विकास में एक कवि के रूप में जयशंकर प्रसाद के महत्व की चर्चा कीजिए।
Q5.मैथिलीशरण गुप्त की कविता में निहित नारी सम्मान की भावना पर प्रकाश डालिए।
Q6.निराला का परिचय देते हुए उनकी काव्य-संवेदना को स्पष्ट कीजिए।
Q7.सुमित्रानंदन पंत की काव्य-चेतना को उद्घाटित कीजिए॥
Q8.महादेवी वर्मा के काव्य के विभिन्न पक्षों की चर्चा कीजिए॥
Q9.निम्नलिखित में से किन्हीं दो पर टिप्पणियाँ लिखिए :
(क) भारतेन्दु हरिश्चन्द्र
(ख) रामनरेश त्रिपाठी के काव्य में प्रकृति
(ग) द्विवेदीयुगीन परिवेश और भारतीय नवजागरण
(घ) छायावाद की पृष्ठभूमि