BHDC-104 · June 2023 · हिन्दी
IGNOU BHDC-104 June 2023 Previous Year Question Paper (हिन्दी)
BHDC-104
Structured previous year question paper for BHDC-104, June 2023 session (Hindi medium).
Questions: 9
Verified: 10 Aug 2026
मुद्रित पृष्ठों की संख्या : 4 BHDC-104
बी. ए. ( ऑनर्स ) हिन्दी (बी. ए. एच. डी. एच. )
सत्रांत परीक्षा
जून, 2028
बी.एच.डी.सी.-104 : आधुनिक हिन्दी कविता
( छायावाद तक )
समय : 3 घण्टे अधिकतम अंक : 100
नोट : कुल पाँच प्रश्नों के उत्तर दीजिए। पहला प्रश्न
अनिवार्य है।
Q1.निम्नलिखित काव्यांशों में से किन्हीं तीन की सन्दर्भ सहित व्याख्या कीजिए : 12x3=36
(क) रहे क्यों एक म्यान असि दोय। जिन नैनन में हरि रस छायो तेहि क्यों भाखे कोय। जा तन-मन मैं रति रहे मोहन तहाँ ग्यान का आवे। चाहो जितनी बात प्रबोधो हाँ को जो पति आवे। अमृत खाइ अब देखि इनारून को मूरख जो भूले। “हरिचंद' ब्रज ले कटली बन काटौ तो फिरि फूले।
(ख) मैं ढूँढता तुझे था जब कुंज और बन में, तू खोजता मुझे था तब दीन के वतन मं, तू आह बन किसी की मुझको पुकारता था। मेरे लिए खड़ा था दुखियों के द्वारा पर तू, मैं बाट जोहता था तेरी किसी चमन में। बन कर किसी के आँसू मेरे लिए बहा तू मैं देखता तुझे था माशूक के बदन में।
(ग) मधुर है स्रोत मधुर है लहरी न है उत्पाद, छटा है छहरी मनोहर झरना कठिन गिरि कहाँ विदारित करना बात कुछ छिपी हुई है गहरी मधुर है स्रोत मधुर है लहरी कल्पनातीत काल की घटना हृदय को लगी अचानक रटना देखकर झरना
(4) वह आता- दो टूक कलेजे के करता पछताता पथ पर आता। पेट-पीठ दोनों मिलकर हैं एक, चल रहा लकुटिया टेक, मुद्ो-भर दाने को-भूख मिटाने को मुँह फटी पुरानी झोली का फैलाता- दो टूक कलेजे के करता पछताता पथ पर आता।
(3) अरे, ये पल्लव बाल। सजा सुमनों के सौरभ हार गूँथते वे उपहार अभी तो हैं ये नवल प्रवाल, नहीं छूटी तरु डाल विश्व पर विस्मित चितवन डाल, हिलाते अधर प्रवाल। न पत्रों का मर्मर संगीत, न पुष्पों का रस, राग, पराग एक अस्फुट, अस्पष्ट, अगीत, सुप्ति की ये स्वनिल मुसकान सरल शिशुओं के शुचि अनुराग, वन्य विहगों के गान।
Q2.भारतेन्दु हरिश्चन्द्र के काव्य की नवीन प्रवृत्तियों की चर्चा कीजिए।
Q3.द्विवेदी युगीन काव्य की प्रमुख विशेषताओं को रेखांकित कौजिए।
Q4.अयोध्यासिंह उपाध्याय 'हरिऔध' के साहित्य की प्रमुख प्रवृत्तियों पर प्रकाश डालिए।
Q5.मैथिलीशरण गुप्त के काव्य में निहित राष्ट्रीय भावना और समाजसुधार के स्वर को उद्घाटित कीजिए।
Q6.छायावाद कौ प्रमुख विशेषताओं की चर्चा कीजिए।
Q7.“प्रसाद का शिल्प-विधान! विषय पर एक निबन्ध लिखिए।
Q8.निराला की प्रमुख कृतियों का परिचय देते हुए उनके काव्य में उपस्थित सांस्कृतिक-सामाजिक नवजागरण के स्वर को चिह्नित कीजिए।
Q9.निम्नलिखित में से किन्हीं दो पर टिप्पणियाँ लिखिए :
(क) पंत की नारी दृष्टि
(ख) महादेवी वर्मा के काव्य में वेदना
(ग) रामनरेश त्रिपाठी का कृतित्व
(घ) राधाचरण गोस्वामी