MHD-15 · June 2010 · हिन्दी

IGNOU MHD-15 June 2010 Previous Year Question Paper (हिन्दी)

हिन्दी उपन्यास-2 (Hindi Novel-2)

Structured previous year question paper for MHD-15, June 2010 session (Hindi medium).

Questions: 6

Verified: 26 Jul 2026

हिन्दी में स्नातकोत्तर उपाधि ( एम.एच.-डी. )

०० हि

a सत्रांत परीक्षा

& जून, 2010

एम.एच.डी.-15 : हिन्दी उपन्यास-2

समय ८2 मण्टे अधिकक्म अंक : 50

नोट: प्रथम प्रश्न अनिवार्य है। शेष प्रश्नों में से किन्हीं तीन के उत्तर

दीजिए।

Q1.निम्नलिखित गद्यांशों में से किन्हीं दो की संदर्भ-सहित व्याख्या कीजिए : 10x2=20

(a) स्त्रियों के जीवन से लज्जा का उतार-चढ़ाव दिन के पहरों में ताप की भाँति होता है। बचपन में लाज की अनुभूति नहीं रहती। जीवन के दूसरे पहर में जब वे अपने शरीर में नारीत्व को पहचानने लगती हैं और जान जाती हैं कि उनके जीवन की परिणति उनकी आकर्षक शक्ति में है तो वे जो आकर्षण के प्रबल माध्यम लाज को बढ़ाने लगती है। यौवन में विवाह से पूर्ण लाज और संकोच की यह अनुभूति और उसका प्रदर्शन भी नवयुवति में अत्यन्त उत्कृष्ट होता है। विवाह के रूप में आकर्षण शक्ति के चरितार्थ हो जाने पर और विवाह की परिणति सन्तान के रूप में हो जाने पर अपने शरीर के सम्बन्ध में स्त्रियों की लाज घटने लगती है।

(b) नजीबा किसी सोच में था-"शाह जी, एक बात कहता हूँ। भला यह कैसे सही हुआ कि ज़मानों पहले यह हुआ था, वह हुआ था! अब कोई चश्मदींद गवाह तो नहीं बैठा हुआ न! पता कैसे लगे यह सच्ची है, झूठी है या यह मिरास ने जोड़ी हुई है।" "नजीबे, वाज़िब सवाल है। होता यह है कि छोटी- बड़ी हकूमतें-सरकार अपने कारनामों-लड़ाइयों- फतेहयात्रियों को महफूज रखने के पूरे इंतजाम करती है। पूरा दफ्तर रखती है। बाकी हमातड़-साथों के लिए यही काम उनकी मिरास कर लेती है। जिस खानदान का कारण ढंग-पज्ज हुआ, मिरास उनकी सात पीढ़ियों तक नाम दोहरा लेगी! सिलसिला चलता रहता है।" (०) ज़मींदार बेचारे वृद्ध हो चुके थे और उन्हें बहुत कष्ट था, वारिस भी हो चुका था अतः भगवान ने उन्हें अपने दरबार में बुला लिया। जमुना पति के बिछोह में धाड़ें मार-मारकर रोयी, चूड़ी-कंगन फोड़ डाले, खाना- पीना छोड़ दिया। अन्त में पड़ोसियों ने समझाया कि छोटा बच्चा है, उसका मुँह देखना चाहिए। जो होना था सो हो गया। काल बली है। उस पर किसका बस चलता है। पड़ोसियों के बहुत समझाने पर जमुना ने आँसू पोंछे। घर-बार सँभाला। इतनी बड़ी कोठी थी, अकेले रहना एक विधवा महिला के लिए अनुचित था, अत: उसने रामधन को एक कोठरी दी और पवित्रता से जीवन व्यतीत करने लगी।

(a) वे देश के पुराने सेवक थे। पिछले महायुद्ध के दिनों में जब देश को जापान से खतरा पैदा हो गया था, उन्होंने सुदूर-पूर्व में लड़ने के लिए बहुत से सिपाही भरती कराये। अब जरूरत पड़ने पर रातोंरात वे अपने राजनीतिक गुट में सैकड़ों सदस्य भरती करा देते थे। पहले भी वे जनता की सेवा जज की इजलास में जूरी और असेसर बनकर, दीवानी के मुकदमों में जायदादों के सिपुर्ददार होकर और गाँव के जमींदारों में लम्बरदार के रूप में करते थे। अब वे कोऑपरेटिव यूनियन के मैनेजिंग डाइरेक्टर और कॉलेज के मैनेजर थे। वास्तव में वे इन पदों पर काम नहीं करना चाहते थे क्योंकि उन्हें पदों का लालच न था। पर उस क्षेत्र में ज़िम्मेदारी के इन कामों को निभानेवाला कोई आदमी ही न था और वहाँ जितने नवयुवक थे, वे पूरे देश के नवयुवकों की तरह निकम्मे थे, इसलिए उन्हें बुढ़ापे में इन पदों को सँभालना

Q2.“झूठा सच' की अंतर्वस्तु का विश्लेषण कीजिए।

Q3.“जिन्दगीनामा' की चारित्रिक विशेषताओं का विवेचन कीजिए।

Q4.“सूरज का सातवाँ घोड़ा' के नारी पात्रों पर प्रकाश डालिए।

Q5.“रागदरबारी ' में प्रयुक्त व्यंग्य के स्वरूप पर प्रकाश डालिए

Q6.निम्नलिखित में से किन्हीं दो पर टिप्पणी लिखिए : 5x2=10

(a) ‘tray’ और 'रूप्पन! (०) “सूरज का सातवाँ घोड़ा' में नवीन शिल्प प्रयोग (७) औपन्यासीक महाकाल के रूप में झूठा-सच