MHD-15 · December 2017 · हिन्दी

IGNOU MHD-15 December 2017 Previous Year Question Paper (हिन्दी)

हिन्दी उपन्यास-2 (Hindi Novel-2)

Structured previous year question paper for MHD-15, December 2017 session (Hindi medium).

Questions: 4

Verified: 26 Jul 2026

हिन्दी में स्नातकोत्तर उपाधि (एम.ए. हिन्दी)

सत्रांत परीक्षा

os7s1i दिसम्बर, 2017

एम.एच.डी.-15 : हिन्दी उपन्यास-2

समय : 2 घण्टे अधिकतम अंक : 60

me: प्रथम ग्रनन अनिवार्य है / शेष ग्रनों में से किन्हीं तीन अर्नों के

उत्तर दीजिए /

Q1.निम्नलिखित गद्यांशों में से किन्हीं ढ्षो की संदर्भ और प्रसंग-सहित व्याख्या कीजिए : 2x10=20

(क) दौलू मामा, तुम लाहौर की कितनी गलियों के कितने बच्चों के मामा थे । तुम उम्र भर रोज़ाना सैकड़ों बच्चों को हँसा-हँसा कर आज उन्हें फूट-फूट कर रोते छोड़ गए हो । इन भोले बच्चों का खिलौना किस ज़ालिम ने छीन लिया ? मामा किसका दुश्मन था ? मामा न यूनियनिस्ट मंत्रिमंडल से मतलब रखता था, न लीग की वज़ारत से । वह तो मानव था, केवल निरीह मानव । उसका ख़ून मानवता का ख़ून है । बेबस मानव का ख़ून है । मानवता के ख़ून की इस प्यास को कौन भड़का रहा है ?

(ख) रियाया जड़ की तरह है और बादशाह दरख़्त की तरह और दरख़्त जड़ से ही मज़बूत होता है । ऐ मेरे प्यारे बेटे, जहाँ तक बन सके, रियाया का दिल मत दुखाना और अगर तू ऐसा करेगा तो अपनी जड़ खोदेगा । बेटा, अगर तुझे नेक राह की ज़रूरत है तो तेरे सामने फ़क़ीरों-परहेज़गारों का रास्ता खुल पड़ा । जिसे यह ख़ौफ़ है कि वह ख़ुद तकलीफ़ न उठाए उसे भला दूसरों का नुकसान क्‍यों पसंद आएगा और अगर उसकी तबीयत में यह आदत नहीं है तो उसके मुल्क में अमन-चैन की बू भी नहीं है ।

(ग) यह सच है, पर जब पूरी व्यवस्था में बेईमानी है तो एक व्यक्ति की ईमानदारी इसी में है कि वह एक व्यवस्था द्वारा लादी गयी सारी नैतिक विकृति को भी अस्वीकार करे और उसके द्वारा आरोपित सारी झूठी मर्यादाओं को भी, क्योंकि दोनों एक ही सिक्‍के के दो पहलू होते हैं । लेकिन हम यह विद्रोह नहीं कर पाते, अत: नतीजा यह होता है कि जमुना की तरह हर परिस्थिति में समझौता करते जाते हैं ।

(घ) वैद्यजी को तब बताया गया कि हमें जनता के सामने आदर्श उपस्थित करना चाहिए । ऐसा न हुआ तो जनता का आचरण बिगड़ जाएगा । वह बिगड़ा तो पूरा देश बिगड़ेगा, वर्तमान बिगड़ेगा और भविष्य बिगड़ेगा । राम ने क्या किया था ? सीता का त्याग किया था कि नहीं तभी हम आज तक रामराज्य की याद करते हैं । त्याग द्वारा भोग करना चाहिए । यही हमारा आदर्श है।

Q2.Goad’ के संदर्भ में विभाजन की त्रासदी और भारतीय लोकतंत्र पर उसके प्रभाव की विवेचना कीजिए । 10 $. >“ज़िन्दगीनामा उपन्यास की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालिए ।.

Q3.'सूरज का सातवाँ घोड़ा” के प्रमुख नारी पात्रों पर विचार कीजिए । -

Q4.राग दरबारी' की भाषा पर विचार करते हुए उसकी व्यंग्य शक्ति का मूल्यांकन कीजिए । 10

(क) “राग दरबारी' के वैद्यजी

(ख) "सूरज का सातवाँ घोड़ा' का औपन्यासिक शिल्प

(ग) >“ज़िन्दगीनामा' में वर्णित परिवेश

(घ) Gora’ A महाकाव्यात्मकता