BHDC-110 · June 2025 · हिन्दी

IGNOU BHDC-110 June 2025 Previous Year Question Paper (हिन्दी)

BHDC-110

Structured previous year question paper for BHDC-110, June 2025 session (Hindi medium).

Questions: 8

Verified: 10 Aug 2026

मुद्रित पृष्ठों की संख्या : 4 BHDC-110

बी. ए. (ऑनर्स) हिन्दी (बी. ए. एच. डी. एच.)

सत्रांत परीक्षा

जून, 2025

बी.एच.डी.सी.-110 : हिन्दी कहानी

समय :3 घण्टे अधिकतम अंक ; 100

नोट: कुल याँच प्रश्नों के उत्तर दीजिए। प्रथम प्रश्न अनिवार्य है।

Q1.निम्नलिखित गद्यांशों में से किन्हीं तीन की सप्रसंग व्याख्या कीजिए : 3x12=36

(क) घोड़े ने अपने स्वामी के पाँवों की चाप को पहचान लिया और जोर से हिनहिनाया। अब बाबा भारती आश्चर्य और प्रसन्नता से दौड़ते हुए अन्दर घुसे और अपने प्यारे घोड़े के गले से लिपटकर रोने लगे मानो कोई पिता बहुत दिन से बिछड़े हुए पुत्र से मिल रहा हो। बार-बार उसकी पीठ पर हाथ फेरते, बार-बार उसके मुँह पर थपकियाँ देते। फिर वे संतोष से बोले, “अब कोई दीन-दुखियों से मुँह न sre”

(ख) “जब मैं अपने हृदय पर विश्वास नहीं कर सकी उसी ने धोखा दिया, तब मैं कैसे कहूँ। मैं तुम्हे घृणा करती हूँ फिर भी तुम्हारे लिए मर सकती हूँ। अँधेर है जलदस्यु। तुम्हें प्यार करती हूँ।”

(ग) “झ्यूबर्ट ही क्यों, वह क्या किसी को चाह सकेगी, उस अनुभूति के संग, जो अब नहीं रही, जो छाया-सी उस पर मंडराती रहती है, न स्वयं मिटती है, न उसे मुक्ति दे पाती है। उसे लगा, जैसे बादलों का झुरमुट फिर उसके मस्तिष्क पर धीरे-धीरे छाने लगा है, उसकी afi fire निर्जीव, शिथिल-सी हो गयी हैं।”

(घ) प्यार ने जोर मारा, एक बार घूम फिर कर पूरा घर क्यों न देख आयी मैं ? जी छोटा हो रहा है, पर जिनके सामने हमेशा बड़ी बनी रही है उनके सामने वह छोटी न होगी, इतना ही ठीक है। बस हो चुका। सिर झुकाया। ड्योढ़ी के आगे कुलवधू की आँखों से निकलकर कुछ बूँदें चू Vet wet wa a, ऊँचा-सा भवन पीछे खड़ा रह गया। (ड) सिद्धेश्ववी भय तथा आतंक से अपने बेटे को ए टक निहार रही थी। कुछ क्षण बीतने के बाद डरते-डरते उसने पूछा, 'वहाँ कुछ हुआ क्या ?' सिद्धेश्वरी चुप रही। धूप और तेज होती जा रही थी। छोटे आँगन के ऊपर आसमान में बादल में एक-दो डुकड़े पाल की नावों की तरह तैर रहे थे। बाहर की गली से गुजरते हुए एक खड़खड़िया इक्के की आवाज आ रही थी। और खटोले पर सोए बालक की साँस का खर्र-खर्र शब्द सुनाई दे रहा था।

Q2.“पिता' कहानी की मूल-संवेदना पर प्रकाश डालिए।

Q3.“ “षड्यंत्र" कहानी दलित जीवन के यथार्थ की करुण अभिव्यक्ति है।” इस कथन को स्पष्ट कीजिए।

Q4.“परिंदे' कहानी का प्रतिपाद्य बताइये।

Q5.“मिस पाल' कहानी के माध्यम से महानगरीय जीवन की यांत्रिकता को स्पष्ट कीजिए।

Q6.हीरामन और हीराबाई के चरित्र की विशेषताएँ बताइये।

Q7.बाबा भारती के चरित्र पर प्रकाश डालिए।

Q8.“ “पूस की रात” कहानी किसान जीवन की मार्मिक और यथार्थवादी कहानी है।”/ इस कथन को विश्लेषित कीजिए।