BHDC-110 · June 2023 · हिन्दी
IGNOU BHDC-110 June 2023 Previous Year Question Paper (हिन्दी)
BHDC-110
Structured previous year question paper for BHDC-110, June 2023 session (Hindi medium).
Questions: 8
Verified: 10 Aug 2026
कुल मुद्रित पृष्ठों की संख्या : BHDC-110
सत्रांत परीक्षा
जून, 2028
बी. एच. डी. सी.-110 : हिन्दी कहानी
समय : 3 घण्टे अधिकतम अंक ; 100
नोट : कुल पाँच प्रश्नों के उत्तर दीजिये। प्रथम प्रश्न
अनिवार्य है। शेष में से किनन््हीं चार प्रश्नों के उत्तर
दीजिये।
Q1.निम्नलिखित गद्यांशों में से किन्हीं तीन की सप्रसंग व्याख्या कीजिये : 12x3=36
(क)जबरा शायद समझ रहा था कि स्वर्ग यही है, और हल्कू की पवित्र आत्मा में तो उस कात्ते के प्रति घृणा की गंध तक न थी। अपने किसी अभिन्न मित्र या भाई को भी वह इतनी ही तत्परता से गले लगाता है। वह अपनी दीनता से आहत न था, जिसने आज उसे इस दशा को पहुँचा दिया। नहीं, इस अनोखी मैत्री ने जेसी उसकी आत्मा के सब द्वार खोल दिये थे और उसका एक-एक अणु प्रकाश से चमक रहा था। 12
(ख)माँ को अपने बेटे और किसान को अपने लहलहाते खेत देखकर जो आनन्द आता है, वही आनन्द बाबा भारती को अपना घोड़ा देखकर आता था। भगवद्-भजन से जो समय बचता, वह घोड़े को अर्पण हो जाता। वह घोड़ा बहुत सुन्दर था, बड़ा बलवान। उसके जोड़ का घोड़ा सारे इलाके में न था। बाबा भारती उसे “सुल्तान” कहकर पुकारते, अपने हाथ से खरहरा कहते, खुद दाना खिलाते आर देख-देखकर प्रसन्न होते थे। उन्होंने रुपया, माल, असबाब, जमीन आदि अपना सब कुछ छोड दिया था, यहाँ तक कि उन्हें नगर के जीवन से भी घृणा थी। 12
(ग) हिरामन का बहुत प्रिय गीत है यह। महुआ घटवारिन गाते समय उसके सामने सावन-भादों की नदी उमड़ने लगती है, अमावस्या की रात और घने बादलों में रह-रहकर बिजली चमक उठती है। उसी चमक म॑ लहरों से लड॒ती हुई बारीकुमारी महुआ की झलक उसे मिल जाती है। सफरी मछली की चाल और तेज हो जाती है। उसको लगता है, वह खुद सौदागर का नौकर है। महुआ कोई बात नहीं सुनती। परतीत करती नहीं। उलटकर देखती भी नहीं। 12
(घ) सिद्धेश्वी भय तक आतंक से अपने बेटे को एकटक निहार रही थी। कुछ क्षण बीतने के बाद डरते-डरते उसने पूछा, “वहाँ कुछ हुआ क्या ?! सिद्धेश्ववी चुप रही। धूप और तेज होती जा रही थी। छोटे आँगन के ऊपर आसमान में बादल में एक-दो टुकड़े पाल की नावों की तरह तैर रहे थे। बाहर की गली से गुजरते हुए एक खड़खडिया इकके की आवाज आ रही थी और खटोले पर सोये बालक की साँस का खर्र-खर्र शब्द सुनाई दे रहा था। 12 (ड)“झ्यूवर्ट ही क्यों, वह क्या किसी को चाह सकेगी, उस अनुभूति के संग, जो अब नहीं रही, जो छाया-सी उसपर मँँडराती रहती हे, न स्वयं मिटती है, न उसे मुक्ति दे पाती है। उसे लगा, जैसे बादलों का झुर्मुट फिर उसके मस्तिष्क पर धीरे-धीरे छाने लगा है, उसकी टाँगें फिर निर्जीव-सी हो गयी हैं।
Q2.हिन्दी कहानी के उद्भव एवं विकास पर प्रकाश डालिये।
Q3.प्रेमचन्द युगीन हिन्दी कहानी की विशेषताओं और प्रमुख कहानीकारों का परिचय प्रस्तुत कौजिये।
Q4.“उसने कहा था! कहानी के पात्रों का चरित्र-चित्रण कीजिये।
Q5.“आकाश द्वोप' कहानी का प्रतिपाद्य लिखते हुए इसक शीर्षक की सार्थकता पर प्रकाश डालिये।
Q6.“हार की जीत” कहानी में खड़ग सिंह घोड़े को क्यों लौटा देता है ? कारण लिखिए।
Q7.‘det कसम” कहानी के आधार पर हीराबाई और हिरामन का चरित्र-चत्रिण कीजिये।
Q8.“सिक्का बदल गया” कहानी का कथासार लिखते हुए इसकी समीक्षा कीजिये।