BHDC-110 · December 2025 · हिन्दी
IGNOU BHDC-110 December 2025 Previous Year Question Paper (हिन्दी)
BHDC-110
Structured previous year question paper for BHDC-110, December 2025 session (Hindi medium).
Questions: 8
Verified: 10 Aug 2026
मुद्रित पृष्ठों की संख्या : 5 BHDC-110
बी. ए. (ऑनर्स) हिन्दी
सत्रांत परीक्षा
दिसम्बर, 2025
बी.एच.डी.सी.-110 : हिन्दी कहानी
समय :3 घण्टे अधिकतम अंक : 100
नोट ; प्रथम प्रश्न अनिवार्य है। शेष में से किन्हीं चार प्रश्नों के
उत्तर दीजिए।
Q1.निम्नलिखित गद्यांशों में से किन्हीं तीन की सप्रसंग व्याख्या कीजिए : 3x12=36
(क) घोड़े ने अपने स्वामी के पाँवों की चाप को पहचान लिया और जोर से हिनहिनाया। अब बाबा भारती आश्चर्य और प्रसन्नता से दौड़ते हुए अन्दर घुसे और अपने प्यारे घोड़े के गले से लिपटकर रोने लगे मानो कोई पिता बहुत दिन से बिछड़े हुए पुत्र से मिल रहा हो। बार-बार उसके मुँह पर थपकियाँ देते। फिर वे संतोष से बोले, “अब कोई दीन-दुखियों से मुँह न
(ख) “जब मैं अपने हृदय पर विश्वास नहीं कर सकी उसी ने धोखा दिया, तब मैं कैसे कहूँ। मैं तुम्हें घृणा करती हूँ, फिर भी तुम्हारे लिए मर सकती हूँ। अँधेर है जलदस्यु। तुम्हे प्यार करती हूँ।”
(ग) “्यूबर्ट ही क्यों, वह क्या किसी को चाह सकेगी, उस अनुभूति के संग, जो ऊब नहीं रही, जो छाया-सी उसी पर मंडराती रहती है, न स्वयं मिटती है, न उसे मुक्ति दे पाती है। उसे लगा, जैसे बादलों का झुरमुट फिर उसके मस्तिष्क पर धीरे-धीरे छाने लगा है, उसकी टाँगें फिर निर्जीव, शिथिल-सी हो गयी हैं।”
(घ) प्यार ने जोर मारा, एक बार घूम-फिर कर पूरा घर क्यों न देख आयी मैं ? जी छोटा हो रहा है, पर जिनके सामने हमेशा बड़ी बनी रही है उनके सामने वह छोटी न होगी, इतना ही ठीक है। बस हो चुका। सिर झुकाया ड्योढ़ी के आगे कुलवधू की आँखों से निकलकर कुछ बूँदें चू पड़ीं। शाहनी चल दी, ऊँचा-सा भवन पीछे खड़ा रह गया। (ड) सिद्धेश्वीी भय तथा आतंक से अपने बेटे को एकटक निहार रही थी। कुछ क्षण बीतने के बाद डरते-डरते उसने पूछा, “वहाँ कुछ हुआ क्या ?! सिद्धेश्वरी चुप रही। धूप और तेज होती जा रही थी। छोटे आँगन के ऊपर आसमान में बादल में एक-दो टुकड़े पाल की नावों की तरह तैर रहे थे। बाहर की गली से गुजरते हुए एक खड़खड़िया इक्के की आवाज आ रही थी और खटोले पर सोए बालक की साँस का खर्र-खर्र शब्द सुनाई दे रहा था।
Q2.‘faa’ कहानी की मूल संवेदना पर प्रकाश डालिए।
Q3."घड॒यंत्र' कहानी दलित जीवन के यथार्थ की करुण अभिव्यक्ति है।” स्पष्ट कीजिए।
Q4.“परिंदे' कहानी का प्रतिपाद्य बताइए।
Q5.“मिस पाल' कहानी के माध्यम से महानगरीय जीवन की यांत्रिकता को स्पष्ट कौजिए।
Q6.हिरामन और हीराबाई के चरित्र की विशेषताएँ बताइए।
Q7.“बाबा भारती के चरित्र का समाजीकरण हुआ है।” स्पष्ट कीजिए।
Q8."पूस की रात” कहानी किसान जीवन की मार्मिक और यथार्थवादी कहानी है।” इस कथन को विश्लेषित कीजिए।