BHDC-110 · December 2022 · हिन्दी
IGNOU BHDC-110 December 2022 Previous Year Question Paper (हिन्दी)
BHDC-110
Structured previous year question paper for BHDC-110, December 2022 session (Hindi medium).
Questions: 8
Verified: 10 Aug 2026
सत्रांत परीक्षा
दिसम्बर , 2022
बी. एच. डी. सी.-110 : हिन्दी कहानी
समय / 3 घण्टे अधिकवम अक / 100
qe: कुल प्राँच प्रश्नों को उत्तर दीजिए। ग्रथय ग्रश्न
अनिवार्य है। शेष में से किन््हीं चार ग्श्नों को उत्तर
दीजिए।
Q1.निम्नलिखित गद्यांशों में से किन्हीं तीन की सप्रसंग व्याख्या कीजिए : 3x12=36
(क) लड़ाई के समय चाँद निकल आया था। ऐसा चाँद जिसके प्रकाश से संस्कृत कवियों का दिया हुआ “क्षयी” नामक सार्थक होता है। और हवा ऐसी चल रही थी, जैसे कि बाणभट्ट की भाषा में “दंतबीणोपदेशाचार्य ” कहलाती।
(ख) उसने जाकर आले पर से रुपए निकाले और लाकर हल्कू के हाथ पर रख दिए। फिर बोली--तुम छोड़ दो अबकी से खेती। मजूरी में सुख से एक रोटी तो खाने को मिलेगी। किसी की धौंस तो न रहेगी। अच्छी खेती है ! मजूरी करके लाओ, वह भी उसी में झोंक दो, उस पर धौंस।
(ग) घोड़े ने अपनी स्वामी के पाँवों की चाप को पहचान लिया और जोर से हिनहिनाया। अब बाबा भारती आश्चर्य और प्रसन्नता से दौड़ते हुए अन्दर घुसे और अपने प्यारे घोड़े के गले से लिपटकर इस प्रकार रोने लगे मानो कोई पिता बहुत दिन से बिछडे हुए पुत्र से मिल रहा हो। बार-बार उसकी पीठ पर हाथ फेरते, बार-बार उसके मुँह पर थपकियाँ देते। फिर वे संतोष से बोले, “अब कोई दीन-दुखियों से मुँह न मोडेगा।”
(घ) “हाँ, यह तो पता था, पर यह नहीं पता था कि कुल्लू के किस हिस्से में हो। अब भी तुम अचानक ही दिखाई दे गईं, नहीं मुझे कहाँ से पता चलता कि तुम इस जंगल को आबाद कर रहे हो ?” (डः) “तुम्हें आर्मी में किसने चुन लिया, मेजर बन गए हो, लेकिन लड़कियों से भी गए-बीते हो, जरा-जरा-सी बात पर चेहरा लाल हो जाता है।” यह सब वह कहती नहीं, सिर्फ सोचती भर थी, सोचा था कभी कहूँगी, वह “कभी' कभी नहीं आया, बुरुस का लाल फूल लाए हो न झूठे खाकी कमीज के जिस जेब पर बैज चिपके थे, उसमें से मुसा हुआ बुरुस का फूल निकल आया। छि; सारा मुरझा गया, अभी खिला कहाँ है ?”
Q2.प्रेमचन्द युगीन हिन्दी कहानी की विशेषताओं और प्रमुख कहानीकारों का परिचय प्रस्तुत कीजिए।
Q3.नयी कहानी के नामकरण और विवाद पर चर्चा करते हुए प्रमुख कहानीकारों पर प्रकाश डालिए।
Q4.“पूस की रात” कहानी का प्रतिपाद्य प्रस्तुत करते हुए उसकी मूल संवेदना पर प्रकाश डालिए।
Q5.'आकाशदीप' कहानी के प्रमुख पात्रों के चरित्र का चित्रण कीजिए।
Q6.‘eR की जीत' कहानी की मूल संवेदना क्या है ? कहानी के शीर्षक की उपयुक्तता समझाइए।
Q7.“तीसरी कसम' कहानी का केन्द्रीय पात्र कौन है ? इस मत के समर्थन में तर्क प्रस्तुत कीजिए।
Q8.“दोपहर का भोजन' कहानी किस वर्ग की समस्याओं पर आधारित है ? विवेचन कीजिए।